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बिहार लोक सेवा आयोग की ओर से आयोजित होने वाली अभियोजन पदाधिकारी प्रारंभिक प्रतियोगिता परीक्षा को लेकर नालंदा जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। उप विकास आयुक्त रंजन कुमार चौधरी ने संबंधित पदाधिकारियों और दंडाधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि परीक्षा के दौरान किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हर हाल में परीक्षा को शुचितापूर्ण वातावरण में संपन्न कराना सुनिश्चित किया जाएगा। इस परीक्षा का आयोजन 15 जुलाई 2026(बुधवार) को किया जा रहा है। परीक्षा दो पालियों में आयोजित होगी, जिसमें पहली पाली सुबह 10:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 2:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक निर्धारित है। जिला मुख्यालय बिहारशरीफ में कुल 12 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां कुल 6744 परीक्षार्थी शामिल होंगे। परीक्षा को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं। प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर एक ऑब्जर्वर, दो स्टैटिक दंडाधिकारी और संबंधित पुलिस पदाधिकारियों की तैनाती की गई है। पूरी प्रशासनिक व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए कुल 24 स्टैटिक दंडाधिकारी, 6 जोनल सह-गश्ती दल दंडाधिकारी और 3 वरीय पदाधिकारी उड़नदस्ता दल के रूप में तैनात किए गए हैं, जो परीक्षा केंद्रों का निरंतर भ्रमण करेंगे। सभी स्टैटिक दंडाधिकारी, प्रेक्षक और पुलिस बल को परीक्षा शुरू होने से तीन घंटे पूर्व यानी सुबह 7:00 बजे तक अपने प्रतिनियुक्ति स्थल पर अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया है। 500 गज के दायरे में निषेधाज्ञा लागू परीक्षार्थियों के लिए स्पष्ट निर्देश है कि परीक्षा शुरू होने से एक घंटा पूर्व तक ही उन्हें केंद्र में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी, जिसके बाद किसी को प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। परीक्षा हॉल में मोबाइल फोन या किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाना पूरी तरह वर्जित है। कदाचार पर नकेल कसने के लिए सभी केंद्रों पर पूरे समय वीडियोग्राफी कराई जाएगी, साथ ही केंद्रों के 500 गज की परिधि में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू रहेगी। जिला स्तर पर नियंत्रण कक्ष स्थापित
परीक्षा के सुगम संचालन और किसी भी आपात स्थिति के लिए जिला स्तर पर एक नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है, जिसका टोल-फ्री नंबर 18003456323 है। जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (शिक्षा) को इसका वरीय प्रभारी नामित किया गया है। इसके अतिरिक्त, जिला मुख्यालय में सुगम यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए अलग से दंडाधिकारियों और पुलिस बल की तैनाती की गई है, ताकि परीक्षार्थियों और आम नागरिकों को असुविधा न हो। प्रशासन ने सभी प्रतिनियुक्त अधिकारियों को आयोग के निर्देशों का अक्षरश: पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।

