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पितृपक्ष मेले में इस बार गयाजी का रंग-रूप बदला नजर आएगा। तीर्थ यात्रियों को साफ-सफाई और पेयजल की सुविधा तो मिलेगी ही। साथ ही में शहर की धार्मिक और ऐतिहासिक विरासत को भी नए अंदाज में देखने को मिलेगा। फल्गु नदी में फव्वारे चलेंगे। लेजर लाइट शो के जरिए गयाजी की पहचान और विरासत को प्रदर्शित किया जाएगा। इन तैयारियों को लेकर नगर निगम बोर्ड की बैठक हुई। बैठक में पितृपक्ष मेले की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा हुई। सफाई, पेयजल, रोशनी, सड़क और नाली की व्यवस्था को बेहतर करने के प्रस्तावों पर सदस्यों ने सहमति दी।
मेयर गणेश पासवान ने कहा कि पितृपक्ष मेला गयाजी की पहचान है। देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु यहां आते हैं। ऐसे में उनकी सुविधा के साथ शहर की छवि बेहतर रखना निगम की जिम्मेदारी है। लेजर शो में दिखेगी गयाजी की विरासत निगम की खास तैयारी लेजर लाइट शो को लेकर है। इसके जरिए गयाजी के धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व को आकर्षक तरीके से दिखाया जाएगा। फल्गु नदी में फव्वारे भी लगाए जाएंगे। इससे मेला क्षेत्र का स्वरूप बदलेगा। श्रद्धालुओं को पिंडदान और तर्पण के साथ गयाजी की विरासत को नए अंदाज में देखने का मौका मिलेगा। मेला क्षेत्र में सफाई व्यवस्था पर भी निगम का जोर है। कचरे की ढुलाई पूरी तरह ढककर करने की बात कही गई है। इससे रास्ते में कचरा फैलने की समस्या कम होगी। कचरे से दुर्गंध नहीं आए, इसके लिए इत्र का छिड़काव भी किया जाएगा।
निगम की कोशिश है कि पिंडदान स्थलों और प्रमुख रास्तों पर सफाई व्यवस्था लगातार बनी रहे। श्रद्धालुओं को गंदगी और दुर्गंध के बीच से नहीं गुजरना पड़े। पितृपक्ष के दौरान मेला क्षेत्र में प्याऊ लगाए जाएंगे। यहां श्रद्धालुओं को शीतल पेयजल मिलेगा। उमस भरी गर्मी में इससे तीर्थयात्रियों को राहत देने की तैयारी है। निगम का दावा है कि मेला क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं को लेकर विशेष व्यवस्था की जा रही है।
खुले में मांस-मछली की बिक्री पर सख्ती बैठक में खुले में मांस-मछली की बिक्री का मुद्दा भी उठा। नगर आयुक्त डॉ. गगन कुमार ने इस संबंध में प्रस्ताव रखा। पार्षदों ने खुले में बिक्री पर रोक लगाने की बात कही। सदस्यों ने कहा कि बिक्री की अनुमति वाले दुकानदारों को भी पर्दे की व्यवस्था करनी होगी। अवैध रूप से चल रही दुकानों को बंद कराने की बात कही गई। ऑटो स्टैंड की वसूली बंद करने पर पार्षद नाराज पितृपक्ष के दौरान करीब 15 दिनों तक ऑटो स्टैंड से वसूली बंद करने के प्रस्ताव पर पार्षदों ने आपत्ति जताई। सदस्यों ने कहा कि ऑटो स्टैंड निगम की आय का बड़ा स्रोत है। ऐसे में 15 दिनों तक वसूली बंद करने से निगम के राजस्व पर असर पड़ेगा। पार्षदों ने कहा कि अगर जिला प्रशासन बस पड़ाव से वसूली बंद करता है, तभी निगम के ऑटो स्टैंड की वसूली पर रोक लगाने पर विचार किया जाए। यानी मेला व्यवस्था के साथ निगम के राजस्व हित को भी नजरअंदाज नहीं करने की मांग की गई।
स्वच्छता पदाधिकारी की वित्तीय शक्ति खत्म
स्वच्छता पदाधिकारी शुभम कुमार के कामकाज को लेकर भी सदस्यों ने सवाल उठाए। सदस्यों ने कई कार्यों की अनदेखी का आरोप लगाया। इस पर नगर आयुक्त ने बताया कि सशक्त स्थायी समिति की बैठक में जानकारी देने के बाद स्वच्छता पदाधिकारी की वित्तीय शक्तियां खत्म कर दी गई हैं। उनके खिलाफ जल्द परिपत्र क गठित करने की बात भी कही गई। बैठक में डिप्टी मेयर चिंता देवी, नगर आयुक्त डॉ. गगन कुमार, सशक्त स्थायी समिति के सदस्य अखौरी ओंकार नाथ उर्फ मोहन श्रीवास्तव, दीपक कुमार चंद्रवंशी, डिम्पल कुमार, राजेश कुमार यादव उर्फ लाल बाबू, हसनैन अली, अंजली कुमारी, जयप्रकाश सिंह यादव समेत निगम के अधिकारी मौजूद रहे।
फल्गु में फव्वारे चलेंगे, लेजर शो से दिखेगी धार्मिक विरासत:पितृपक्ष से पहले निगम की खास तैयारी, नगर निगम बोर्ड की बैठक में प्रस्तावों पर सहमति
