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नालंदा में नीली क्रांति को बढ़ावा देने और किसानों की आय में वृद्धि करने के उद्देश्य से मत्स्य विभाग ने एक नई पहल की है। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धति से मछली पालन के गुर सीखने के लिए जिले के 30 चयनित किसानों का एक दल पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता जाएगा। सात दिनों तक चलने वाले इस प्रशिक्षण दौरे का संपूर्ण वित्तीय भार राज्य सरकार वहन करेगी। सॉल्ट लेक में चलेगा 7 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर जिला मत्स्य पदाधिकारी शंभु प्रसाद ने बताया कि 30 किसानों का यह दल 10 सितंबर को कोलकाता के लिए रवाना होगा। सॉल्ट लेक स्थित प्रतिष्ठित प्रशिक्षण केंद्र में यह आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम 16 सितंबर तक संचालित होगा। इस दौरान मत्स्य विशेषज्ञ किसानों को आधुनिक तकनीक, कम लागत में अधिकतम उत्पादन, जल प्रबंधन और उन्नत किस्म के मत्स्य बीज के चयन की तकनीकी बारीकियों से अवगत कराएंगे। किसानों की सुविधा और मार्गदर्शन के लिए विभाग के अधिकारी भी दल के साथ मौजूद रहेंगे। रहना, खाना और सफर पूरी तरह निशुल्क इस परिभ्रमण और प्रशिक्षण का पूरा खर्च मत्स्य विभाग उठाएगा। किसानों के यात्रा खर्च (आने-जाने), होटल में ठहरने और भोजन की व्यवस्था विभाग की ओर से निशुल्क की गई है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को व्यावहारिक ज्ञान देना और दूसरे राज्यों के सफल मॉडल्स से रूबरू कराकर जिले में मछली उत्पादन की क्षमता को बढ़ाना है। जिला मत्स्य कार्यालय में तुरंत करें संपर्क जिला मत्स्य पदाधिकारी ने जिले के प्रगतिशील और इच्छुक मत्स्य पालकों से अपील की है कि वे इस अवसर का लाभ उठाएं। दल में शामिल होने के लिए इच्छुक किसान बिना किसी देरी के जिला मत्स्य कार्यालय में उपस्थित होकर अपना पंजीकरण करा सकते हैं।
नालंदा के किसान सीखेंगे नीली क्रांति का हुनर:सॉल्ट लेक में 7 दिवसीय मुफ्त प्रशिक्षण: जिले के 30 मत्स्य पालक कोलकाता जाएंगे

