Tuesday, August 4, 2026

Breaking
News

🕒

Latest
Updates

🔔

Stay
Informed

Top 5 This Week

Related Posts

पहल : 142 स्वास्थ्य केंद्रों पर शुरू होगी मेंटल हेल्थ स्क्रीनिंग

सिटी एंकर जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को आसान और सुलभ बनाने की दिशा में जिला स्वास्थ्य विभाग ने कदम उठाया है। सोमवार से जिले के 124 हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर और 18 शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में मानसिक स्वास्थ्य की स्क्रीनिंग प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य गांव और कस्बों में रहने वाले मानसिक रूप से परेशान या बीमार लोगों के समस्याओं की पहचान करना है, ताकि सदर अस्पताल में आने वाले मरीजों मरीजों का बोझ कम होने के साथ-साथ वैसे बीमार मरीजों के परिजनों को आर्थिक व मानसिक परेशानियों से राहत मिल सके। साथ ही मानसिक परेशानियों के कारण हो रही आत्महत्या जैसी घटनाओं को रोकना है। इस विशेष अभियान को सुचारू रूप से चलाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने पूर्व में ही व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। जिले के सभी कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर्स और प्राथमिक स्वास्थ्य कर्मियों को मानसिक बीमारियों के शुरुआती लक्षणों को पहचानने, मरीजों से संवाद करने और डेटा दर्ज करने का विशेष प्रशिक्षण दिया जा चुका है। अब ग्रामीण या शहरी क्षेत्रों के पीड़ित को मानसिक समस्याओं के परामर्श का लाभ मिलेगा। 40 मानकों वाले विशेष प्रश्नावली से होगी जांच मानसिक स्वास्थ्य की जांच प्रक्रिया को वैज्ञानिक और सटीक बनाने के लिए एक विशेष 40 प्रश्नों का स्क्रीनिंग टूल तैयार किया गया है। इससे बुद्धि और मानसिक स्थिति का आकलन किया जाएगा। स्क्रीनिंग के दौरान स्वास्थ्य अधिकारी मरीज से 40 व्यावहारिक सवाल पूछेंगे। इन प्रश्नों के उत्तर के आधार पर मरीज की बौद्धिक क्षमता, समझ और बीमारी की गंभीरता का सटीक आकलन होगा। इस रिपोर्ट से यह स्पष्ट हो पाएगा कि मरीज को प्राथमिक परामर्श की जरूरत है, दवाइयों की आवश्यकता है या किसी विशेषज्ञ की देखरेख की। चरणबद्ध तरीके से स्क्रीनिंग के बाद मरीजों के इलाज के लिए एक सुदृढ़ रेफरल सिस्टम तैयार किया गया है। यहां शुरुआती स्क्रीनिंग के बाद सामान्य परामर्श और रिकॉर्ड मेंटेन किया जाएगा। आम जनता से सहयोग की है अपेक्षा : डॉ. प्रशांत – डॉ. प्रशांत कुमार मिश्रा, मानसिक रोग विशेषज्ञ, सदर अस्पताल, बोकारो। द्वितीय चरण में अगर स्थानीय स्तर के स्क्रीनिंग रिपोर्ट में बीमारी के लक्षण पाए जाते हैं, तो मरीज को सदर अस्पताल रेफर किया जाएगा। यहां पदस्थापित विशेषज्ञ मरीज का गहन इलाज और काउंसलिंग करेंगे। तृतीय चरण में मानसिक आरोग्यशाला रेफर होंगे। यदि मरीज की स्थिति अत्यंत गंभीर पाई जाती है, तो उसे विशेषज्ञ डॉक्टर की सलाह पर राज्य के प्रमुख मानसिक आरोग्यशाला सीआईपी या रिनपास रांची में भर्ती कराने के लिए रेफर किया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों के गरीब परिजनों को अक्सर छोटी-मोटी जांच और परामर्श के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी, जिससे यात्रा और दिहाड़ी मजदूरी का नुकसान होता था। अब स्थानीय स्तर पर जांच होने से धन और समय दोनों की बचत होगी। मानसिक स्वास्थ्य को लेकर समाज में फैली झिझक के कारण लोग बड़े अस्पतालों में जाने से कतराते हैं। प्राथमिक केंद्रों में जांच की सुविधा मिलने से लोग बेझिझक अपनी समस्या रख सकेंगे। मानसिक बीमारियों का यदि शुरुआती दौर में ही पता चल जाए, तो उनके पूरी तरह ठीक होने की संभावना बढ़ जाती है। गंभीर स्थिति में सदर रेफर किए जाएंगे

Spread the love

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Popular Articles