Thursday, May 14, 2026

Top 5 This Week

Related Posts

नालंदा के 136 सरकारी स्कूलों में आईसीटी लैब शुरू नहीं:25 मार्च तक का अल्टीमेटम, एसपीडी ने दी राशि वापस लौटने की चेतावनी


सरकारी स्कूलों को निजी विद्यालयों के समकक्ष खड़ा करने और छात्रों को तकनीक से जोड़ने की महत्वाकांक्षी योजना विभागीय सुस्ती की भेंट चढ़ती नजर आ रही है। राज्य के सरकारी स्कूलों में सूचना और संचार प्रौद्योगिकी प्रयोगशाला (आईसीटी लैब) स्थापित करने की समय सीमा 13 मार्च को समाप्त हो गई, लेकिन अब भी नालंदा के 136 समेत प्रदेश के 1,341 चिह्नित स्कूलों में ताले लटके हैं। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए राज्य परियोजना निदेशक (एसपीडी) विनोद कुमार ने नाराजगी जताते हुए नालंदा डीईओ आनंद विजय समेत सभी संबंधित जिलों को लेटर जारी किया है। 25 मार्च तक का अल्टीमेटम एसपीडी ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि आगामी 25 मार्च तक हर हाल में लैब स्थापित कर उन्हें संचालन के योग्य बनाया जाए। अगर इस अंतिम तिथि तक कार्य पूर्ण नहीं होता है, तो आवंटित राशि वापस लौट जाएगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला शिक्षा विभाग की होगी। वार्षिक शिक्षा बजट 2025-26 के तहत राज्य के 2,082 स्कूलों का चयन इस विशेष लैब के लिए किया गया था। इनमें 700 से अधिक छात्र संख्या वाले 555 स्कूल और मध्यम नामांकन वाले 1,698 स्कूल शामिल थे। नालंदा के हालत चिंताजनक आंकड़ों की बात करें तो जिले की स्थिति काफी चिंताजनक है। जिले के 114 स्कूलों में लैब के लिए आवश्यक कंप्यूटर, प्रोजेक्टर और अन्य उपकरण पहुंचा दिए गए थे, लेकिन इनमें से महज 21 स्कूलों में ही लैब की स्थापना हो सकी है। पड़ोसी जिले शेखपुरा का हाल इससे भी बुरा है, जहां 25 चयनित स्कूलों में सामान उपलब्ध होने के बावजूद एक भी स्कूल में लैब शुरू नहीं की जा सकी है। इन लैब का मुख्य उद्देश्य छात्रों को कोडिंग, प्रोग्रामिंग और डिजिटल साक्षरता प्रदान करना है, ताकि डिजिटल विभाजन को पाटा जा सके। स्मार्ट क्लास की योजना भी अधर में लैब के साथ-साथ स्मार्ट क्लास परियोजना की रफ्तार भी काफी धीमी है। सूबे के विभिन्न प्रारंभिक, माध्यमिक और कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में कुल 14,960 स्मार्ट क्लास की स्वीकृति दी गई थी। हालांकि, 14,940 स्कूलों तक सामान की आपूर्ति कर दी गई, लेकिन वर्तमान में केवल 13,423 क्लास ही धरातल पर उतर पाई हैं। पूरे प्रदेश में अब भी 1,523 स्मार्ट क्लास का काम अटका हुआ है। नालंदा में भी 490 स्वीकृत क्लास के मुकाबले केवल 483 ही तैयार हो सकी हैं। विभाग ने अब 25 मार्च को अंतिम ‘डेडलाइन’ मानते हुए युद्धस्तर पर काम पूरा करने का अल्टीमेटम दिया है।

Spread the love

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Popular Articles