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मुजफ्फरपुर में सेना का जवान और सरकारी कर्मचारी बनकर एक युवती को प्रेमजाल में फंसाने और शादी का झांसा देकर हजारों रुपए ठगने का मामला सामने आया है। जांच में खुलासा हुआ है कि खुद को फौजी बताने वाला आरोपी सेना में नहीं, बल्कि पंचर बनाने का काम करता है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने सेना जैसी हेयरकट, कमांडो ड्रेस और वीडियो कॉल पर वर्दी और हथियार दिखाकर युवती का भरोसा जीता। इसके बाद खुद को कभी पाकिस्तान बॉर्डर पर तैनात तो कभी आतंकियों के कब्जे में फंसा बताकर कई किस्तों में रुपए मंगवाता रहा। सकरा थाना क्षेत्र की 21 वर्षीय युवती के आवेदन पर सदर थाना में मुख्य आरोपी मो. अरमान समेत छह लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। फेसबुक से शुरू हुई दोस्ती, वीडियो कॉल पर बढ़ा भरोसा पीड़िता ने पुलिस को बताया कि जनवरी 2026 में फेसबुक पर मो. अरमान की फ्रेंड रिक्वेस्ट आई थी। रिक्वेस्ट स्वीकार करने के बाद दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई, जो धीरे-धीरे प्रेम संबंध में बदल गई। इसके बाद आरोपी लगातार व्हाट्सएप वीडियो कॉल करता था। हर बार वह सेना की वर्दी पहनकर और हथियार दिखाते हुए खुद को सुरक्षा बल का जवान एवं सरकारी कर्मचारी बताता था। शादी का भरोसा देकर उसने युवती का विश्वास पूरी तरह जीत लिया। मुलाकात से पहले कराई आर्मी कटिंग, पहन ली कमांडो ड्रेस पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने अपनी पहचान को विश्वसनीय बनाने के लिए पूरी तैयारी की थी। युवती से पहली मुलाकात से पहले उसने सेना के जवानों जैसी हेयरकट कराई और कमांडो ड्रेस पहनकर मिलने पहुंचा। पुलिस का मानना है कि यह सब युवती को भ्रमित करने और खुद को फौजी साबित करने की सोची-समझी साजिश का हिस्सा था। पाक बॉर्डर और आतंकियों का बहाना बनाकर मंगवाए पैसे आरोपी अलग-अलग बहाने बनाकर युवती से रुपए मंगवाता रहा। कभी वह खुद को पाकिस्तान सीमा पर ड्यूटी पर तैनात बताता, तो कभी आतंकियों के कब्जे में होने की कहानी सुनाकर तत्काल पैसों की जरूरत बताता था। भावनात्मक दबाव बनाकर उसने कई बार ऑनलाइन रुपये ट्रांसफर करवाए। आवेदन के अनुसार, 8 मार्च को आरोपी ने 20 हजार, 15 हजार, 10 हजार और 5 हजार रुपए, 31 मार्च को 3 हजार रुपए और 16 अप्रैल को 1,500 रुपए ट्रांसफर करवाए। रुपए सीधे अपने खाते में लेने के बजाय वह दूसरे व्यक्ति का क्यूआर कोड भेजता था, ताकि जांच उससे सीधे न जुड़ सके। दूसरी शादी का पता चलते ही खुली हकीकत कुछ समय बाद युवती को पता चला कि मो. अरमान पहले ही दूसरी शादी कर चुका है। इसका विरोध करने वह अपनी मां और चाचा के साथ आरोपी के घर पहुंची। आरोप है कि वहां आरोपी और उसके परिजनों ने उनके साथ मारपीट की, जातिसूचक शब्द कहे और हथियार दिखाकर जान से मारने तथा वहीं दफना देने की धमकी दी। इस दौरान युवती ने डायल-112 पर कॉल कर पुलिस से मदद मांगी। पुलिस के हाथ लगे डिजिटल साक्ष्य पीड़िता ने पुलिस को आरोपी के वर्दी और हथियार वाले फोटो, व्हाट्सएप वीडियो कॉल के स्क्रीनशॉट और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन से जुड़े दस्तावेज सौंपे हैं। सदर थाना पुलिस इन सभी डिजिटल साक्ष्यों का तकनीकी सत्यापन कर रही है। पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में आरोपी के सेना या किसी सरकारी विभाग में कार्यरत होने की बात गलत पाई गई है। वह पंचर बनाने का काम करता है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। साथ ही बैंक खातों, मोबाइल नंबरों, क्यूआर कोड और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी गहन जांच की जा रही है।
