सुपौल में लापता सुखलाल मेहता को पुलिस ने 48 घंटे की लगातार कार्रवाई के बाद सकुशल बरामद कर लिया है। यह घटना राघोपुर थाना क्षेत्र के सरहोचिया गांव की है। वीरपुर एसडीपीओ सुरेंद्र कुमार ने बताया कि 6 मई की शाम सरहोचिया गांव में नवनिर्मित पंचायत भवन के पास पंचायत प्रवेश द्वार निर्माण कार्य में मजदूरी के पैसे के लेन-देन को लेकर बलदेव यादव और सुखलाल मेहता के बीच विवाद हुआ था। हत्या की नीयत से पति के अपहरण का आरोप इसके बाद सुखलाल की पत्नी कविता देवी ने राघोपुर थाना में आवेदन दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि बलदेव यादव सहित अन्य लोगों ने उनके पति का हत्या की नीयत से अपहरण कर लिया है। इस आवेदन के आधार पर राघोपुर थाना में कांड संख्या दर्ज कर जांच शुरू की गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए थानाध्यक्ष अमित कुमार राय के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस ने आरोप के आधार पर रूपेश कुमार को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। एसडीपीओ सुरेंद्र कुमार की निगरानी में गठित टीम ने 48 घंटे तक संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की। ड्रोन कैमरे से चलाया तलाशी अभियान घटनास्थल के आसपास मकई के खेतों में ड्रोन कैमरे से भी सघन तलाशी अभियान चलाया गया। हालांकि, शुरुआती जांच में कोई ठोस सुराग नहीं मिला था। एसडीपीओ सुरेंद्र कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि पुलिस सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच कर रही है और मामले के हर बिंदु को खंगाला जा रहा है। इधर घटना को लेकर इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं होने लगीं और मामला राजनीतिक रंग भी लेने लगा। इसी बीच शनिवार अहले सुबह पुलिस को सूचना मिली कि सुखलाल मेहता सुपौल सदर अस्पताल में इलाजरत हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम अस्पताल पहुंची और उन्हें बरामद कर थाना ले आई। पुलिस सूत्रों के अनुसार पूछताछ में सुखलाल मेहता अलग-अलग बयान दे रहे हैं, जिससे मामले को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों के बीच यह चर्चा भी है कि बलदेव यादव और उनके पुत्र रूपेश यादव को फंसाने की साजिश रची गई हो सकती है। एसडीपीओ ने बताया कि सुखलाल मेहता का न्यायालय में धारा 183 के तहत बयान दर्ज कराने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


