पूर्णिया के कसबा थाना क्षेत्र में हुए हत्याकांड का पुलिस ने तीन दिन के अंदर खुलासा कर दिया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि हत्या के पीछे कोई गैंगवार या पुरानी दुश्मनी नहीं, बल्कि जमीन को लेकर चल रहा विवाद था। इसी विवाद ने में एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। सदर-2 डीएसपी डॉ. गौरव कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। उनकी निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल हथियार भी बरामद कर लिया गया है। डंगराहा वार्ड संख्या-5 निवासी रजीना खातून के आवेदन पर 17 जून को कसबा थाना में हत्या और आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष जांच टीम का गठन किया गया। टीम लगातार जांच, मोबाइल लोकेशन और गुप्त सूचना के आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई। पुलिस जांच में यह बात निकलकर सामने आई कि मृतक और आरोपियों के बीच काफी दिनों से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। इसी विवाद को लेकर दोनों पक्षों में तनाव बना हुआ था। पुलिस का कहना है कि इसी रंजिश में घटना को अंजाम दिया गया। हालांकि पुलिस अभी भी मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हत्या की साजिश कब और कैसे रची गई। पुलिस ने 20 जून को छापेमारी कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मो. दिलशान (20) और मो. लड्डू उर्फ अब्दुल रऊफ (20) के रूप में हुई है। हत्या में इस्तेमाल हथियार बरामद गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल हथियार बरामद कर लिया है। इसके अलावा जांच के दौरान दो खोखा और दो मिसफायर गोली भी जब्त की गई है। बरामदगी को पुलिस इस मामले में बड़ी सफलता मान रही है। इस हत्याकांड के खुलासे में कसबा और जलालगढ़ थाना की पुलिस के साथ डीआईयू टीम भी लगातार जुटी रही। डीएसपी डॉ. गौरव कुमार के नेतृत्व में चलाए गए अभियान में थानाध्यक्ष ज्ञान रंजन, थानाध्यक्ष दीपक कुमार समेत कई पुलिस पदाधिकारियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुलिस अधिकारियों ने कहा कि जमीन विवाद को लेकर कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में गिरफ्तार दोनों आरोपियों को जेल में भेजने की प्रक्रिया की जा रही है, जबकि पुलिस यह भी जांच कर रही है कि हत्या की साजिश में और कौन-कौन लोग शामिल थे।
पूर्णिया में जमीन के लिए हुई थी युवक की हत्या:मर्डर मामले में शामिल 2 आरोपी गिरफ्तार; वारदात में इस्तेमाल हथियार बरामद
पूर्णिया के कसबा थाना क्षेत्र में हुए हत्याकांड का पुलिस ने तीन दिन के अंदर खुलासा कर दिया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि हत्या के पीछे कोई गैंगवार या पुरानी दुश्मनी नहीं, बल्कि जमीन को लेकर चल रहा विवाद था। इसी विवाद ने में एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। सदर-2 डीएसपी डॉ. गौरव कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। उनकी निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल हथियार भी बरामद कर लिया गया है। डंगराहा वार्ड संख्या-5 निवासी रजीना खातून के आवेदन पर 17 जून को कसबा थाना में हत्या और आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष जांच टीम का गठन किया गया। टीम लगातार जांच, मोबाइल लोकेशन और गुप्त सूचना के आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई। पुलिस जांच में यह बात निकलकर सामने आई कि मृतक और आरोपियों के बीच काफी दिनों से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। इसी विवाद को लेकर दोनों पक्षों में तनाव बना हुआ था। पुलिस का कहना है कि इसी रंजिश में घटना को अंजाम दिया गया। हालांकि पुलिस अभी भी मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हत्या की साजिश कब और कैसे रची गई। पुलिस ने 20 जून को छापेमारी कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मो. दिलशान (20) और मो. लड्डू उर्फ अब्दुल रऊफ (20) के रूप में हुई है। हत्या में इस्तेमाल हथियार बरामद गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल हथियार बरामद कर लिया है। इसके अलावा जांच के दौरान दो खोखा और दो मिसफायर गोली भी जब्त की गई है। बरामदगी को पुलिस इस मामले में बड़ी सफलता मान रही है। इस हत्याकांड के खुलासे में कसबा और जलालगढ़ थाना की पुलिस के साथ डीआईयू टीम भी लगातार जुटी रही। डीएसपी डॉ. गौरव कुमार के नेतृत्व में चलाए गए अभियान में थानाध्यक्ष ज्ञान रंजन, थानाध्यक्ष दीपक कुमार समेत कई पुलिस पदाधिकारियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुलिस अधिकारियों ने कहा कि जमीन विवाद को लेकर कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में गिरफ्तार दोनों आरोपियों को जेल में भेजने की प्रक्रिया की जा रही है, जबकि पुलिस यह भी जांच कर रही है कि हत्या की साजिश में और कौन-कौन लोग शामिल थे।

