जमुई जिले के खैरा प्रखंड स्थित फतेहपुर गांव में पुल निर्माण की वर्षों पुरानी मांग को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश सामने आया। ग्रामीणों ने गांव पहुंचे सांसद अरुण भारती का घेराव कर विरोध प्रदर्शन किया और जल्द पुल बनाने की मांग की। इस घटना का एक वीडियो शनिवार को सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जो शुक्रवार देर शाम का बताया जा रहा है। बड़ी संख्या में मौजूद ग्रामीणों ने सांसद के समक्ष अपनी समस्याएं रखीं। उन्होंने बताया कि फतेहपुर गांव आज भी पुल जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित है। बरसात के दिनों में स्थिति बेहद गंभीर हो जाती है, जिससे आवागमन लगभग ठप पड़ जाता है। इसका सर्वाधिक असर स्कूली बच्चों, मरीजों, किसानों और दैनिक कार्यों से आने-जाने वाले लोगों पर पड़ता है। गांव के विकास की गति भी प्रभावित हो रही ग्रामीणों ने सांसद को बताया कि पुल निर्माण की यह मांग कोई नई नहीं है, बल्कि वर्षों से लगातार उठाई जाती रही है। कई बार जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों को आवेदन देकर समस्या की ओर ध्यान आकर्षित कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हो सकी है। ग्रामीणों का कहना था कि पुल न होने के कारण गांव के विकास की गति भी प्रभावित हो रही है। आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा ग्रामीणों ने भावुक होकर कहा कि यह मांग केवल वर्तमान पीढ़ी के लिए नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के बेहतर भविष्य के लिए की जा रही है। वे नहीं चाहते कि उनके बच्चों को भी वही कठिनाइयां झेलनी पड़ें, जिनका सामना आज गांव के लोग कर रहे हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि पुल निर्माण की दिशा में शीघ्र ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। सांसद अरुण भारती ने ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुना। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस मामले को संबंधित विभाग के समक्ष मजबूती से उठाया जाएगा और समाधान के लिए आवश्यक पहल की जाएगी। सांसद के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि उनकी वर्षों पुरानी मांग पर अब सकारात्मक कार्रवाई होगी।
पुल निर्माण की मांग पर ग्रामीणों ने सांसद को घेरा:जमुई में अरुण भारती ने समाधान का दिया भरोसा, सालों पुरानी है समस्या
जमुई जिले के खैरा प्रखंड स्थित फतेहपुर गांव में पुल निर्माण की वर्षों पुरानी मांग को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश सामने आया। ग्रामीणों ने गांव पहुंचे सांसद अरुण भारती का घेराव कर विरोध प्रदर्शन किया और जल्द पुल बनाने की मांग की। इस घटना का एक वीडियो शनिवार को सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जो शुक्रवार देर शाम का बताया जा रहा है। बड़ी संख्या में मौजूद ग्रामीणों ने सांसद के समक्ष अपनी समस्याएं रखीं। उन्होंने बताया कि फतेहपुर गांव आज भी पुल जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित है। बरसात के दिनों में स्थिति बेहद गंभीर हो जाती है, जिससे आवागमन लगभग ठप पड़ जाता है। इसका सर्वाधिक असर स्कूली बच्चों, मरीजों, किसानों और दैनिक कार्यों से आने-जाने वाले लोगों पर पड़ता है। गांव के विकास की गति भी प्रभावित हो रही ग्रामीणों ने सांसद को बताया कि पुल निर्माण की यह मांग कोई नई नहीं है, बल्कि वर्षों से लगातार उठाई जाती रही है। कई बार जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों को आवेदन देकर समस्या की ओर ध्यान आकर्षित कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हो सकी है। ग्रामीणों का कहना था कि पुल न होने के कारण गांव के विकास की गति भी प्रभावित हो रही है। आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा ग्रामीणों ने भावुक होकर कहा कि यह मांग केवल वर्तमान पीढ़ी के लिए नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के बेहतर भविष्य के लिए की जा रही है। वे नहीं चाहते कि उनके बच्चों को भी वही कठिनाइयां झेलनी पड़ें, जिनका सामना आज गांव के लोग कर रहे हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि पुल निर्माण की दिशा में शीघ्र ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। सांसद अरुण भारती ने ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुना। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस मामले को संबंधित विभाग के समक्ष मजबूती से उठाया जाएगा और समाधान के लिए आवश्यक पहल की जाएगी। सांसद के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि उनकी वर्षों पुरानी मांग पर अब सकारात्मक कार्रवाई होगी।


