सिटी रिपोर्टर | बोकारो झारखंड सरकार के स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने प्राथमिक विद्यालयों (कक्षा 1 से 5) के शिक्षकों के कौशल विकास के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रावधानों के तहत शिक्षकों के लिए 50 घंटे का सतत पेशेवर विकास (सीपीडी) प्रशिक्षण अनिवार्य किया गया है। इसके तहत फिलहाल 30 घंटे का ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षक आवश्यकता आकलन के रिजल्ट पर आधारित है। शिक्षकों के बीच स्किल गैप की पहचान कर उन्हें चार अलग-अलग समूहों में विभाजित किया गया है। प्रत्येक समूह को उनकी विशिष्ट आवश्यकताओं के अनुसार, अलग अलग मॉड्यूल प्रदान किये जायेंगे, ताकि शिक्षण की गुणवत्ता में सुधार हो सके। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद शिक्षकों को एक घंटे का ऑनलाइन मूल्यांकन देना होगा। इसमें सफल होने पर एैप के माध्यम से स्व-जनित प्रशिक्षण पूर्णता प्रमाण-पत्र जारी किया जायेगा। विभागीय सचिव उमा शंकर सिंह ने सख्त निर्देश दिये हैं कि निर्धारित समय में प्रशिक्षण पूर्ण न करने वाले शिक्षकों को चिह्नित कर उनके विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जायेगी। पत्र भेज कर उन्होंने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों और प्रिंसिपलों को निर्देश दिया है कि वह सभी िशक्षकों की भागीदारी सुनिश्चित करेंगे। झारखंड के सरकारी विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और शिक्षकों की दक्षता जांचने के लिए शिक्षक आवश्यकता आकलन (टीएनए) के तीसरे चरण की तैयारी पूरी हो गयी है। झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद के प्रशासी पदाधिकारी ने इस संबंध में सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को निर्देश जारी कर दिये हैं। टीएनए राउंड 3 के लिए शिक्षकों का ऑनलाइन पंजीकरण 22 अप्रैल से शुरू विभाग ने स्पष्ट किया है कि इसमें सभी सरकारी स्कूलों के शिक्षकों, सहायक अध्यापकों व शिक्षकों का शामिल होना अनिवार्य है।
