Saturday, May 9, 2026

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पटना में 23 मार्च तक बिहार नर्सरी और ग्रीन-टेक कॉन्क्लेव:कृषि मंत्री ने कहा- किसानों को बाजार और तकनीक से जोड़ने की है पहल


पटना के ज्ञान भवन में 21 से 23 मार्च तक बिहार नर्सरी और ग्रीन-टेक कॉन्क्लेव का आयोजन किया जा रहा है, जिसका उद्घाटन राज्य के कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने किया। इस अवसर पर राज्य के विभिन्न जिलों के किसान, उद्यमी और अन्य राज्यों से आए प्रतिभागी भी शामिल हुए। रामकृपाल यादव ने कहा कि कॉन्क्लेव के जरिए न केवल आधुनिक नर्सरी तकनीक, जैविक खेती और ग्रीन टेक्नोलॉजी की जानकारी दी जा रही है, बल्कि किसानों को बाजार से जोड़ने और उनके उत्पादों की ब्रांडिंग पर भी विशेष फोकस किया जा रहा है। आंधी और बारिश से फसलों को हुए नुकसान पर मंत्री ने कहा कि उन्हें स्थानीय विधायकों से इसकी जानकारी मिली है। इसके तुरंत बाद सभी जिलाधिकारियों से नुकसान का विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट होते ही प्रभावित किसानों को मुआवजा दिया जाएगा। पहली बार हो रहा आयोजन, किसानों को मिलेगा सीधा लाभ उद्घाटन के दौरान कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा कि यह पहली बार है जब बिहार में कृषि विभाग की ओर से नर्सरी और ग्रीन-टेक से जुड़ा इतना बड़ा आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस कॉन्क्लेव का मुख्य उद्देश्य किसानों को आधुनिक तकनीकों से जोड़कर उनकी उत्पादकता और आय बढ़ाना है। कहा कि नई तकनीकों से किसानों की क्षमता बढ़ाने के साथ उन्हें बड़ा बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। आयोजन में बिहार के साथ अन्य राज्यों के किसान भी शामिल हैं। अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का असर, सरकार सतर्क कृषि मंत्री से ईरान-इजराइल युद्ध के असर पर भी सवाल किया गया। इसपर उन्होंने कहा कि युद्ध के कारण तेल-गैस और खाद की आपूर्ति पर असर पड़ सकता है। जिससे किसानों के परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, राज्य सरकार सभी परिस्थितियों पर नजर बनाए हुए है और लगातार निगरानी कर रही है, ताकि आम लोगों और किसानों को कम से कम परेशानी हो। कृषि रोडमैप के सकारात्मक परिणाम इसके अलावा बिहार विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने कहा कि कृषि मंत्री के नेतृत्व में विभाग बेहतर कार्य कर रहा है। बिहार एक कृषि प्रधान राज्य है और मुख्यमंत्री की ओर से लागू कृषि रोडमैप के सकारात्मक परिणाम अब दिखने लगे हैं। सरकार का लक्ष्य किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य दिलाना है। साथ ही, ऐसे सम्मेलनों के माध्यम से किसानों को नई तकनीक से जोड़कर उनकी आय बढ़ाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

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