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नवरात्र शुरू, वेतन नहीं मिलने से बढ़ीं मुश्किलें… एक राज्य, सभी सरकारी विश्वविद्यालय, एक ही पॉलिसी से नियुक्त नीड बेस्ड असिस्टेंट प्रोफेसर। लेकिन वेतन भुगतान की व्यवस्था में बड़ा अंतर है। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी यूनिवर्सिटी में नीड बेस्ड असिस्टेंट प्रोफेसरों को हर महीने तीन तारीख तक भुगतान हो रहा है। वहीं रांची यूनिवर्सिटी में ऐसे ही शिक्षकों को अपने मेहनताने के लिए महीनों इंतजार करना पड़ रहा है। यहां अधिकतर कॉलेजों और पीजी विभागों में जुलाई 2026 से वेतन नहीं मिला है। वहीं कुछ विभागों में सात-आठ महीने से भुगतान लंबित है। यह स्थिति ऐसे समय है, जब दुर्गा पूजा सामने है। इन शिक्षकों का कहना है कि आरयू में हर माह समय पर वेतन भुगतान सुनिश्चित किया जाए। बकाए का जल्द भुगतान हो और चेक की जगह सीधे बैंक खाते में पैसा भेजा जाए। चार मामलों से समझिए वेतन संकट की तस्वीर
1. पीजी फिजिक्स व गणित: जुलाई के बाद से भुगतान नहीं हुआ। पीजी फिजिक्स विभाग में कार्यरत नीड बेस्ड असिस्टेंट प्रोफेसरों को जुलाई 2026 के बाद से वेतन नहीं मिला है। विवि शिक्षक विभाग में शैक्षणिक कार्य कर रहे हैं, लेकिन उन्हें अपने काम के बदले मिलने वाली राशि के लिए इंतजार करना पड़ रहा है।
2. एसएस मेमोरियल कॉलेज : यहां विभिन्न विषयों में कार्यरत नीड बेस्ड असिस्टेंट प्रोफेसरों को भी जुलाई 2026 से वेतन नहीं मिला है। यानि वेतन संकट केवल विश्वविद्यालय के पीजी विभागों तक सीमित नहीं है, बल्कि कॉलेजों में पढ़ाने वाले शिक्षक भी प्रभावित हैं।
3. टीआरएल विभाग : टीआरएल विभाग में खोरठा के शिक्षक का फरवरी 2024 से जून 2025 तक का वेतन बकाया है। इसे लेकर विभागाध्यक्ष व शिक्षक फाइनेंस अफसर से मिले थे। तब बताया गया कि अभी प्रभारी कुलपति हैं, स्थायी व्यवस्था होने के बाद भुगतान हो जाएगा। हालांकि, अब तक भुगतान नहीं हुआ है।
4. मानव विज्ञान विभाग : इस विभाग के नीड बेस्ड असिस्टेंट प्रोफेसर को जनवरी 2026 से अब तक वेतन नहीं मिला है। लगातार शैक्षणिक कार्य करने के बावजूद महीनों तक भुगतान नहीं होने से शिक्षकों के सामने आर्थिक मुश्किलें खड़ी हो गई हैं। विवि प्रशासन ने कहा- बिलों की स्थिति देख होगा भुगतान : रांची यूनिवर्सिटी की जनसंपर्क अधिकारी डॉ. स्मृति सिंह ने कहा कि नीड बेस्ड असिस्टेंट प्रोफेसरों के वेतन भुगतान को लेकर विवि के किन कॉलेजों और स्नातकोत्तर विभागों से बिल प्राप्त हुए हैं, इसे चेक कर लेते हैं। बिलों की स्थिति स्पष्ट होने के बाद भुगतान की कार्यवाही की जाएगी।
नीड बेस्ड असिस्टेंट प्रोफेसर:वेतन भुगतान में रांची यूनिवर्सिटी फिसड्डी, 2 से 12 महीने तक बकाया
