
कोलकाता से विकास कुमार गुप्ता की रिपोर्ट
Suspected Pakistani ISI Agent Arrested Bengal: एजाज तपसिया में जूते बनाने की एक दुकान में काम करता था और 20-25 साल से इसी इलाके में रह रहा था. हालांकि जूता बनाने की दुकान के कर्मचारियों का कहना है कि एजाज वहां काम नहीं करता था. आस-पास की दूसरी जूता दुकानों या फैक्टरियों में पूछने पर भी एजाज नाम के किसी व्यक्ति के काम करने का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला.
परिवार का सभी आरोपों से इनकार
एजाज का परिवार इन आरोपों को मानने से इनकार कर रहा है. पड़ोसी भी एजाज को सादा जीवन जीने वाला व्यक्ति बताते हैं. कई स्थानीय लोगों को यकीन नहीं हो रहा कि उसका संबंध पाकिस्तानी जासूस गिरोह से हो सकता है. एजाज के परिवार के सदस्यों का कहना है कि वह जूता बनाने का कर्मचारी था. परिवार ने यह भी बताया कि उनके परिवार के किसी सदस्य के पास पासपोर्ट नहीं था.
एजाज़ की गिरफ्तारी के बाद परिवार में डर
परिवार के सदस्यों के चेहरे पर घबराहट साफ झलक रही थी. डर और बेचैनी साफ दिख रही थी और वह अजनबियों से बात करने में हिचकिचा रहे थे. एजाज़ की गिरफ्तारी के बाद परिवार में डर का माहौल है. जांचकर्ताओं को शुरुआती शक है कि राणा और इजाज दोनों के संबंध पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आइएसआइ से थे और वे काठमांडू आते-जाते रहते थे. क्या इजाज सच में काठमांडू गए थे?
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जांचकर्ताओं को संदेह
परिवार के सदस्यों ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि हां वे बीच-बीच में काठमांडू जाते थे. हालांकि, उन्हें इन यात्राओं के कारण के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है. उन्हें बस इतना पता था कि वह वहां अपने जूते से जुड़े काम के लिये जाते थे. जांचकर्ताओं के अनुसार, राणा मुख्य रूप से काठमांडू से पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के लिए ”हैंडलर” के तौर पर काम करता था, हालांकि वह अपने काम के सिलसिले में अक्सर भारत आते-जाते रहता था. भारत में उसका एक बड़ा नेटवर्क था और जांचकर्ताओं को शक है कि एजाज भी उसी नेटवर्क का हिस्सा था.
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