भास्कर न्यूज | गिरिडीह सदर प्रखंड की परसाटांड़ पंचायत स्थित पंचायत सचिवालय के पास देवनागरी मंदिर के पीछे बसे करीब 30 घरों में गंभीर पेयजल संकट उत्पन्न हो गया है। रविवार को ग्रामीणों ने समाजसेवी सचिन कुमार वर्मा के नेतृत्व में विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उपायुक्त से जल्द समस्या समाधान की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि इलाके में लगा सोलर पैनल युक्त जलमीनार और पानी टंकी पिछले कई महीनों से खराब पड़ी हुई है। इसके कारण लोगों को पीने के पानी के लिए काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। मजबूरी में ग्रामीण कुएं का दूषित पानी पीने को विवश हैं। इससे डायरिया और अन्य जलजनित बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ गया है। समाजसेवी सचिन कुमार वर्मा ने कहा कि इस क्षेत्र के अधिकांश लोग दिहाड़ी मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वे बाहर से पानी खरीदने में सक्षम नहीं हैं। उन्होंने बताया कि पहले विभाग की ओर से कुएं में ब्लीचिंग पाउडर डालने की व्यवस्था की जाती थी, जिससे पानी कुछ हद तक सुरक्षित रहता था, लेकिन अब वह व्यवस्था भी बंद कर दी गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि खराब पड़े सोलर जलमीनार और पानी टंकी की जल्द मरम्मत कर पेयजल आपूर्ति बहाल की जाए। साथ ही कुएं की नियमित सफाई और ब्लीचिंग पाउडर डालने की व्यवस्था फिर से शुरू करने की भी मांग की गई है, ताकि लोगों को स्वच्छ पेयजल मिल सके। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। मौके पर बलराम कुमार, दीपक वर्मा, चंदन वर्मा, मुकेश वर्मा, खेलु तुरी, किसुन तुरी, फाग्गू महतो, परबल महतो, पुदीना देवी समेत कई ग्रामीण मौजूद थे।
परसाटांड़ में पेयजल संकट से ग्रामीण परेशान, उपायुक्त से समाधान की मांग
भास्कर न्यूज | गिरिडीह सदर प्रखंड की परसाटांड़ पंचायत स्थित पंचायत सचिवालय के पास देवनागरी मंदिर के पीछे बसे करीब 30 घरों में गंभीर पेयजल संकट उत्पन्न हो गया है। रविवार को ग्रामीणों ने समाजसेवी सचिन कुमार वर्मा के नेतृत्व में विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उपायुक्त से जल्द समस्या समाधान की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि इलाके में लगा सोलर पैनल युक्त जलमीनार और पानी टंकी पिछले कई महीनों से खराब पड़ी हुई है। इसके कारण लोगों को पीने के पानी के लिए काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। मजबूरी में ग्रामीण कुएं का दूषित पानी पीने को विवश हैं। इससे डायरिया और अन्य जलजनित बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ गया है। समाजसेवी सचिन कुमार वर्मा ने कहा कि इस क्षेत्र के अधिकांश लोग दिहाड़ी मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वे बाहर से पानी खरीदने में सक्षम नहीं हैं। उन्होंने बताया कि पहले विभाग की ओर से कुएं में ब्लीचिंग पाउडर डालने की व्यवस्था की जाती थी, जिससे पानी कुछ हद तक सुरक्षित रहता था, लेकिन अब वह व्यवस्था भी बंद कर दी गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि खराब पड़े सोलर जलमीनार और पानी टंकी की जल्द मरम्मत कर पेयजल आपूर्ति बहाल की जाए। साथ ही कुएं की नियमित सफाई और ब्लीचिंग पाउडर डालने की व्यवस्था फिर से शुरू करने की भी मांग की गई है, ताकि लोगों को स्वच्छ पेयजल मिल सके। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। मौके पर बलराम कुमार, दीपक वर्मा, चंदन वर्मा, मुकेश वर्मा, खेलु तुरी, किसुन तुरी, फाग्गू महतो, परबल महतो, पुदीना देवी समेत कई ग्रामीण मौजूद थे।


