Monday, June 15, 2026

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पटरियों पर धरना, ट्रेनों पर पत्थरबाजी, पुलिस की हवाई फायरिंग:सिपाही कैंडिडेट्स ने IG को मारे पत्थर, पाटलिपुत्र स्टेशन पर क्यों हुआ बवाल


पटना में सिपाही भर्ती परीक्षा से पहले रविवार को छात्रों ने जमकर हंगामा किया। परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने के लिए स्पेशल ट्रेन की व्यवस्था नहीं होने से नाराज अभ्यर्थियों का गुस्सा फूट पड़ा। पाटलिपुत्र स्टेशन पर छात्रों ने एग्जाम स्पेशल ट्रेन के आगे धरना देकर नारेबाजी शुरू कर दी। जिसके बाद स्टेशन पर भारी पुलिस फोर्स बुलानी पड़ी। भीड़ को छांटने के लिए पुलिस को हवाई फायरिंग तक करनी पड़ी। देखते ही देखते माहौल और ज्यादा तनावपूर्ण हो गया। कुछ छात्र ट्रेन की इंजन पर चढ़ गए, ट्रैक पर उतरकर ट्रेनें रोक दीं। कुछ उपद्रवियों ने यात्री ट्रेनों पर पथराव भी किया। स्टेशन पर ट्रेन में तोड़फोड़ की। ट्रेन की खिड़कियां टूट गईं और कांच के टुकड़े प्लेटफॉर्म पर बिखर गए। मौके पर पहुंची पुलिस पर भी पत्थर फेकें गए। इसमें सेंट्रल रेंज के IG जितेंद्र राणा की गर्दन पर चोट आई है। इतना ही नहीं, एग्जाम खत्म होने के बाद बिहार के कई स्टेशनों पर भी छात्रों की भीड़ देखी गई। वहीं मुजफ्फरपुर में छात्र पाटलिपुत्र गोरखपुर वंदे भारत ट्रेन में चढ़ने की कोशिश करने लगे, हालांकि, RPF के जवानों ने स्थिति को संभाल लिया। पहले घटना से जुड़ी कुछ तस्वीरें देखिए… अब जानिए क्यों हुआ बवाल पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन पर हुआ बवाल केवल कानून-व्यवस्था की समस्या नहीं था, बल्कि हजारों अभ्यर्थियों की उस बेचैनी और नाराजगी का विस्फोट था, जो पूरी रात परीक्षा केंद्र तक पहुंचने की जद्दोजहद में फंसे रहे। रात 12 बजे से स्टेशन पर मौजूद अभ्यर्थियों को पहले ट्रेन का लंबा इंतजार करना पड़ा। इसके बाद जब ट्रेनें पहुंचीं तो उनमें चढ़ने के लिए भारी भीड़ उमड़ पड़ी और कई छात्रों को जगह नहीं मिल सकी। ऐसे में अभ्यर्थियों को यकीन हो गया था कि वे समय पर परीक्षा केंद्र नहीं पहुंच पाएंगे। परीक्षा छूट जाने के डर और प्रशासन के मिसमैनेजमेंट ने छात्रों की परेशानी बढ़ा दी, जिसके बाद अंत में छात्रों का गुस्सा हिंसक विरोध में बदल गया। सेंटर दूर, इसलिए आधी रात से स्टेशन पर जुटने लगे छात्र सिपाही भर्ती परीक्षा में बड़ी संख्या में सीमांचल और कोसी क्षेत्र के अभ्यर्थियों के परीक्षा केंद्र कटिहार, सहरसा, पूर्णिया और आसपास के जिलों में बनाए गए थे। इनमें से अधिकांश छात्र पटना और उसके आसपास के इलाकों से ट्रेन के जरिए परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने वाले थे। प्रत्यक्षदर्शियों और अभ्यर्थियों के अनुसार, रात 12 बजे के बाद ही रेलवे स्टेशनों पर भीड़ बढ़ने लगी थी। हजारों छात्र प्लेटफॉर्म पर पहुंच चुके थे। उन्हें पता था कि सुबह 8 बजे रिपोर्टिंग टाइम है, इसलिए समय पर केंद्र तक पहुंचने के लिए रात में ही यात्रा शुरू करना जरूरी था। यहीं से दबाव बनना शुरू हो गया। रेलवे और प्रशासन के पास परीक्षा की पूरी जानकारी थी, लेकिन स्टेशन पर उमड़ी भीड़ को संभालने के लिए पर्याप्त परिवहन व्यवस्था दिखाई नहीं दी। रात 2 बजे ट्रेन आई, लेकिन हजारों छात्रों को जगह नहीं मिली अभ्यर्थियों के अनुसार, कटिहार और सीमांचल क्षेत्र की ओर जाने वाली जिस ट्रेन का वे इंतजार कर रहे थे, वह देर रात करीब 2 बजे स्टेशन पहुंची, लेकिन समस्या यह थी कि ट्रेन पहले से भरी हुई थी। ट्रेन रुकते ही हजारों अभ्यर्थी एक साथ उसमें चढ़ने का प्रयास करने लगे। भीड़ इतनी अधिक थी कि कई छात्रों को सीट तो दूर, कोच के भीतर खड़े होने तक की जगह नहीं मिल सकी। यहीं से छात्रों की नाराजगी बढ़ने लगी। अभ्यर्थियों का कहना था कि जब प्रशासन और रेलवे को परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवारों की संख्या की जानकारी पहले से थी, तो स्पेशल ट्रेनों की व्यवस्था क्यों नहीं की गई। जो छात्र ट्रेन में सवार नहीं हो सके, उन्हें यह डर सताने लगा कि वे समय पर अपने परीक्षा केंद्र तक नहीं पहुंच पाएंगे। इसी आशंका ने स्टेशन पर मौजूद अभ्यर्थियों में बेचैनी और आक्रोश को और बढ़ा दिया। स्पेशल ट्रेन आई, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी छात्रों की मांग के बाद अधिकारियों ने स्पेशल ट्रेन चलाने का फैसला किया। रेलवे अधिकारियों के अनुसार करीब साढ़े तीन बजे स्पेशल ट्रेन स्टेशन पर पहुंच गई। यहीं सबसे बड़ा विवाद खड़ा हुआ। अभ्यर्थियों का तर्क था कि यदि ट्रेन साढ़े तीन बजे पटना से खुलेगी तो कटिहार, सहरसा या पूर्णिया जैसे जिलों में सुबह 8 बजे तक पहुंचना लगभग असंभव होगा। उन्हें परीक्षा केंद्र तक पहुंचने के लिए स्टेशन से आगे भी यात्रा करनी थी। यानी छात्रों के सामने साफ तस्वीर थी-ट्रेन में बैठने के बावजूद परीक्षा छूट सकती है। यहीं से गुस्सा और अविश्वास दोनों बढ़ गए। मामले में 6 लोगों को गिरफ्तार भी किया गया। पाटलिपुत्र स्टेशन पर बवाल की आंखों देखी पाटलिपुत्र स्टेशन पर शनिवार की रात जब बवाल हुआ तब भास्कर रिपोर्टर रंजीत स्टेशन पर मौजूद थे। भास्कर से बातचीत में एक अभ्यर्थी ने बताया- “मैं रात 2 बजे पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन पहुंचा था। मुझे पुणे-सुपौल वाली ट्रेन पकड़नी थी। मेरा सेंटर सहरसा जिला स्कूल में सेंटर था, वहीं जाना था। जैसे ही स्टेशन पर पहुंचा कैंडिडेट्स रेलवे ट्रैक पर बैठे थे। कुछ ट्रेन के इंजन पर चढ़े थे। कुछ समझ नहीं आ रहा था यहां क्या हो रहा है। कुछ लोगों से बात की तो समझ आया कि ये सभी सिपाही भर्ती परीक्षा के कैंडिडेट्स हैं। इन लोगों को कटिहार जाना था। कटिहार के लिए वहां एक ही ट्रेन थी, सीमांचल एक्सप्रेस। सीमांचल एक्सप्रेस फुल थी। वो उस ट्रेन में नहीं बैठक पाए। थोड़ी देर में पुलिस और रेलवे के अधिकारी मौके पर पहुंच गए। कैंडिडेट्स हंगामा करने लगे। पुलिस ने उनसे बात करनी शुरू की। कैंडिडेट्स ने कहा कि हमारा सेंटर कटिहार है। सीमांचल एक्सप्रेस में जगह नहीं है। परीक्षा देने जाना है कैसे जाएंगे। इतने में कुछ लोग रेलवे ट्रैक पर उतर गए। कैंडिडेट्स ने कहा कि हमारे लिए स्पेशल ट्रेन बुलवाइए। इसके बाद रेल IG और सेंट्रल IG मौके पर पहुंचे। IG ने कहा कि ठीक है ट्रेन मंगवा रहे हैं। 1 घंटे का समय दीजिए। कैंडिडेट्स के कहने पर IG ने 1 घंटे में स्पेशल ट्रेन बुलवा दी। करीब 3.30 बजे ट्रेन पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन पर आ गई। कैंडिडेट्स को बैठने के लिए कहा गया। वो नहीं माने उन्होंने कहा अब नहीं बैठेंगे। हमारी परीक्षा 10 बजे है। रिपोर्टिंग टाइम 8 बजे है। हम वक्त पर सेंटर नहीं पहुंच पाएंगे। आप परीक्षा कैंसिल कीजिए। इस पर IG ने कहा आप लोग परेशान मत होइए। हम कुछ हल निकाल लेंगे। कैंडिडेट्स पीछे हटने को तैयार नहीं थे। 5 घंटे से सीमांचल एक्सप्रेस, मधुबनी एक्सप्रेस, एग्जाम स्पेशल ट्रेन को रोक रखा था। IG ने ऑर्डर दिया की बिना फोर्स के कैंडिडेट्स को हटाया जाए। पुलिस उन्हें हटाने के लिए आगे बढ़ी। इसनी देर में कैंडिडेट ने पत्थर चलाना शुरू कर दिया। कई पुलिस वाले घायल हुए। भीड़ को कंट्रोल करने के लिए IG ने फायर किया।” चश्मदीद बोला- दुकान में तोड़फोड़ की, मैं जान बचाकर भागा घटना के वक्त मौके पर मौजूद संजय कुमार शर्मा ने बताया कि शुरू में लोगों ने ट्रेनें रोक दी थीं। प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए प्रशासनिक अमला पहुंचा, लेकिन भीड़ टस से मस नहीं हुई। इसी बीच, भारी हंगामा हुआ और हिंसा भड़क उठी। आप मेरी दुकान के ठीक सामने इसका नतीजा देख सकते हैं। पूरी दुकान में तोड़फोड़ की गई। अंदर बड़े-बड़े पत्थर फेंके गए। मैं बमुश्किल अपनी जान बचाकर भागा, नहीं तो मेरे साथ क्या होता। पाटलिपुत्र स्टेशन पर बवाल मामले में 6 अरेस्ट रेल IG अमरेश कुमार ने बताया कि पाटलिपुत्र जंक्शन पर पथराव मामले में पुलिस ने 6 अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया है। 500 अज्ञात पर एफआईआर दर्ज की गई है। आईजी जितेंद्र राणा समेत 6 पुलिसकर्मी घायल हो गई हैं। 11 लाख कैंडिडेट्स ने कराया था रजिस्ट्रेशन सिपाही भर्ती परीक्षा में शामिल होने के लिए कुल 11,04,473 अभ्यर्थियों ने रजिस्टेशन कराया था। पहली चरण की लिखित परीक्षा के लिए 5,52,236 अभ्यर्थियों को प्रवेश पत्र जारी किए गए थे। परीक्षा दो पालियों में आयोजित की गई। पहली पाली सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक चली। सभी परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। अभ्यर्थियों की फ्रिस्किंग, बायोमेट्रिक, फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी कराई गई। परीक्षा की निगरानी के लिए परिषद मुख्यालय में कमांड एंड कंट्रोल रूम स्थापित किया गया था, जहां से सभी परीक्षा केंद्रों की लाइव मॉनिटरिंग की गई। परीक्षा को कदाचारमुक्त और पारदर्शी बनाने के लिए विशेष निगरानी व्यवस्था लागू की गई थी। इसके बावजूद परीक्षा के दौरान 10 अभ्यर्थी कदाचार के आरोप में पकड़े गए, जबकि 7 अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया गया। सभी 10 मामलों में संबंधित थानों में FIR दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

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