मोहर्रम की नौवीं तारीख पर बिहार सरकार के मंत्री और जहानाबाद के प्रभारी मंत्री जमा खान गुरुवार को अलीनगर पाली स्थित इमामबाड़े पहुंचे। उन्होंने शमा रौशन कर प्रदेश और देश में अमन, शांति तथा खुशहाली की दुआ मांगी। मोहर्रम के अवसर पर अलीनगर पाली में श्रद्धालुओं, जनप्रतिनिधियों और गणमान्य लोगों की लगातार आवाजाही बनी हुई है। इससे पहले मोहर्रम की सातवीं तारीख को बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी भी अलीनगर पाली पहुंचकर शमा रौशन कर चुके थे। नौवीं तारीख के कार्यक्रम में मंत्री जमा खान के साथ सैयद सलमान हुसैन, अलमदार हुसैन, मुशर्रफ इमाम पालवी, हैदर काजमी, अकील काजमी, मजहर इमाम, जदयू जिलाध्यक्ष प्रोफेसर सुशील कुमार सिंह और मेराज अहमद सुड्डू सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे। इस अवसर पर मंत्री जमा खान ने कहा कि अलीनगर पाली में मोहर्रम का वास्तविक स्वरूप और उसकी समृद्ध परंपरा देखने को मिलती है। उन्होंने बताया कि हजरत इमाम हुसैन की याद में व्यक्त की जाने वाली श्रद्धा, आस्था और गम इंसानियत, त्याग और बलिदान का संदेश देता है। मंत्री ने क्षेत्र में कायम धार्मिक सौहार्द और भाईचारे की परंपरा की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन सामाजिक एकता को मजबूत करने का कार्य करते हैं। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने देश की तरक्की, आपसी सद्भाव, शांति और खुशहाली के लिए विशेष दुआएं मांगीं। अलीनगर पाली का मोहर्रम हर वर्ष अपनी विशिष्ट धार्मिक परंपराओं, अनुशासित आयोजन और बड़ी जनभागीदारी के लिए जाना जाता है। यहां दूर-दराज के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचकर मोहर्रम की रस्मों में शामिल होते हैं।
प्रभारी मंत्री जमा खान अलीनगर पाली पहुंचे:मोहर्रम की नौवीं पर शमा रौशन कर अमन-शांति की दुआ मांगी
मोहर्रम की नौवीं तारीख पर बिहार सरकार के मंत्री और जहानाबाद के प्रभारी मंत्री जमा खान गुरुवार को अलीनगर पाली स्थित इमामबाड़े पहुंचे। उन्होंने शमा रौशन कर प्रदेश और देश में अमन, शांति तथा खुशहाली की दुआ मांगी। मोहर्रम के अवसर पर अलीनगर पाली में श्रद्धालुओं, जनप्रतिनिधियों और गणमान्य लोगों की लगातार आवाजाही बनी हुई है। इससे पहले मोहर्रम की सातवीं तारीख को बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी भी अलीनगर पाली पहुंचकर शमा रौशन कर चुके थे। नौवीं तारीख के कार्यक्रम में मंत्री जमा खान के साथ सैयद सलमान हुसैन, अलमदार हुसैन, मुशर्रफ इमाम पालवी, हैदर काजमी, अकील काजमी, मजहर इमाम, जदयू जिलाध्यक्ष प्रोफेसर सुशील कुमार सिंह और मेराज अहमद सुड्डू सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे। इस अवसर पर मंत्री जमा खान ने कहा कि अलीनगर पाली में मोहर्रम का वास्तविक स्वरूप और उसकी समृद्ध परंपरा देखने को मिलती है। उन्होंने बताया कि हजरत इमाम हुसैन की याद में व्यक्त की जाने वाली श्रद्धा, आस्था और गम इंसानियत, त्याग और बलिदान का संदेश देता है। मंत्री ने क्षेत्र में कायम धार्मिक सौहार्द और भाईचारे की परंपरा की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन सामाजिक एकता को मजबूत करने का कार्य करते हैं। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने देश की तरक्की, आपसी सद्भाव, शांति और खुशहाली के लिए विशेष दुआएं मांगीं। अलीनगर पाली का मोहर्रम हर वर्ष अपनी विशिष्ट धार्मिक परंपराओं, अनुशासित आयोजन और बड़ी जनभागीदारी के लिए जाना जाता है। यहां दूर-दराज के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचकर मोहर्रम की रस्मों में शामिल होते हैं।

