पाकुड़ जिला मुख्यालय में महावीर जयंती के अवसर पर जैन समुदाय द्वारा एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इस यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और भगवान महावीर के संदेशों का जयघोष किया। जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर की जयंती के उपलक्ष्य में यह शोभायात्रा शहर के महावीर मंदिर से प्रारंभ हुई। यात्रा से पूर्व भगवान महावीर की विशेष आराधना की गई। शोभायात्रा शहर के रेलवे फाटक, खुदीराम बोस चौक, हिरण चौक, अंबेडकर चौक और गांधी चौक से गुजरी और वापस महावीर मंदिर में संपन्न हुई। इस दौरान जैन समुदाय के सदस्य पारंपरिक परिधानों में शामिल हुए और उत्साहपूर्वक जयकारे लगाए। भगवान महावीर ने अहिंसा और सभी जीवों के प्रति प्रेम का संदेश दिया था। जैन समुदाय उनके बताए मार्ग का अनुसरण करता है। भगवान महावीर का जन्म लगभग ढाई हजार वर्ष पूर्व बिहार के वैशाली जिले में हुआ था। तीस वर्ष की आयु में भगवान महावीर ने संसार से विरक्त होकर राज वैभव का त्याग कर दिया। उन्होंने संन्यास धारण कर आत्म कल्याण का मार्ग अपनाया। बारह वर्षों की कठिन तपस्या के बाद उन्हें केवल ज्ञान की प्राप्ति हुई। बहत्तर वर्ष की आयु में उन्हें पावापुरी में मोक्ष प्राप्त हुआ। इस शोभायात्रा में निर्मल जैन, उत्तम जैन, प्रवीण जैन, प्रकाश जैन सहित जैन समुदाय के कई गणमान्य व्यक्ति और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।