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जिले के सदर प्रखंड की परना पंचायत स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय, बाभन टोला में चारदीवारी न होने से 409 छात्र-छात्राओं की सुरक्षा पर चिंता बढ़ गई है। विद्यालय के ठीक सामने मुख्य सड़क और बगल में तालाब होने के कारण बच्चों के साथ किसी भी समय हादसे का खतरा बना रहता है। अभिभावकों और ग्रामीणों ने इस पर गहरी चिंता व्यक्त की है। ग्रामीणों के अनुसार, चारदीवारी न होने के कारण मध्याह्न भोजन के समय कई बच्चे परिसर से बाहर निकल जाते हैं। शिक्षकों के प्रयास के बावजूद उन पर पूरी तरह निगरानी रखना संभव नहीं हो पाता। ऐसे में बच्चों के सड़क की ओर चले जाने या तालाब के पास पहुंचने का जोखिम हमेशा बना रहता है। चारदीवारी के अभाव का असर विद्यालय की व्यवस्था पर भी पड़ रहा है। आवारा पशु अक्सर परिसर में घुस आते हैं, जिससे पठन-पाठन प्रभावित होता है और बच्चों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ जाती है। विद्यालय में पेयजल की स्थिति भी संतोषजनक नहीं है। पूरे विद्यालय के लिए केवल एक चापाकल उपलब्ध है। मध्याह्न भोजन के समय इसी चापाकल पर पानी पीने और बर्तन धोने के लिए बच्चों की लंबी कतार लग जाती है, जिससे विद्यार्थियों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ता है। विद्यालय के प्रधानाध्यापक विनीत कुमार ने बताया कि चारदीवारी निर्माण तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं की मांग को लेकर संबंधित शिक्षा पदाधिकारी को आवेदन भेजा गया है। उन्होंने विभाग से शीघ्र कार्रवाई की उम्मीद जताई है। विद्यालय के शिक्षक अभिषेक कुमार ने बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए चारदीवारी का निर्माण प्राथमिकता के आधार पर कराने की बात कही। वहीं, ग्रामीण सुमंत कुमार, वीरेंद्र कुमार और लगन महतो ने प्रशासन से अविलंब चारदीवारी निर्माण कराने, अतिरिक्त चापाकल की व्यवस्था करने तथा विद्यालय में अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है। उनका कहना है कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़े इस गंभीर मामले को अब और अधिक समय तक अनदेखा नहीं किया जाना चाहिए।

