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नालंदा के सरमेरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की मुफ्त व्यवस्था पर अवैध वसूली का साया मंडराता दिख रहा है। केंद्र में पदस्थापित एएनएम नीतू कुमारी की की ओर से नवजात को बीसीजी का टीका लगाने के नाम पर परिजनों से 200 रुपए लेने का गंभीर मामला सामने आया है। इस कथित वसूली से जुड़े दो वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। सोशल मीडिया पर प्रसारित 16 सेकंड और 23 सेकंड की वीडियो क्लिप में स्पष्ट देखा जा सकता है कि अस्पताल में टीकाकरण के लिए पहुंची महिलाओं से ड्यूटी पर तैनात एएनएम टीका लगाने के बाद रुपये ले रही है। बताया जा रहा है कि यह वायरल वीडियो 25 सितंबर की घटना का है। सरकारी प्रावधान के अनुसार सभी प्राथमिक टीके पूरी तरह निःशुल्क हैं, ऐसे में खुलेआम पैसे लेने की घटना से स्वास्थ्य व्यवस्था की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रभारी ने मांगा स्पष्टीकरण, वरीय अधिकारियों को भेजी रिपोर्ट मामले के तूल पकड़ने के बाद सीएचसी सरमेरा प्रशासन हरकत में आया है। स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. अजीत ने बताया कि सोशल मीडिया से प्राप्त वीडियो के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि संबंधित एएनएम नीतू कुमारी से इस मामले में लिखित स्पष्टीकरण मांगा गया है। साथ ही पूरे घटनाक्रम से जिले के वरीय अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है।जांच रिपोर्ट आने के बाद विभागीय स्तर पर दोषी स्वास्थ्य कर्मी के विरुद्ध अग्रतर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। सरकारी अस्पतालों में सभी टीके पूरी तरह मुफ्त बिहार के सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में नवजात शिशुओं, बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं के लिए संपूर्ण टीकाकरण सेवा पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग के स्पष्ट निर्देश हैं कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों , सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, अनुमंडलीय अस्पतालों व सदर अस्पतालों में सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम के तहत दी जाने वाली किसी भी वैक्सीन के लिए मरीजों या परिजनों से एक भी रुपया नहीं लिया जा सकता। किसी भी स्तर पर पैसे की मांग करना सीधे तौर पर अवैध और दंडात्मक है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, सरकारी केंद्रों पर बच्चों को जन्म के समय से ही बीसीजी, पोलियो, हेपेटाइटिस-बी, पेंटावेलेंट, रोटावायरस, पीसीवी, एमआर (खसरा-रूबेला) और जापानी इन्सेफेलाइटिस जैसी 12 गंभीर व जानलेवा बीमारियों से बचाव के टीके मुफ्त लगाए जाते हैं। गर्भवती महिलाओं को टिटनेस व डिप्थीरिया से सुरक्षित रखने के लिए टीडी का टीका भी बिना किसी शुल्क के दिया जाता है। इसके अलावा आपातकालीन स्थिति में कुत्ता काटने पर एंटी-रेबीज वैक्सीन (एआरवी) की सुविधा भी सरकारी स्तर पर मुफ्त उपलब्ध है। टीकाकरण की ट्रैकिंग और डिजिटल प्रमाण पत्र के लिए यू-विन पोर्टल की व्यवस्था प्रभावी रूप से लागू है।
नालंदा- सरमेरा सीएचसी में टीके के एवज में वसूली:एएनएम ने बीसीजी के इंजेक्शन के नाम पर 200-200 रुपए लिए, प्रभारी ने मांगा स्पष्टीकरण
