Sunday, May 3, 2026

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बंगाल चुनाव में वोटिंग माइग्रेशन का खेल, क्या खास प्लान के तहत बदली इलेक्टोरल डेमोग्राफी?

बंगाल चुनाव में वोटिंग माइग्रेशन का खेल, क्या खास प्लान के तहत बदली इलेक्टोरल डेमोग्राफी?

Tehelka Investigation West Bengal Election: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के बीच तहलका (Tehelka) की एक सनसनीखेज रिपोर्ट ने राजनीतिक गलियारों में भूकंप ला दिया है. ‘द ग्रेट वोटिंग माइग्रेशन’ (The Great Voting Migration) नाम से की गयी इस तफ्तीश में दावा किया गया है कि बंगाल के सीमावर्ती जिलों और कुछ खास निर्वाचन क्षेत्रों में सुनियोजित तरीके से मतदाताओं का पलायन या स्थानांतरण कराया गया. इस खुलासे ने चुनावी निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर दिये हैं. सवाल है कि क्या हार-जीत का फैसला अब मतदाताओं के ‘आयात-निर्यात’ से तय होगा?

क्या है ‘वोटिंग माइग्रेशन’ की इनसाइड स्टोरी?

तहलका की रिपोर्ट के अनुसार, यह कोई सामान्य पलायन नहीं है, बल्कि एक गहरी चुनावी चाल है. जांच में पाया गया कि कई निर्वाचन क्षेत्रों में सैकड़ों नये मतदाताओं के नाम जोड़े गये, जिनके आवासीय प्रमाण पत्र संदिग्ध थे. मालदा, मुर्शिदाबाद और उत्तर 24 परगना जैसे जिलों में मतदान के पैटर्न में अचानक बदलाव देखा गया. रिपोर्ट में दावा किया गया है कि दूसरे राज्यों या पड़ोसी क्षेत्रों से लोगों को लाकर वोट डलवाने की कोशिशें हुईं.

चुनाव परिणाम को प्रभावित करने के लिए रणनीतिक स्थानांतरण

रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ खास सीटों पर जहां जीत का अंतर बहुत कम रहता है, वहां योजनाबद्ध तरीके से ‘वोट बैंक’ को शिफ्ट किया गया, ताकि अंतिम नतीजों को प्रभावित किया जा सके.

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जांच के चौंकाने वाले तथ्य

तहलका के रिपोर्टरों ने ‘अंडरकवर’ रहकर कुछ ऐसे एजेंटों और बिचौलियों से बात की, जो कथित तौर पर इस माइग्रेशन को मैनेज कर रहे थे.

  • पहचान पत्रों का खेल : चुनाव से पहले मामूली रकम के बदले वोटर आईडी कार्ड में पता बदलवाने और नये कार्ड बनवाने का रैकेट सक्रिय था.
  • वोटर लिस्ट में गड़बड़ी : कई मृत व्यक्तियों के नाम वोटर लिस्ट में बरकरार रहे. उनके स्थान पर ‘प्रवासी’ मतदाताओं के वोट डलवाने की साजिश रची गयी.
  • राजनैतिक शह : रिपोर्ट में संकेत दिया गया है कि इस पूरे खेल को पर्दे के पीछे से कुछ प्रभावशाली राजनीतिक चेहरों का समर्थन प्राप्त था.

इसे भी पढ़ें : बंगाल चुनाव में सबसे बड़ा धमाका, फालता विधानसभा की पूरी वोटिंग रद्द, सभी 285 बूथों पर 21 मई को फिर से वोट

भाजपा हमलावर, चुनाव आयोग पर बढ़ा दबाव

इस खुलासे के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और अन्य विपक्षी दलों ने ममता बनर्जी सरकार को घेरना शुरू कर दिया है. विपक्ष का कहना है कि यह ‘लोकतंत्र की हत्या’ है और चुनाव आयोग को तुरंत उन क्षेत्रों की वोटर लिस्ट की दोबारा जांच करनी चाहिए, जहां माइग्रेशन की शिकायतें आयी हैं. टीएमसी ने इन आरोपों को मनगढ़ंत बताया है.

Tehelka Investigation West Bengal Election: माइग्रेशन के खेल से प्रभावित होंगे चुनावी नतीजे?

4 मई को आने वाले नतीजे क्या इस माइग्रेशन के खेल से प्रभावित होंगे? या फिर जांच एजेंसियां समय रहते इस जाल को तोड़ पायेंगी? तहलका की इस रिपोर्ट ने बंगाल चुनाव की तस्वीर में एक नया और विवादित रंग भर दिया है. (नोट : तहलका की इस रिपोर्ट के तथ्यों की प्रभात खबर पुष्टि नहीं करता है.)

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