Friday, May 22, 2026

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नालंदा में मिड-डे मील खाकर बच्चे बीमार:डीईओ का बड़ा एक्शन, 10 शिक्षकों और BSS से शो-कॉज; अज्ञात पर केस दर्ज


नालंदा जिले के नगरनौसा प्रखंड अंतर्गत मध्य विद्यालय कैला में बुधवार को मध्याह्न भोजन (मिड-डे मील) खाने से कई छात्र-छात्राओं की अचानक तबीयत बिगड़ गई। एक छात्र की थाली में संदेहास्पद ‘सफेद रंग की गोली’ मिलने से स्कूल परिसर में हड़कंप मच गया था। खाना खाते ही बच्चों ने सिर चकराने और अस्वस्थ महसूस होने की शिकायत की, जिसके बाद आनन-फानन में एम्बुलेंस बुलाकर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं, गुरुवार को भी दो-तीन बच्चों की तबीयत दोबारा बिगड़ने के बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाना पड़ा। इस गंभीर हादसे के बाद शिक्षा विभाग पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। जिला शिक्षा पदाधिकारी, नालंदा ने विद्यालय प्रशासन और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई शुरू करते हुए प्रभारी प्रधानाध्यापिका सहित 10 शिक्षकों और प्रखंड साधन सेवी (BSS) से स्पष्टीकरण मांगा है। दोपहर 11 बजे अचानक बिगड़े हालात बुधवार सुबह करीब 09:10 बजे विद्यालय के कक्षा 1 से 5 तक के कुल 189 छात्र-छात्राओं को मध्याह्न भोजन परोसा गया था। भोजन करने के दौरान ही एक छात्र को अपने खाने में सफेद रंग की एक संदिग्ध गोली मिली। छात्र ने तुरंत इसकी सूचना विशिष्ट शिक्षक नवल किशोर पासवान को दी। शिक्षक ने जब यह बात प्रभारी प्रधानाध्यापिका रजनी कुमारी को बताई, तो उन्होंने तुरंत भोजन वितरण रुकवा दिया। लेकिन तब तक भोजन कर चुके कई बच्चों ने सिर चकराने और बेचैनी की शिकायत शुरू कर दी थी। प्रशासन की मुस्तैदी से टला बड़ा हादसा मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रभारी प्रधानाध्यापिका ने तुरंत ‘डायल 102’ पर कॉल कर एम्बुलेंस बुलाई। बीमार बच्चों को तुरंत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नगरनौसा और चंडी भेजा गया। सूचना मिलते ही प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (BEO) राजीव रंजन तिवारी, जो उस समय राजगीर मलमास मेला में प्रतिनियुक्ति पर थे, तुरंत मध्य विद्यालय कैला पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। डॉक्टरों की त्वरित देखरेख के कारण सभी बच्चों की स्थिति में सुधार हुआ, जिसके बाद उन्हें सुरक्षित घर भेज दिया गया। फिलहाल सभी बच्चे सुरक्षित हैं। जांच में हुआ नियमों की घोर अनदेखी का खुलासा हादसे के बाद जब जांच कराई गई, तो विद्यालय प्रबंधन की बेहद चौंकाने वाली लापरवाही सामने आई। शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव के पत्रांक 328 के तहत मिड-डे मील योजना में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सख्त निर्देश जारी किए गए थे। नियम के मुताबिक, प्रतिदिन भोजन परोसने के बाद एक निर्धारित प्रपत्र (प्रमाण-पत्र) तैयार करना अनिवार्य है, जिस पर प्रधानाध्यापक के साथ-साथ विद्यालय में उपस्थित सभी शिक्षकों के हस्ताक्षर होने आवश्यक हैं। जांच में पाया गया कि विद्यालय में पदस्थापित कुल 10 शिक्षकों में से केवल कुछेक ने ही दैनिक प्रमाण-पत्र पर हस्ताक्षर किए थे। इतना ही नहीं, विद्यालय में पिछले महीनों के भी प्रमाण-पत्र संधारित (प्रिजर्व) नहीं पाए गए, जो सीधे तौर पर विभागीय आदेशों की घोर अवहेलना को दर्शाता है। वेतन कटौती और चयनमुक्ति की लटकी तलवार जिला शिक्षा पदाधिकारी आनंद विजय ने इस लापरवाही को अत्यंत संवेदनशीलता से लेते हुए विद्यालय की प्रभारी प्रधानाध्यापिका और वहां कार्यरत सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं को तत्काल प्रभाव से कारण बताओ (शो-कॉज़) नोटिस जारी किया है। विभाग ने पूछा है कि नियम का उल्लंघन करने और हस्ताक्षर न करने वाले शिक्षकों को उस तिथि के लिए अनुपस्थित मानते हुए क्यों न उनके वेतन की कटौती की जाए। इसके साथ ही, नगरनौसा के प्रखंड साधन सेवी (BSS), मध्याह्न भोजन योजना, राकेश रंजन पर भी गाज गिरी है। कमजोर मॉनिटरिंग और लापरवाही बरतने के कारण उनसे 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने की स्थिति में उन्हें सेवा से हटाने (चयनमुक्ति) की सख्त चेतावनी दी गई है। अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज जिला शिक्षा पदाधिकारी के निर्देशानुसार प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी राजीव रंजन तिवारी ने नगरनौसा थाना में लिखित आवेदन देकर अज्ञात शरारती तत्वों के खिलाफ सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है कि बच्चों के निवाले में वह संदेहास्पद सफेद गोली कहां से और कैसे पहुंची। जिले भर के स्कूलों के लिए अलर्ट जारी इस घटना से सबक लेते हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी ने जिले के सभी प्रधानाध्यापकों और प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को कड़ा रुख अपनाते हुए सचेत किया है। उन्होंने निर्देश दिया है कि भविष्य में ऐसी किसी भी घटना को रोकने के लिए निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। विभाग ने साफ कर दिया है कि बिना विधिवत हस्ताक्षरित दैनिक प्रपत्र के मध्याह्न भोजन का कोई भी बिल पास नहीं होगा, और गलत रिपोर्ट पर सहमति देने वाले सभी शिक्षकों पर सामूहिक कार्रवाई की जाएगी। इस कड़े रुख से पूरे जिले के शिक्षा महकमे में हड़कंप मच गया है।

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