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नालंदा में बुधवार को पुलिस की गाड़ी ने बाइक सवार एक युवक को रौंद दिया। हादसे में प्रद्युम्न कुमार (23) की मौत हो गई। परिजन का आरोप है कि पुलिस की गाड़ी में शराब की बोतल रखी थी और सभी नशे में थे। मौत का बाद परिजन और ग्रामीण का गुस्सा भड़क उठा। घटना हरनौत थाना क्षेत्र की है। मृतक के साले विक्की ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने जानबूझकर बाइक में टक्कर मारी है। टक्कर के बाद प्रद्युम्न की सांसें चल रही थीं। इसी दौरान एक पुलिसकर्मी गाड़ी से उतरा और उसकी गर्दन पर पैर रखकर उसे मार दिया। जब भीड़ वहां पहुंची तो पुलिसकर्मी वहां से फरार हो गए। 10 किलोमीटर तक लगा जाम आक्रोशित भीड़ ने घटनास्थल से क्षतिग्रस्त बाइक और पुलिस की गाड़ी को घसीटते हुए लगभग 400 मीटर दूर हरनौत बाजार मोड़ तक पहुंचाया। गाड़ी को सड़क पर रखकर पहले दिन में जाम लगाया। फिर पोस्टमार्टम के बाद रात में भी NH-20(बिहटा-सकसोहरा टू-लेन मार्ग) पर यातायात पूरी तरह ठप कर दिया, जिससे करीब 10 किलोमीटर लंबी वाहनों की कतार लग गई। 12 से 15 राउंड हवाई फायरिंग की खबर स्थिति को नियंत्रित करने के लिए 6 थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। हरनौत, वेना, चेरो, कल्याण बिगहा, भागनबिगहा, गोखुलपुर समेत सीमावर्ती थानों और पुलिस लाइन से लगभग 150 से अधिक पुलिस बल को घटनास्थल पर तैनात किया गया। एसडीपीओ, एसडीएम, बीडीओ, सीओ और हरनौत थानाध्यक्ष समेत तमाम आला अधिकारी भारी दलबल के साथ मौजूद थे। पथराव में 8 पुलिसकर्मी घायल आक्रोशित भीड़ का गुस्सा उस समय और भड़क गया जब वहां पहुंची पुलिस-ग्रामीणों के बीच बहस शुरू हुई। अचानक भीड़ में शामिल उपद्रवियों ने पुलिस बल और दंडाधिकारियों पर ईंट-पत्थर बरसाने शुरू कर दिए। पथराव में 8 पुलिसकर्मी घायल हो गए। उपद्रवियों ने टायर और ज्वलनशील पदार्थ जलाकर सड़क पर आग लगा दी और वाहनों में तोड़फोड़ की। इस उपद्रव में कई निजी और सरकारी गाड़ियां चकनाचूर हो गई। भीड़ के उग्र रूप को देखते हुए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में ‘रोड़ेबाजी’ का दौर शुरू हो गया। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने पहले लाठीचार्ज किया। जब भीड़ नहीं हटी, तो पुलिस को ‘आंसू गैस’ के दर्जनों गोले छोड़ने पड़े। इस बीच, स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने 12 से 15 राउंड हवाई फायरिंग भी की। इस संघर्ष में अफरा-तफरी का माहौल रहा। हिंसात्मक झड़प में क्यूआरटी के कई जवान बेहोश हो गए, वहीं उपद्रव के दौरान वहां मौजूद एक महिला के भी बेहोश होने की खबर है। न्याय की मांग पर अड़े परिजन प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि दोषी पुलिसकर्मियों को तुरंत गिरफ्तार कर फांसी की सजा दी जाए। मृतक के परिजनों ने दावा किया कि पुलिस प्रद्युम्न का पीछा कर रही थी। यह एक सोची-समझी हत्या है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक उच्च स्तरीय जांच और दोषियों पर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक वे शव नहीं उठने देंगे। ‘असामाजिक तत्वों ने गाड़ियों में तोड़फोड़ की है’ सदर डीएसपी-2 संजय कुमार जायसवाल ने बताया कि बुधवार को हरनौत-बेलछी रोड पर चेरन के पास एक बोलेरो और मोटरसाइकिल की जोरदार टक्कर हो गई। इस हादसे में बलवापर निवासी प्रद्युम्न कुमार (22) गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद मौके पर मौजूद कुछ असामाजिक तत्वों ने वाहनों में तोड़फोड़ कर सड़क जाम कर दी, जिसे बाद में प्रशासन ने परिजनों को समझा-बुझाकर खुलवा दिया था। शव रखकर दोबारा किया जाम, हुआ पथराव तनाव तब और बढ़ गया जब बुधवार शाम करीब 7 बजे मृतक के परिजन और अन्य लोगों ने बिहारशरीफ-बख्तियारपुर एनएच पर जीडीएम कॉलेज के समीप शव रखकर सड़क पर जाम लगा दिया। इस दौरान ट्रकों और अन्य वाहनों को आड़ा-तिरछा खड़ा कर दिया गया। मौके पर पहुंचे एसडीएम, एसडीपीओ, डीएसपी और बीडीओ समेत आला अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने और जाम हटाने की अपील की। आठ पुलिसकर्मी जख्मी, एक हिरासत में इस पूरी घटना में आठ पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद सदर अस्पताल बिहारशरीफ रेफर किया गया है। पुलिस ने वीडियो फुटेज और स्थानीय लोगों की निशानदेही पर उपद्रवियों की पहचान शुरू कर दी है। इस मामले में एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है। आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। इस घटना के बाद से इलाके में स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन पुलिस बल तैनात है।


