पटना पुलिस की जांच में फैजल खान (खान सर) के दोनों बॉडीगार्ड्स के हथियारों के वेरिफिकेशन के दौरान अहम जानकारियां सामने आई हैं। इस दौरान चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जिस हथियार से गोली चलवाई गई थी, वह तालेबर सिंह (34), निवासी कासगंज (उत्तर प्रदेश) का है, लेकिन उसके नाम पर जारी हथियार लाइसेंस का परमिट पूरे भारत के लिए मान्य नहीं पाया गया। आरोप है कि उतर प्रदेश से बिहार में हथियार लेकर आने, हथियार लेकर सुरक्षा ड्यूटी करने के लिए तालेबर सिंह के पास वैध अनुमति नहीं थी। फिर भी वह बिहार में बॉडीगार्ड की नौकरी कर रहा था। पुलिस ने फायरिंग में इस्तेमाल किए गए हथियारों और उनके लाइसेंस की जांच के बाद कई बिंदुओं को अपडेटेड केस डायरी में शामिल किया है। थाने को नहीं दी सूचना, वेरिफिकेशन भी नहीं कराया पुलिस सूत्रों के मुताबिक, तालेबर सिंह गैर कानूनी तरीके से हथियार लेकर बिहार में बॉडीगार्ड की नौकरी कर रहा था। जांच में यह भी सामने आया है कि बिहार में हथियार के साथ नौकरी करने की जानकारी स्थानीय प्रशासन, आर्म्स मजिस्ट्रेट या संबंधित थाने को नहीं दी गई थी, जो कानूनन अपराध है। बिना आवश्यक अनुमति के हथियार लेकर बिहार में काम करना कानून के दायरे में जांच का विषय है। खान ने भी हथियार का वेरिफिकेशन नहीं कराया इसके साथ ही जिसने (खान सर) तालेबर सिंह को बॉडी गार्ड के तौर पर हायर किया, उन्होंने भी कभी इसका पुलिस वेरिफिकेशन नहीं कराया। अपने साथ अवैध हथियार लेकर घूमते रहे और कथित तौर पर दहशत फैलाने के इरादे से फायरिंग भी करावा दी, जबकि उन्हें एक रिस्पॉन्सिबल व्यक्ति होने के चलते कानूनी प्रक्रिया को पूरा करना चाहिए था। हालांकि, इसको लेकर संबंधित पक्ष की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है। दूसरे बॉडीगार्ड के हथियार पर भी जांच इसी तरीके से दूसरे बॉडीगार्ड प्रदीप कुमार का हथियार मैनपुरी यूपी से निर्गत है। इस हथियार का वेरिफिकेशन के दौरान पता चला है कि ऑल ओवर इंडिया परमिट तो है, लेकिन यह प्रदीप के पिता की हत्या के बाद सेल्फ डिफेंस के लिए प्रोवाइड किया गया था, जिसका गलत इस्तेमाल इसने सिक्योरिटी एजेंसी के साथ मिलकर निजी फायदे के लिए किया। यह आर्म्स लाइसेंस के मानकों के अनुरूप नहीं है। अपडेट केस डायरी से बढ़ेंगी खान की मुश्किलें पुलिस ने इन तमाम बिंदुओं की जिक्र अपनी अपडेटेड केस डायरी में भी की है। फैजल खान मामले में आगे की कार्रवाई को लेकर 30 जून को पटना सिविल कोर्ट में सुनवाई होनी है। इधर, 13 जुलाई को खान सर के द्वारा FIR क्वेशिंग के लिए पटना हाई कोर्ट में फाइल की गई याचिका पर भी सुनवाई होगी। कोर्ट ने इस मामले में वरीय अधिकारियों को तलब किया है। हालांकि, इन तथ्यों के सामने आने के बाद फैजल खान की मुश्किलें बढ़ सकती है। पटना हाई कोर्ट में भी मुश्किलें बढ़ सकती है। लोक अभियोजक लगातार फैजल खान उर्फ खान सर और उनके दोनों गार्ड्स की जमानत खारिज करने के लिए बहस कर रहे हैं। बेल का विरोध कर रहे हैं।
फैजल खान ने अवैध हथियार से चलवाई थी गोली:हथियार वेरिफिकेशन में खुलासा, एक बॉडीगार्ड के पास परमिट नहीं; दूसरे के पास सिर्फ सेल्फ डिफेंस का लाइसेंस
पटना पुलिस की जांच में फैजल खान (खान सर) के दोनों बॉडीगार्ड्स के हथियारों के वेरिफिकेशन के दौरान अहम जानकारियां सामने आई हैं। इस दौरान चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जिस हथियार से गोली चलवाई गई थी, वह तालेबर सिंह (34), निवासी कासगंज (उत्तर प्रदेश) का है, लेकिन उसके नाम पर जारी हथियार लाइसेंस का परमिट पूरे भारत के लिए मान्य नहीं पाया गया। आरोप है कि उतर प्रदेश से बिहार में हथियार लेकर आने, हथियार लेकर सुरक्षा ड्यूटी करने के लिए तालेबर सिंह के पास वैध अनुमति नहीं थी। फिर भी वह बिहार में बॉडीगार्ड की नौकरी कर रहा था। पुलिस ने फायरिंग में इस्तेमाल किए गए हथियारों और उनके लाइसेंस की जांच के बाद कई बिंदुओं को अपडेटेड केस डायरी में शामिल किया है। थाने को नहीं दी सूचना, वेरिफिकेशन भी नहीं कराया पुलिस सूत्रों के मुताबिक, तालेबर सिंह गैर कानूनी तरीके से हथियार लेकर बिहार में बॉडीगार्ड की नौकरी कर रहा था। जांच में यह भी सामने आया है कि बिहार में हथियार के साथ नौकरी करने की जानकारी स्थानीय प्रशासन, आर्म्स मजिस्ट्रेट या संबंधित थाने को नहीं दी गई थी, जो कानूनन अपराध है। बिना आवश्यक अनुमति के हथियार लेकर बिहार में काम करना कानून के दायरे में जांच का विषय है। खान ने भी हथियार का वेरिफिकेशन नहीं कराया इसके साथ ही जिसने (खान सर) तालेबर सिंह को बॉडी गार्ड के तौर पर हायर किया, उन्होंने भी कभी इसका पुलिस वेरिफिकेशन नहीं कराया। अपने साथ अवैध हथियार लेकर घूमते रहे और कथित तौर पर दहशत फैलाने के इरादे से फायरिंग भी करावा दी, जबकि उन्हें एक रिस्पॉन्सिबल व्यक्ति होने के चलते कानूनी प्रक्रिया को पूरा करना चाहिए था। हालांकि, इसको लेकर संबंधित पक्ष की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है। दूसरे बॉडीगार्ड के हथियार पर भी जांच इसी तरीके से दूसरे बॉडीगार्ड प्रदीप कुमार का हथियार मैनपुरी यूपी से निर्गत है। इस हथियार का वेरिफिकेशन के दौरान पता चला है कि ऑल ओवर इंडिया परमिट तो है, लेकिन यह प्रदीप के पिता की हत्या के बाद सेल्फ डिफेंस के लिए प्रोवाइड किया गया था, जिसका गलत इस्तेमाल इसने सिक्योरिटी एजेंसी के साथ मिलकर निजी फायदे के लिए किया। यह आर्म्स लाइसेंस के मानकों के अनुरूप नहीं है। अपडेट केस डायरी से बढ़ेंगी खान की मुश्किलें पुलिस ने इन तमाम बिंदुओं की जिक्र अपनी अपडेटेड केस डायरी में भी की है। फैजल खान मामले में आगे की कार्रवाई को लेकर 30 जून को पटना सिविल कोर्ट में सुनवाई होनी है। इधर, 13 जुलाई को खान सर के द्वारा FIR क्वेशिंग के लिए पटना हाई कोर्ट में फाइल की गई याचिका पर भी सुनवाई होगी। कोर्ट ने इस मामले में वरीय अधिकारियों को तलब किया है। हालांकि, इन तथ्यों के सामने आने के बाद फैजल खान की मुश्किलें बढ़ सकती है। पटना हाई कोर्ट में भी मुश्किलें बढ़ सकती है। लोक अभियोजक लगातार फैजल खान उर्फ खान सर और उनके दोनों गार्ड्स की जमानत खारिज करने के लिए बहस कर रहे हैं। बेल का विरोध कर रहे हैं।


