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चाइनीज मांझा से गले में लगा कट राजधानी में पूरी तरह प्रतिबंधित होने के बावजूद जानलेवा चाइनीज मांझा सड़कों पर मंडरा रहा है। शनिवार शाम करीब 4:30 बजे रातू रोड फ्लाईओवर से गुजर रहे पंडरा निवासी किशन सिन्हा इसकी चपेट में आ गए। धारदार मांझे से उनके गले में गहरा कट लग गया। मांझा इतना धारदार था कि उनके हेलमेट का फीता और गले में लगा नेकबैंड तक कट गया। किशन ने बताया कि जैसे ही वह फ्लाईओवर पर जायसवाल पेट्रोल पंप के समीप पहुंचे, अचानक उनके गले में तेज खिंचाव और जलन महसूस हुई। अनहोनी की आशंका भांपते हुए उन्होंने तुरंत बाइक की रफ्तार धीमी की और रुककर देखा तो उनके गले से खून बह रहा था। उन्होंने जब खुद को बचाने के लिए गले में फंसे मांझे को हाथ से समेटने की कोशिश की, तो उनकी हथेलियां और उंगलियां भी लहूलुहान हो गईं। आनन-फानन में किशन नजदीकी मेडिकल स्टोर पहुंचे, जहां उन्होंने प्राथमिक उपचार कराया। ग्लास कोटिंग से बनता है चाइनीज मांझा: चाइनीज मांझा साधारण सूती धागा नहीं, बल्कि नायलॉन, प्लास्टिक और कांच के बारीक बुरादे से बनता है। यह खिंचने पर टूटता नहीं, बल्कि ब्लेड की तरह त्वचा, नसों और यहां तक कि प्लास्टिक व रबर को भी चीर देता है। एनजीटी व स्थानीय प्रशासन ने इसके भंडारण, बिक्री और उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगा रखा है। इसका इस्तेमाल गैर-कानूनी और दंडनीय अपराध है।
फ्लाईओवर पर युवक का गला चाइनीज मांझे से कटने से बचा, हेलमेट का फीता और नेकबैंड तक कटे
