बिहार सरकार की कैबिनेट ने भरत तिवारी एनकाउंटर मामले की न्यायिक जांच कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। पटना हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज विनोद कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में गठित न्यायिक जांच आयोग इस मामले की जांच करेगा। बुधवार को सम्राट कैबिनेट में यह महत्वपूर्ण फैसला लिया गया। भरत तिवारी एनकाउंटर को लेकर पिछले कई दिनों से सवाल उठ रहे थे। परिजनों और अलग-अलग संगठनों की ओर से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही थी। वहीं, भोजपुर के भरत तिवारी एनकाउंटर के विरोध में बिलौटी गांव में महापंचायत हुई। महापंचायत में शामिल लोगों का कहना है कि भरत तिवारी की जो मांग थी, उसे पूरा किया जाए, नहीं तो श्राद्धकर्म के बाद वे विधानसभा का घेराव करेंगे। भरत तिवारी के एनकाउंटर के सवाल पर सांसद शांभवी चौधरी ने कहा कि जो भी पुलिसकर्मी दोषी हैं, उनपर कार्रवाई होनी चाहिए। NDA सरकार में उनके परिवार को न्याय जरूर मिलेगा। पवन सिंह आज भरत तिवारी के परिवार से मिलने जाएंगे। प्रशांत किशोर बोले- बिहार संविधान से चलेगा, सम्राट चौधरी से नहीं भोजपुर के बिलौटी गांव में हुए महापंचायत में जनसुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर भी शामिल हुए। इससे पहले प्रशांत किशोर ने भरत के परिवार से मुलाकात की और न्याय दिलाने का भरोसा दिया। पीके ने कहा कि जांच में गृह मंत्री की भूमिका की जांच होगी। STF के अधिकारी की जांच होगी, जिसने पटना से मारने का आदेश दिया है। क्या मजिस्ट्रेट पर जांच होगी जिसने गोली चलाने के आदेश पर साइन किया है। ये बिहार के लोगों का राज है। लोगों ने सरकार के खिलाफ नारे लगाए बिलौटी गांव से लेकर हाई-वे तक भरत तिवारी के पोस्टर लगाए गए हैं। इसमें उसे शहीद बताते हुए इंसाफ की मांग की गई है। कुछ लोग भरत तिवारी के घर तिरंगा लेकर पहुंचे। यहां सम्राट चौधरी के खिलाफ नारेबाजी की गई। भरत तिवारी अमर रहे के नारे लगे। बिलौटी गांव में करीब 1000 गाड़ियां पहुंच चुकी हैं। 5000 से ज्यादा लोग मौजूद हैं। 17 जून को भरत तिवारी का पुलिस ने एनकाउंटर किया था। बेटे की मौत के बाद परिवार ने मुठभेड़ पर सवाल खड़े किए थे। मां ने पुलिस वालों के खिलाफ थाने में FIR भी दर्ज करवाई है। मामले में SDPO, SHO और अन्य पुलिसकर्मियों पर हत्या का केस दर्ज कर लिया गया है। बुधवार की सुबह सरकार ने जगदीशपुर SDPO राजेश कुमार शर्मा को लाइन हाजिर कर दिया है। CM ने एनकाउंटर की न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं। हालांकि ये जांच किस जज को दी जाएगी अभी ये साफ नहीं हुआ है। महापंचायत से जुड़ी कुछ तस्वीरें देखिए… महापंचायत में मांग- पुलिस पर एक्शन, गांव वालों को सुविधाएं मिलें भरत के भाई चंदन ने कहा, वो यहां की जनता के लिए लड़ रहे थे। उन लोगों की जो समस्याएं थीं उन्हें पूरा किया जाए। हम चाहते हैं जो काम भइया कर रहे थे उन सभी को जल्द से जल्द निपटाया जाए। एनकाउंटर में शामिल पुलिस वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। नालंदा से पहुंचे मन्नु यादव ने कहा कि भरत का बलिदान युवाओं के हित में हुआ है। युवा जाग चुके हैँ। भ्रष्ट नेताओं को टिकने नहीं देंगे। पूरे देश में आंदोलन करेंगे। भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वाले की हत्या हुई है। ये फर्जी एनकाउंटर है। जांच होनी चाहिए। आर्थिक सहयोग देना चाहिए। दिल्ली से पहुंचे सोशल वर्कर रवीश भारद्वाज ने कहा, हमें सीधा एक्शन चाहिए। जिस गांव लिए भरत आवाज उठा रहे थे। उस गांव में सुविधाएं दी जाएं। भरत तिवारी की 12वीं के बाद दिल्ली के लिए कूच करने वाले हैं। बिहार में गुंडाराज को लेकर कंफ्यूज था। पुलिस का है या बदमाशों का है। अब देख लिया है यहां पुलिस का गुंडाराज है। कितने लोगों को बदमाश बनने को मजबूर किया गया होगा। दिल्ली से इस आंदोलन को बढ़ाएंगे। भरत भाई न्याय दिलाएंगे। सहनी बोले- जाति देखकर फर्जी एनकाउंटर करवा रही सरकार बेगूसराय में VIP प्रमुख मुकेश सहनी ने भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “भरत तिवारी का जो एनकाउंटर हुआ, उसमें भी सरकार के लोग अलग-अलग बयान देकर लोगों को भ्रमित कर रहे हैं। बिहार में फर्जी एनकाउंटर हो रहे हैं। तीन महीने पहले मुजफ्फरपुर में पप्पू सहनी का भी फर्जी एनकाउंटर किया गया था।” उन्होंने कहा, “उस मामले में हम लोग सड़क पर उतरे थे। अगर कमेटी बनाकर सही तरीके से कार्रवाई की गई होती, तो आज भरत तिवारी की मौत नहीं होती। सामान्य वर्ग के लोग बधाई के पात्र हैं कि वे अपने अधिकारों के लिए एकजुट होकर आवाज उठा रहे हैं और बिहार में बड़ा आंदोलन खड़ा कर दिया है।” मुकेश सहनी ने आरोप लगाया कि राज्य में जाति देखकर गोली चलाई जा रही है और फर्जी एनकाउंटर किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा, “सरकार और विपक्ष सब कुछ देख रहे हैं। एससी, एसटी, ओबीसी और अल्पसंख्यक समाज को निशाना बनाया जा रहा है। सभी लोगों को जागने की आवश्यकता है।” भरत तिवारी एनकाउंटर केस में अबतक क्या-क्या हुआ
पूर्व जस्टिस विनोद सिन्हा करेंगे भरत एनकाउंटर की न्यायिक जांच:महापंचायत में 5000 गाड़ियों से पहुंचे थे लोग; आज पवन सिंह पीड़ित परिवार से करेंगे मुलाकात
बिहार सरकार की कैबिनेट ने भरत तिवारी एनकाउंटर मामले की न्यायिक जांच कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। पटना हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज विनोद कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में गठित न्यायिक जांच आयोग इस मामले की जांच करेगा। बुधवार को सम्राट कैबिनेट में यह महत्वपूर्ण फैसला लिया गया। भरत तिवारी एनकाउंटर को लेकर पिछले कई दिनों से सवाल उठ रहे थे। परिजनों और अलग-अलग संगठनों की ओर से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही थी। वहीं, भोजपुर के भरत तिवारी एनकाउंटर के विरोध में बिलौटी गांव में महापंचायत हुई। महापंचायत में शामिल लोगों का कहना है कि भरत तिवारी की जो मांग थी, उसे पूरा किया जाए, नहीं तो श्राद्धकर्म के बाद वे विधानसभा का घेराव करेंगे। भरत तिवारी के एनकाउंटर के सवाल पर सांसद शांभवी चौधरी ने कहा कि जो भी पुलिसकर्मी दोषी हैं, उनपर कार्रवाई होनी चाहिए। NDA सरकार में उनके परिवार को न्याय जरूर मिलेगा। पवन सिंह आज भरत तिवारी के परिवार से मिलने जाएंगे। प्रशांत किशोर बोले- बिहार संविधान से चलेगा, सम्राट चौधरी से नहीं भोजपुर के बिलौटी गांव में हुए महापंचायत में जनसुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर भी शामिल हुए। इससे पहले प्रशांत किशोर ने भरत के परिवार से मुलाकात की और न्याय दिलाने का भरोसा दिया। पीके ने कहा कि जांच में गृह मंत्री की भूमिका की जांच होगी। STF के अधिकारी की जांच होगी, जिसने पटना से मारने का आदेश दिया है। क्या मजिस्ट्रेट पर जांच होगी जिसने गोली चलाने के आदेश पर साइन किया है। ये बिहार के लोगों का राज है। लोगों ने सरकार के खिलाफ नारे लगाए बिलौटी गांव से लेकर हाई-वे तक भरत तिवारी के पोस्टर लगाए गए हैं। इसमें उसे शहीद बताते हुए इंसाफ की मांग की गई है। कुछ लोग भरत तिवारी के घर तिरंगा लेकर पहुंचे। यहां सम्राट चौधरी के खिलाफ नारेबाजी की गई। भरत तिवारी अमर रहे के नारे लगे। बिलौटी गांव में करीब 1000 गाड़ियां पहुंच चुकी हैं। 5000 से ज्यादा लोग मौजूद हैं। 17 जून को भरत तिवारी का पुलिस ने एनकाउंटर किया था। बेटे की मौत के बाद परिवार ने मुठभेड़ पर सवाल खड़े किए थे। मां ने पुलिस वालों के खिलाफ थाने में FIR भी दर्ज करवाई है। मामले में SDPO, SHO और अन्य पुलिसकर्मियों पर हत्या का केस दर्ज कर लिया गया है। बुधवार की सुबह सरकार ने जगदीशपुर SDPO राजेश कुमार शर्मा को लाइन हाजिर कर दिया है। CM ने एनकाउंटर की न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं। हालांकि ये जांच किस जज को दी जाएगी अभी ये साफ नहीं हुआ है। महापंचायत से जुड़ी कुछ तस्वीरें देखिए… महापंचायत में मांग- पुलिस पर एक्शन, गांव वालों को सुविधाएं मिलें भरत के भाई चंदन ने कहा, वो यहां की जनता के लिए लड़ रहे थे। उन लोगों की जो समस्याएं थीं उन्हें पूरा किया जाए। हम चाहते हैं जो काम भइया कर रहे थे उन सभी को जल्द से जल्द निपटाया जाए। एनकाउंटर में शामिल पुलिस वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। नालंदा से पहुंचे मन्नु यादव ने कहा कि भरत का बलिदान युवाओं के हित में हुआ है। युवा जाग चुके हैँ। भ्रष्ट नेताओं को टिकने नहीं देंगे। पूरे देश में आंदोलन करेंगे। भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वाले की हत्या हुई है। ये फर्जी एनकाउंटर है। जांच होनी चाहिए। आर्थिक सहयोग देना चाहिए। दिल्ली से पहुंचे सोशल वर्कर रवीश भारद्वाज ने कहा, हमें सीधा एक्शन चाहिए। जिस गांव लिए भरत आवाज उठा रहे थे। उस गांव में सुविधाएं दी जाएं। भरत तिवारी की 12वीं के बाद दिल्ली के लिए कूच करने वाले हैं। बिहार में गुंडाराज को लेकर कंफ्यूज था। पुलिस का है या बदमाशों का है। अब देख लिया है यहां पुलिस का गुंडाराज है। कितने लोगों को बदमाश बनने को मजबूर किया गया होगा। दिल्ली से इस आंदोलन को बढ़ाएंगे। भरत भाई न्याय दिलाएंगे। सहनी बोले- जाति देखकर फर्जी एनकाउंटर करवा रही सरकार बेगूसराय में VIP प्रमुख मुकेश सहनी ने भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “भरत तिवारी का जो एनकाउंटर हुआ, उसमें भी सरकार के लोग अलग-अलग बयान देकर लोगों को भ्रमित कर रहे हैं। बिहार में फर्जी एनकाउंटर हो रहे हैं। तीन महीने पहले मुजफ्फरपुर में पप्पू सहनी का भी फर्जी एनकाउंटर किया गया था।” उन्होंने कहा, “उस मामले में हम लोग सड़क पर उतरे थे। अगर कमेटी बनाकर सही तरीके से कार्रवाई की गई होती, तो आज भरत तिवारी की मौत नहीं होती। सामान्य वर्ग के लोग बधाई के पात्र हैं कि वे अपने अधिकारों के लिए एकजुट होकर आवाज उठा रहे हैं और बिहार में बड़ा आंदोलन खड़ा कर दिया है।” मुकेश सहनी ने आरोप लगाया कि राज्य में जाति देखकर गोली चलाई जा रही है और फर्जी एनकाउंटर किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा, “सरकार और विपक्ष सब कुछ देख रहे हैं। एससी, एसटी, ओबीसी और अल्पसंख्यक समाज को निशाना बनाया जा रहा है। सभी लोगों को जागने की आवश्यकता है।” भरत तिवारी एनकाउंटर केस में अबतक क्या-क्या हुआ

