नानपुर थाना परिसर में मुहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए शांति समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। अंचलाधिकारी चंदन कुमार ने थानाध्यक्ष देवब्रत कुमार की उपस्थिति में बैठक की अध्यक्षता की। इसमें मुहर्रम जुलूस आयोजन समिति के खलीफाओं सहित दोनों समुदायों के कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। बैठक को संबोधित करते हुए अंचलाधिकारी चंदन कुमार और थानाध्यक्ष देवब्रत कुमार ने स्पष्ट किया कि मुहर्रम जुलूस निकालने वाले सभी अखाड़ों के लिए लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा। बिना लाइसेंस किसी भी अखाड़े को जुलूस निकालने की अनुमति नहीं दी जाएगी। लाइसेंस के लिए आवेदन करते समय रूट चार्ट और जुलूस का निर्धारित समय देना आवश्यक होगा। आवेदनकर्ता को कम से कम 23 सदस्यों के आधार कार्ड और फोटो जमा करने होंगे। साथ ही, जुलूस के समापन स्थल और निर्धारित कर्बला की जानकारी भी आवेदन में देना अनिवार्य होगा। प्रशासन ने डीजे और नशे पर पूर्ण प्रतिबंध की घोषणा की। अधिकारियों ने खलीफाओं से यह सुनिश्चित करने को कहा कि जुलूस में कोई भी व्यक्ति नशे का सेवन न करे और न ही किसी प्रकार के उन्मादी या भड़काऊ नारे लगाए। प्रशासन ने लोगों से मुहर्रम के दौरान किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की। यदि कोई संदिग्ध सूचना मिले तो उसे सोशल मीडिया पर साझा करने के बजाय सीधे प्रशासन या पुलिस से संपर्क कर सत्यापन करने को कहा गया। प्रशासन ने चेतावनी दी कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। बैठक में उपस्थित लोगों ने पर्व को आपसी भाईचारे, शांति और सौहार्द के साथ मनाने का भरोसा दिलाया। इस अवसर पर मुखिया चुन्नू, मुखिया सुजित कुमार, सरपंच पति मोहम्मद सद्दाम, पूर्व मुखिया बाबर अली, विनय कुमार यादव, पंचायत समिति सदस्य मोहम्मद शहजादे, मुखिया पति मोहम्मद जुगनू, पूर्व मुखिया मोहम्मद दुलारे, मुखिया विपिन कुमार यादव, मुखिया पति विकास कुमार और मुखिया पति मोहम्मद नजरें आलम सहित सैकड़ों लोग मौजूद थे।
नानपुर थाना में मुहर्रम को लेकर शांति समिति की बैठक:बिना लाइसेंस नहीं निकलेगा जुलूस, डीजे पर पूर्ण प्रतिबंध
नानपुर थाना परिसर में मुहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए शांति समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। अंचलाधिकारी चंदन कुमार ने थानाध्यक्ष देवब्रत कुमार की उपस्थिति में बैठक की अध्यक्षता की। इसमें मुहर्रम जुलूस आयोजन समिति के खलीफाओं सहित दोनों समुदायों के कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। बैठक को संबोधित करते हुए अंचलाधिकारी चंदन कुमार और थानाध्यक्ष देवब्रत कुमार ने स्पष्ट किया कि मुहर्रम जुलूस निकालने वाले सभी अखाड़ों के लिए लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा। बिना लाइसेंस किसी भी अखाड़े को जुलूस निकालने की अनुमति नहीं दी जाएगी। लाइसेंस के लिए आवेदन करते समय रूट चार्ट और जुलूस का निर्धारित समय देना आवश्यक होगा। आवेदनकर्ता को कम से कम 23 सदस्यों के आधार कार्ड और फोटो जमा करने होंगे। साथ ही, जुलूस के समापन स्थल और निर्धारित कर्बला की जानकारी भी आवेदन में देना अनिवार्य होगा। प्रशासन ने डीजे और नशे पर पूर्ण प्रतिबंध की घोषणा की। अधिकारियों ने खलीफाओं से यह सुनिश्चित करने को कहा कि जुलूस में कोई भी व्यक्ति नशे का सेवन न करे और न ही किसी प्रकार के उन्मादी या भड़काऊ नारे लगाए। प्रशासन ने लोगों से मुहर्रम के दौरान किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की। यदि कोई संदिग्ध सूचना मिले तो उसे सोशल मीडिया पर साझा करने के बजाय सीधे प्रशासन या पुलिस से संपर्क कर सत्यापन करने को कहा गया। प्रशासन ने चेतावनी दी कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। बैठक में उपस्थित लोगों ने पर्व को आपसी भाईचारे, शांति और सौहार्द के साथ मनाने का भरोसा दिलाया। इस अवसर पर मुखिया चुन्नू, मुखिया सुजित कुमार, सरपंच पति मोहम्मद सद्दाम, पूर्व मुखिया बाबर अली, विनय कुमार यादव, पंचायत समिति सदस्य मोहम्मद शहजादे, मुखिया पति मोहम्मद जुगनू, पूर्व मुखिया मोहम्मद दुलारे, मुखिया विपिन कुमार यादव, मुखिया पति विकास कुमार और मुखिया पति मोहम्मद नजरें आलम सहित सैकड़ों लोग मौजूद थे।

