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मुंगेर पुलिस ने जमालपुर प्रखंड के सफियासराय थाना क्षेत्र के आदमपुर गांव निवासी 25 वर्षीय जीएनएम छात्रा स्नेहा कुमारी के अपहरण और हत्या मामले का खुलासा कर दिया है। स्नेहा की हत्या उसके प्रेमी नीरज कुमार यादव ने 19 जनवरी को किराए के कमरे में गला घोंटकर की थी। नीरज की शादी कही और तय होने पर स्नेहा नाराज थी। इसलिए 17 जनवरी को वो नीरज यादव से मिलने पूर्णिया पहुंची थी। यहीं दोनों के बीच कहा सुनी हुई। इसी दौरान गुस्से में आकर युवक ने स्नेहा की हत्या कर दी। हत्या के बाद उसने शव को कफ्तानपारा श्मशान घाट में जला दिया। GNM फाइनल ईयर में थी स्नेहा स्नेहा भागलपुर के सावित्री इंस्टीट्यूट में जीएनएम की पढ़ाई करती थी। इस साल उसका अंतिम सत्र था। वहीं पढ़ाई के दौरान स्नेहा को साल 2022 में नीरज यादव से मुलाकात हुई, उसके बाद दोनों के बीच प्रेम संबंध की शुरुआत हो गई। इसके बाद नीरज यादव पूर्णिया चला गया, जहां वो मेडी सिटी न्यूरो साइंस इंस्टीट्यूट के आईसीयू का आईसीयू इंचार्ज के रूप में कार्य करता था। लेकिन दोनों के बीच लगातार मोबाईल के जरिए बात होती थी। 18 जनवरी की रात मां से की थी बात दरअसल, 18 जनवरी की रात करीब आठ बजे स्नेहा की अपनी मां किरण देवी से बात हुई थी। लेकिन 18 जनवरी से स्नेहा का मोबाईल बंद हो गया था। जिसके बाद परिजन स्नेहा से मिलने भागलपुर पहुंचे, तो उसकी दोस्त से पता चला कि स्नेहा का एक युबक के साथ प्रेम-प्रसंग चल रहा है। वो उसी से मिलने पूर्णिया गई है। इसके बाद परिजन पूर्णिया पहुंची गए, लेकिन उन्हें वहां कुछ भी पता नहीं चला। इसके बाद वो वापस अपने घर मुंगेर पहुंचे। उन्होंने 21 जनवरी को सफियासराय थाना में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद सदर एसडीपीओ अभिषेक आनंद, थानाध्यक्ष संजीत कुमार, अनुसंधानकर्ता एसआई शिवरानी कुमारी और जिला आसूचना इकाई की टीम को मिलाकर एक एसआईटी का गठन किया गया। परिजन के बयान पर आरोपी गिरफ्तार पुलिस ने परिजन के बयान के आधार पर आरोपी नीरज कुमार यादव को 7 फरवरी को पूर्णिया से गिरफ्तार कर लिया। हालांकि, पूछताछ के दौरान आरोपी ने स्नेहा से किसी भी संबंध से इनकार कर दिया, जिसके बाद उसे मुंगेर जेल भेज दिया गया था। एसपी ने बताया कि टीम ने तकनीकी और वैज्ञानिक अनुसंधान फिर से शुरू किया। जांच में पता चला कि स्नेहा 17 जनवरी को नीरज यादव से मिलने पूर्णिया पहुंची थी। 19 जनवरी की सुबह आरोपी ने उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी। शव जलाने के लिए डोम को दिए 8500 शव को ठिकाने लगाने के लिए आरोपी नीरज श्मशान घाट गया और डोम से बात की। उसने डोम को बताया कि यह उसकी पत्नी की आकस्मिक मौत है और शव जलाने की व्यवस्था करने को कहा। डोम ने इसके लिए 8500 रुपए मांगे, जिसका भुगतान अभियुक्त ने मोबाइल के जरिए किया। इसके बाद वह शव को ऑटो से श्मशान घाट लाया और अंतिम संस्कार किया। एसपी ने बताया की जब टीम को पूरी तरह स्नेहा की हत्याकांड की जानकारी पूरी हुई तो जेल में बंद अभियुक्त को रिमांड में लेकर गहन तरीके से पूछताछ की। इसके बाद आरोपी ने गुनाह कबूल किया जिसके बाद अभियुक्त को पूर्णिया ले जाकर क्राइम सीन का रिक्रिएशन किया गया।
एसपी ने बताया की पूछ ताछ के दौरान अभियुक्त ने बताया की मेरी शादी ठीक हो गई थी। स्नेहा इसका विरोध कर रही थी। इसी को लेकर वो मुझसे मिलने 17 जनवरी को पूर्णिया आई थी। वहीं हम दोनों के बीच कहासुनी हुई और स्नेहा ने मेरे शादी करने का विरोध किया, जिसके बाद मैंने स्नेहा की गला घोंटकर हत्या कर दी। पत्नी बताकर स्नेहा का शव जलाया एसपी ने बताया की शमशान घाट में जिन लोगों ने शव को जलाया उसे मुंगेर कोर्ट में प्रस्तुत किया गया। जंहा उन्होंने कोर्ट को बताया कि नीरज यादव झूठ कहकर पत्नी बताकर स्नेहा के शव को शमशान गंगा घाट में जलाया। घटना के बाद अभियुक्त ने अपना जगह चेंज कर लिया था। बेटी को आखिरी बार नहीं देख पाई मां स्नेहा की मां किरण देवी ने बताया कि वर्ष 2022 में स्नेहा के पिता का देहांत हो गया था। वहीं गरीबी होने के बाबजूद मैंने स्नेहा को पढ़ने से नहीं रोका। वो नर्स बनना चाहती थी, इसलिए बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत लोन लेकर स्नेहा ने भागलपुर में प्राइवेट कॉलेज में एडमिशन करवाया, जंहा वह रहकर पढ़ती थी। उन्होंने रोते हुए कहा कि आरोपी ने मेरी बेटी की निर्मम हत्या कर शव को जला दिया। आरोपी ने हमें अपनी बच्ची को आखिरी बार देखने तक नहीं दिया। उन्होंने कहा कि आरोपी को ऐसी सजा होनी चाहिए की किसी भी मां की गोद नहीं उजड़े। उन्होंने कहां कि मैंने सोचा की स्नेहा हमारा सहारा होगी, लेकिन दरिंदे ने उसकी हत्या कर दी।


