
पटना से मिथिलेश कुमार की रिपोर्ट
बिहार में हाल में आयी बाढ़ की स्थिति को लेकर नासा ने तसवीर जारी कर भयावहता दिखायी है. दो अक्तूबर को नासा की जारी रिपोर्ट के अनुसार गंडक नदी में अभूतपूर्व जलस्तर दिख रहा है. नासा ने अपनी रिपोर्ट “रेंस स्वैंप द गंडक रीवर” में नेपाल और भारत में गंडक नदी के नये रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचने तथा इसके कारण बड़े क्षेत्र में आयी बाढ़ का विस्तार से उल्लेख किया है. उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने नासा की ताजा रिपोर्ट जारी करते हुए कहा कि राज्य सरकार बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रख रही है.
कई हिस्सों में रिकॉर्ड जलस्तर
नासा की रिपोर्ट के अनुसार 24 से 27 सितंबर के बीच नेपाल के पर्वतीय लुंबिनी और गंडकी प्रांतों में अत्यधिक बारिश हुई. इस भारी वर्षा के कारण भूस्खलन की घटनाएं हुईं और गंडक नदी, जिसे नेपाल में नारायणी के नाम से भी जाना जाता है, नेपाल तथा भारत के कई हिस्सों में रिकॉर्ड जलस्तर तक पहुंच गयी. इसके परिणामस्वरूप नदी की जलधारा से जुड़े क्षेत्रों में पानी का फैलाव बढ़ा और कई स्थानों पर तटबंधों के ऊपर से पानी बहने तथा उनके टूटने की घटनाएं सामने आयी.
उपग्रह से आंकड़ों को दर्ज कर रहे वैज्ञानिक
उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने संवाददाताओं को इसकी जानकारी देते हुए कहा कि राज्य में गंडक नदी के जलस्तर में हुई अभूतपूर्व वृद्धि और उससे उत्पन्न बाढ़ की गंभीरता को अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी वैज्ञानिक उपग्रह आंकड़ों के माध्यम से दर्ज किया गया है. नासा की अर्थ आब्जर्वेटरी ने दो अक्तूबर को यह रिपोर्ट प्रकाशित की है.
तस्वीरों का तुलनात्मक अध्ययन
20 सितंबर और 29 सितंबर की तसवीर की तुलना में दिखती है गंडक की भयावहता श्री चौधरी ने बताया कि नासा के सैटेलाइट से 20 सितंबर और 29 सितंबर को प्राप्त तस्वीरों के तुलनात्मक अध्ययन से बाढ़ के विस्तार का स्पष्ट वैज्ञानिक प्रमाण मिलता है. इन तस्वीरों में विभिन्न क्षेत्रों में फैले बाढ़ के पानी तथा नदी के आसपास जलमग्न क्षेत्रों को देखा जा सकता है. बगहा, डुमरियाघाट, रेवा घाट और लालगंज जैसे स्थानों पर भी नए उच्चतम जलस्तर दर्ज
1960 का टूटा रिकार्ड
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि रिपोर्ट में नेपाल के देवघाट में 27 सितंबर को गंडक नदी का जलस्तर 11.94 मीटर तक पहुंचने की जानकारी दी गयी है, जो वहां 1960 के दशक में शुरू हुए जलस्तर मापन के बाद सबसे अधिक था. इसी प्रकार भारत में गंडक नदी के किनारे स्थित बगहा, डुमरियाघाट, रेवा घाट और लालगंज जैसे स्थानों पर भी नए उच्चतम जलस्तर दर्ज किए जाने का उल्लेख किया गया है.
बिहार के इन जिलों में बाढ़
विजय चौधरी ने कहा कि नासा की यह रिपोर्ट इस बात को रेखांकित करती है कि इस बार गंडक नदी में बाढ़ की स्थिति सामान्य मौसमी परिस्थितियों से अलग और अत्यधिक वर्षा से उत्पन्न असाधारण जलप्रवाह से जुड़ी रही. नेपाल के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में लगातार हुई भारी बारिश का प्रभाव बिहार में नदी के जलस्तर और पश्चिम चंपारण, गोपालगंज, सारण और मुजफ्फरपुर जिलों के कई क्षेत्रों में जलभराव एवं बाढ़ के रूप में दिखाई दिया.
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गंडक फ़्लैश फ्लड के संबंध में नासा की रिपोर्ट
नासा की रिपोर्ट में टेरा और एक्वा उपग्रहों के मोडिस चित्र के माध्यम से नेपाल में भारी वर्षा से गंडक में अब तक का सबसे अधिक पानी आने और तटबंधों के ओवर टॉपिंग, ब्रीच एवं भयावह बाढ़ का जिक्र है. इससे संबंधित सैटेलाइट फोटो को नासा ने इमेज ऑफ़ द डे के रूप में अपनी वेबसाइट पर प्रकाशित किया है. कोसी त्रासदी के समय भी नासा ने 27 अगस्त, 2008 को ऐसी रिपोर्ट और सेटिलाइट फोटो जारी किया था.
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