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रिम्स में लंबित फैकल्टी पदोन्नति प्रक्रिया को गति देने की तैयारी शुरू हो गई है। रिम्स प्रशासन ने रिम्स नियमावली-2014 के तहत लागू असेसमेंट प्रमोशन स्कीम के अंतर्गत साल 2026 की प्रस्तावित पदोन्नति के लिए सभी पात्र शिक्षकों से उनकी वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया है। डीन कार्यालय की ओर से जारी पत्र में सभी विभागाध्यक्षों और डेंटल कॉलेज के प्राचार्य को निर्देश दिया गया है कि पात्र सहायक प्राध्यापक, सहयोगी प्राध्यापक और अतिरिक्त प्राध्यापक निर्धारित प्रारूप में अपनी गोपनीय रिपोर्ट भरकर एक सप्ताह के भीतर विभागाध्यक्ष के माध्यम से जमा करें। रिम्स में फैकल्टी की पदोन्नति असेसमेंट प्रमोशन स्कीम के तहत होती है, जो एम्स नई दिल्ली की व्यवस्था के अनुरूप लागू है। इस प्रणाली में निर्धारित सेवा अवधि, शोध कार्य, प्रकाशन, शिक्षण अनुभव और गोपनीय रिपोर्ट के मूल्यांकन के आधार पर पदोन्नति दी जाती है। स्वीकृत पदोन्नति 1 जुलाई से प्रभावी मानी जाएगी: हर वर्ष होगी पात्रता की समीक्षा एपीएस के तहत प्रत्येक वर्ष असेसमेंट बोर्ड पात्र शिक्षकों का मूल्यांकन करेगा। 30 जून तक आवश्यक सेवा अवधि पूरी करने वाले शिक्षकों की पात्रता पर विचार किया जाएगा और स्वीकृत पदोन्नति 1 जुलाई से प्रभावी मानी जाएगी। फैकल्टी को जो गोपनीय प्रतिवेदन भरना है, उसमें शैक्षणिक उपलब्धियां, शोध कार्य, अध्यापन का विवरण देना होगा। विभागाध्यक्ष और उच्च अधिकारी इसके आधार पर मूल्यांकन करेंगे।
