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मखदुमपुर प्रखंड मुख्यालय स्थित रेफरल अस्पताल के समीप एक गली की झाड़ी में पूर्व मंत्री स्वर्गीय रामाश्रय प्रसाद सिंह की प्रतिमा लावारिस अवस्था में मिलने से क्षेत्र में चर्चा और नाराजगी का माहौल है। प्रतिमा की इस तरह उपेक्षित स्थिति को लेकर राजनीतिक कार्यकर्ताओं के साथ स्थानीय लोगों ने भी चिंता जताई है। मौके पर पहुंचे पूर्व सांसद प्रतिमा के झाड़ियों में पड़े होने की जानकारी मिलने के बाद सोमवार को पूर्व सांसद डॉ. जगदीश शर्मा मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थल का निरीक्षण किया और प्रतिमा की स्थिति पर चिंता व्यक्त की। डॉ. शर्मा ने कहा कि रामाश्रय प्रसाद सिंह जन-जन के नेता थे। उन्होंने अपने सार्वजनिक जीवन में क्षेत्र के विकास और आम लोगों के हितों के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए। ऐसे सम्मानित नेता की प्रतिमा का झाड़ियों में लावारिस हालत में मिलना उनके सम्मान और स्मृति का अपमान है। उन्होंने कहा कि इससे क्षेत्र के लोगों की भावनाएं भी आहत हुई हैं। सम्मानजनक स्थान पर स्थापित करने की मांग पूर्व सांसद ने कहा कि किसी महापुरुष, समाजसेवी या जननेता की प्रतिमा स्थापित करने के बाद उसके संरक्षण और रखरखाव की जिम्मेदारी प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की होती है। प्रतिमा को इस तरह उपेक्षित अवस्था में छोड़ना उचित नहीं है। उन्होंने मांग की कि प्रतिमा को शीघ्र सम्मानजनक स्थान पर स्थापित किया जाए और उसके संरक्षण व नियमित रखरखाव की स्थायी व्यवस्था की जाए, ताकि आने वाली पीढ़ियां रामाश्रय प्रसाद सिंह के योगदान से प्रेरणा ले सकें। सरकार से करेंगे पत्राचार डॉ. जगदीश शर्मा ने बताया कि वे मामले को गंभीरता से लेते हुए बिहार सरकार के संबंधित अधिकारियों और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से पत्राचार करेंगे। उन्होंने सरकार से प्रतिमा को उचित स्थान पर पुनर्स्थापित कराने और उसके संरक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की। स्थानीय लोगों में भी नाराजगी प्रतिमा के झाड़ियों में लावारिस हालत में मिलने की खबर के बाद स्थानीय लोगों में भी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि क्षेत्र के वरिष्ठ नेताओं और समाजसेवियों की स्मृतियों का सम्मान बनाए रखना प्रशासन और समाज दोनों की जिम्मेदारी है। लोगों ने जल्द प्रतिमा को सम्मानजनक स्थान पर स्थापित कर नियमित रखरखाव की व्यवस्था करने की मांग की है। पूर्व मंत्री स्वर्गीय रामाश्रय प्रसाद सिंह के बारे में
रामाश्रय प्रसाद सिंह एक भारतीय राजनीतिज्ञ थे। वे भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के सदस्य के रूप में जहानाबाद से लोकसभा के लिए 4 बार निर्वाचित हुए थे। इसके अलावा घोसी निर्वाचन क्षेत्र से वे दो बार बिहार विधानसभा के सदस्य भी चुने गए थे।

