नालंदा में चोरों ने शुक्रवार की रात पुलिसिया गश्ति को खुली चुनौती देते हुए एक ही गांव के 6 घरों को अपना निशाना बनाया। चोरों का दुस्साहस ऐसा था कि परिवार के लोग बगल के कमरों में गहरी नींद में सोते रहे और उन्होंने इत्मीनान से लाखों रुपये मूल्य के सोने-चांदी के जेवरात व नकदी पर हाथ साफ कर दिया। यह घटना सूरजपुर गांव की है, जबकि पड़ोस के सारिलचक गांव में भी चोरों ने चोरी का प्रयास किया। एक ही रात में छह घरों का टूटा ताला सूरजपुर गांव निवासी पीड़ित शंभु पासवान ने बताया कि शुक्रवार की रात उनका पूरा परिवार घर में सो रहा था। इसी बीच चोरों ने घर में घुसकर गोदरेज का लॉकर तोड़ दिया और करीब 15 लाख रुपये मूल्य के बेशकीमती जेवरात व अन्य कीमती सामान उड़ा लिए। शंभु पासवान के घर के अलावा चोरों ने गांव के पांच अन्य घरों को भी निशाना बनाया है। अश्विनी कुमार के घर से दो मोबाइल फोन की चोरी,पवन राम के घर से बक्से में रखे 10 हजार रुपये नकद, रामलगन यादव के घर से बंद बक्से का ताला तोड़कर 7 हजार रुपये की चोरी हुई है। जबकि मोहन यादव के घर से 3 हजार रुपये नकद उड़ाए गए हैं। शोर मचने पर खुली पोल, भाग निकले चोर ग्रामीणों के मुताबिक, देर रात करीब दो बजे किसी के भागने की आहट सुनकर एक गृहस्वामी की नींद खुल गई। जब उसने घर का सामान बिखरा देखा तो शोर मचाया। शोर सुनकर पूरे गांव के लोग जाग गए। आनन-फानन में जब लोगों ने अपने घरों की जांच की, तब जाकर पता चला कि एक के बाद एक कुल छह घरों में चोरी हो चुकी है। गश्ती पुलिस पर अनदेखी का आरोप इस घटना के बाद ग्रामीणों में पुलिस प्रशासन के प्रति भारी आक्रोश है। पीड़ितों का आरोप है कि वारदात के बाद जब वे लोग आसपास चोरों की तलाश कर रहे थे, उसी समय स्थानीय पुलिस की गश्ती गाड़ी वहां से गुजरी। ग्रामीणों ने पुलिस गाड़ी को रोकने का इशारा किया, ताकि तुरंत सूचना दी जा सके, लेकिन पुलिसकर्मी गाड़ी रोकने के बजाय सीधे आगे निकल गए। गांव की महिलाओं का कहना है कि इलाके में देर रात तक असामाजिक तत्वों और शराबियों का जमावड़ा लगा रहता है। महज एक सप्ताह पहले भी गांव के तीन घरों को चोरों ने निशाना बनाया था और पुलिस को सीसीटीवी फुटेज भी दी गई थी, लेकिन प्रशासन की सुस्ती के कारण चोरों का मनोबल लगातार बढ़ता जा रहा है। रंगे हाथों पकड़ाया चोर, पर अंधेरे का फायदा उठाकर फरार चोरी की दूसरी वारदात सारिलचक गांव में हुई। यहां चोरों ने जितेंद्र चौधरी के घर में सेंधमारी का प्रयास किया। हालांकि, परिजनों की नींद खुल गई और उन्होंने एक चोर को रंगे हाथों पकड़ भी लिया। लेकिन वह किसी तरह हाथ छुड़ाकर अंधेरे का फायदा उठाते हुए भागने में सफल रहा। पीड़ित जितेंद्र चौधरी ने बताया कि ठीक एक सप्ताह पहले भी उनके बंद घर का ताला तोड़कर चोरों ने लाखों के जेवरात उड़ा लिए थे, जब वे इलाज के लिए दिल्ली एम्स गए हुए थे। उस मामले में भी पुलिस अब तक खाली हाथ है। थानाध्यक्ष प्रमोद कुमार ने बताया कि पीड़ितों की ओर से आवेदन मिला हुआ है। पुलिस मामले को पूरी गंभीरता से ले रही है। चोरी की इन घटनाओं की जांच के लिए एक विशेष टीम जुटी हुई है और संदिग्ध ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। जल्द ही इस पूरे मामले का खुलासा कर लिया जाएगा।
नालंदा में चोर ने 6 घर को बनाया निशाना:15 लाख के जेवरात सहित कैश लेकर भागे; पुलिस की गश्ती पर अनदेखी का आरोप
नालंदा में चोरों ने शुक्रवार की रात पुलिसिया गश्ति को खुली चुनौती देते हुए एक ही गांव के 6 घरों को अपना निशाना बनाया। चोरों का दुस्साहस ऐसा था कि परिवार के लोग बगल के कमरों में गहरी नींद में सोते रहे और उन्होंने इत्मीनान से लाखों रुपये मूल्य के सोने-चांदी के जेवरात व नकदी पर हाथ साफ कर दिया। यह घटना सूरजपुर गांव की है, जबकि पड़ोस के सारिलचक गांव में भी चोरों ने चोरी का प्रयास किया। एक ही रात में छह घरों का टूटा ताला सूरजपुर गांव निवासी पीड़ित शंभु पासवान ने बताया कि शुक्रवार की रात उनका पूरा परिवार घर में सो रहा था। इसी बीच चोरों ने घर में घुसकर गोदरेज का लॉकर तोड़ दिया और करीब 15 लाख रुपये मूल्य के बेशकीमती जेवरात व अन्य कीमती सामान उड़ा लिए। शंभु पासवान के घर के अलावा चोरों ने गांव के पांच अन्य घरों को भी निशाना बनाया है। अश्विनी कुमार के घर से दो मोबाइल फोन की चोरी,पवन राम के घर से बक्से में रखे 10 हजार रुपये नकद, रामलगन यादव के घर से बंद बक्से का ताला तोड़कर 7 हजार रुपये की चोरी हुई है। जबकि मोहन यादव के घर से 3 हजार रुपये नकद उड़ाए गए हैं। शोर मचने पर खुली पोल, भाग निकले चोर ग्रामीणों के मुताबिक, देर रात करीब दो बजे किसी के भागने की आहट सुनकर एक गृहस्वामी की नींद खुल गई। जब उसने घर का सामान बिखरा देखा तो शोर मचाया। शोर सुनकर पूरे गांव के लोग जाग गए। आनन-फानन में जब लोगों ने अपने घरों की जांच की, तब जाकर पता चला कि एक के बाद एक कुल छह घरों में चोरी हो चुकी है। गश्ती पुलिस पर अनदेखी का आरोप इस घटना के बाद ग्रामीणों में पुलिस प्रशासन के प्रति भारी आक्रोश है। पीड़ितों का आरोप है कि वारदात के बाद जब वे लोग आसपास चोरों की तलाश कर रहे थे, उसी समय स्थानीय पुलिस की गश्ती गाड़ी वहां से गुजरी। ग्रामीणों ने पुलिस गाड़ी को रोकने का इशारा किया, ताकि तुरंत सूचना दी जा सके, लेकिन पुलिसकर्मी गाड़ी रोकने के बजाय सीधे आगे निकल गए। गांव की महिलाओं का कहना है कि इलाके में देर रात तक असामाजिक तत्वों और शराबियों का जमावड़ा लगा रहता है। महज एक सप्ताह पहले भी गांव के तीन घरों को चोरों ने निशाना बनाया था और पुलिस को सीसीटीवी फुटेज भी दी गई थी, लेकिन प्रशासन की सुस्ती के कारण चोरों का मनोबल लगातार बढ़ता जा रहा है। रंगे हाथों पकड़ाया चोर, पर अंधेरे का फायदा उठाकर फरार चोरी की दूसरी वारदात सारिलचक गांव में हुई। यहां चोरों ने जितेंद्र चौधरी के घर में सेंधमारी का प्रयास किया। हालांकि, परिजनों की नींद खुल गई और उन्होंने एक चोर को रंगे हाथों पकड़ भी लिया। लेकिन वह किसी तरह हाथ छुड़ाकर अंधेरे का फायदा उठाते हुए भागने में सफल रहा। पीड़ित जितेंद्र चौधरी ने बताया कि ठीक एक सप्ताह पहले भी उनके बंद घर का ताला तोड़कर चोरों ने लाखों के जेवरात उड़ा लिए थे, जब वे इलाज के लिए दिल्ली एम्स गए हुए थे। उस मामले में भी पुलिस अब तक खाली हाथ है। थानाध्यक्ष प्रमोद कुमार ने बताया कि पीड़ितों की ओर से आवेदन मिला हुआ है। पुलिस मामले को पूरी गंभीरता से ले रही है। चोरी की इन घटनाओं की जांच के लिए एक विशेष टीम जुटी हुई है और संदिग्ध ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। जल्द ही इस पूरे मामले का खुलासा कर लिया जाएगा।


