नालन्दा के बिजली उपभोक्ताओं के लिए अपने घर की छत को कमाई का जरिया बनाने और भारी-भरकम बिजली बिल से हमेशा के लिए पीछा छुड़ाने का एक सुनहरा अवसर सामने आया है। छह मई को बिहारशरीफ स्थित विद्युत डिविजन कार्यालय परिसर में एक विशाल सोलर मेले का आयोजन होने जा रहा है, जिसका औपचारिक उद्घाटन जिलाधिकारी कुंदन कुमार करेंगे। यह मेला महज एक प्रदर्शनी भर नहीं है, बल्कि एक ऐसा साझा मंच है जहां बिजली विभाग के अधिकारी, विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि और सोलर पैनल लगाने वाली तमाम पंजीकृत एजेंसियां एक साथ मौजूद रहेंगी। विभाग का मुख्य उद्देश्य पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को जन-जन तक पहुंचाना और उपभोक्ताओं को मौके पर ही ऑन-द-स्पॉट आवेदन के साथ-साथ ऋण की सुविधा उपलब्ध कराना है। अपनी पसंद की सोलर एजेंसी खुद चुन सकेंगे लोग इस मेले की सबसे बड़ी विशेषता इसकी सरलता और पारदर्शिता है। अक्सर उपभोक्ता इस बात को लेकर उलझन में रहते हैं कि सोलर पैनल लगाने के लिए किस एजेंसी का चुनाव करें या बैंक से लोन की प्रक्रिया क्या होगी। मेले में इस समस्या का समाधान करते हुए अलग-अलग काउंटर बनाए जा रहे हैं, जहां उपभोक्ता अपनी पसंद की सोलर एजेंसी खुद चुन सकेंगे। केंद्र सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत उपभोक्ताओं को भारी सब्सिडी का फायदा दिया जा रहा है। यदि कोई व्यक्ति अपने घर पर तीन किलोवाट तक का सोलर पैनल लगवाता है, तो उसे अधिकतम 78 हजार रुपये तक का सरकारी अनुदान मिलेगा। आंकड़ों के लिहाज से देखें तो एक किलोवाट पर 30 हजार और दो किलोवाट पर 60 हजार रुपये की सीधी सब्सिडी दी जा रही है। वित्तीय बाधाओं को दूर करने के लिए बैंकों ने भी बेहद उदार शर्तें रखी हैं। अगर किसी उपभोक्ता के पास पैनल लगवाने के लिए एकमुश्त राशि नहीं है, तो बैंक मात्र पांच से छह फीसदी की बेहद कम ब्याज दर पर लोन मुहैया कराएंगे। कागजी कार्रवाई की कोई आवश्यकता नहीं सबसे राहत की बात यह है कि दो लाख रुपये तक के ऋण के लिए सिबिल स्कोर या जटिल कागजी कार्रवाई की कोई आवश्यकता नहीं होगी। केवल पहचान पत्र, फोटो, घर की रसीद और बिजली बिल के आधार पर ऋण प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी। विभाग ने बुजुर्गों का भी ख्याल रखा है, जहां 60 साल से अधिक उम्र के लोग अपने उत्तराधिकारियों के नाम पर लोन लेकर इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। आर्थिक दृष्टिकोण से यह सौदा उपभोक्ताओं के लिए काफी मुनाफे वाला साबित होने वाला है। विशेषज्ञों का मानना है कि सोलर पैनल पर किया गया निवेश महज चार साल के भीतर बिजली की बचत के रूप में वापस मिल जाता है। उदाहरण के तौर पर, एक किलोवाट का पैनल लगाने पर साल भर में करीब 8,400 रुपये की बचत होती है, जबकि इसकी वारंटी 25 साल तक की होती है। साथ ही, पैनल लगाने वाली संबंधित एजेंसी पांच साल तक मुफ्त मेंटेनेंस की सुविधा भी देगी। अधीक्षण अभियंता मनीषकांत के अनुसार, इस मेले के जरिए लोग न केवल बिजली बिल शून्य कर सकेंगे, बल्कि ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर भी बनेंगे। विभाग ने जिले भर के उपभोक्ताओं से इस अवसर का फायदा उठाने की अपील की है।
नालंदा के लोगों को बिजली बिल से मिल सकती मुक्ति:छह मई को लगेगा सोलर मेला, ऑन-द-स्पॉट कर सकेंगे अप्लाई, लोन की सुविधा भी मिलेगी
नालन्दा के बिजली उपभोक्ताओं के लिए अपने घर की छत को कमाई का जरिया बनाने और भारी-भरकम बिजली बिल से हमेशा के लिए पीछा छुड़ाने का एक सुनहरा अवसर सामने आया है। छह मई को बिहारशरीफ स्थित विद्युत डिविजन कार्यालय परिसर में एक विशाल सोलर मेले का आयोजन होने जा रहा है, जिसका औपचारिक उद्घाटन जिलाधिकारी कुंदन कुमार करेंगे। यह मेला महज एक प्रदर्शनी भर नहीं है, बल्कि एक ऐसा साझा मंच है जहां बिजली विभाग के अधिकारी, विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि और सोलर पैनल लगाने वाली तमाम पंजीकृत एजेंसियां एक साथ मौजूद रहेंगी। विभाग का मुख्य उद्देश्य पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को जन-जन तक पहुंचाना और उपभोक्ताओं को मौके पर ही ऑन-द-स्पॉट आवेदन के साथ-साथ ऋण की सुविधा उपलब्ध कराना है। अपनी पसंद की सोलर एजेंसी खुद चुन सकेंगे लोग इस मेले की सबसे बड़ी विशेषता इसकी सरलता और पारदर्शिता है। अक्सर उपभोक्ता इस बात को लेकर उलझन में रहते हैं कि सोलर पैनल लगाने के लिए किस एजेंसी का चुनाव करें या बैंक से लोन की प्रक्रिया क्या होगी। मेले में इस समस्या का समाधान करते हुए अलग-अलग काउंटर बनाए जा रहे हैं, जहां उपभोक्ता अपनी पसंद की सोलर एजेंसी खुद चुन सकेंगे। केंद्र सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत उपभोक्ताओं को भारी सब्सिडी का फायदा दिया जा रहा है। यदि कोई व्यक्ति अपने घर पर तीन किलोवाट तक का सोलर पैनल लगवाता है, तो उसे अधिकतम 78 हजार रुपये तक का सरकारी अनुदान मिलेगा। आंकड़ों के लिहाज से देखें तो एक किलोवाट पर 30 हजार और दो किलोवाट पर 60 हजार रुपये की सीधी सब्सिडी दी जा रही है। वित्तीय बाधाओं को दूर करने के लिए बैंकों ने भी बेहद उदार शर्तें रखी हैं। अगर किसी उपभोक्ता के पास पैनल लगवाने के लिए एकमुश्त राशि नहीं है, तो बैंक मात्र पांच से छह फीसदी की बेहद कम ब्याज दर पर लोन मुहैया कराएंगे। कागजी कार्रवाई की कोई आवश्यकता नहीं सबसे राहत की बात यह है कि दो लाख रुपये तक के ऋण के लिए सिबिल स्कोर या जटिल कागजी कार्रवाई की कोई आवश्यकता नहीं होगी। केवल पहचान पत्र, फोटो, घर की रसीद और बिजली बिल के आधार पर ऋण प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी। विभाग ने बुजुर्गों का भी ख्याल रखा है, जहां 60 साल से अधिक उम्र के लोग अपने उत्तराधिकारियों के नाम पर लोन लेकर इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। आर्थिक दृष्टिकोण से यह सौदा उपभोक्ताओं के लिए काफी मुनाफे वाला साबित होने वाला है। विशेषज्ञों का मानना है कि सोलर पैनल पर किया गया निवेश महज चार साल के भीतर बिजली की बचत के रूप में वापस मिल जाता है। उदाहरण के तौर पर, एक किलोवाट का पैनल लगाने पर साल भर में करीब 8,400 रुपये की बचत होती है, जबकि इसकी वारंटी 25 साल तक की होती है। साथ ही, पैनल लगाने वाली संबंधित एजेंसी पांच साल तक मुफ्त मेंटेनेंस की सुविधा भी देगी। अधीक्षण अभियंता मनीषकांत के अनुसार, इस मेले के जरिए लोग न केवल बिजली बिल शून्य कर सकेंगे, बल्कि ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर भी बनेंगे। विभाग ने जिले भर के उपभोक्ताओं से इस अवसर का फायदा उठाने की अपील की है।


