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बक्सर जिले में लोक आस्था का पर्व सतुआन श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर गंगा स्नान के लिए अहले सुबह से ही घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। दूर-दराज के गांवों और शहरों से लोग बक्सर पहुंचे और गंगा में आस्था की डुबकी लगाकर दान-पुण्य किया। खासकर रामरेखा घाट पर सबसे अधिक भीड़ देखी गई। यहां उत्तर प्रदेश और बिहार के विभिन्न हिस्सों के साथ-साथ रोहतास और कैमूर जिलों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। सतुआन के मौके पर श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान के बाद सत्तू और गुड़ का सेवन किया। इसे प्रसाद के रूप में ग्रहण करने के साथ ही परंपरा के अनुसार सत्तू और गुड़ का दान भी किया गया। सतुआन के साथ शुभ लग्न की होती है शुरुआत रामरेखा घाट पर मौजूद पंडित लाल बाबा ने बताया कि सतुआन के साथ ही सनातन धर्म में शुभ लग्न और मांगलिक कार्यों की शुरुआत हो जाती है। इस दिन गंगा स्नान कर दान-पुण्य करने से परिवार की सुख-समृद्धि और सलामती की कामना की जाती है। घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। भीड़ को नियंत्रित करने और किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए जगह-जगह पुलिस बल तैनात किया गया था। प्रशासन द्वारा लगातार निगरानी रखी जा रही थी ताकि श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो। सतुआन के अवसर पर बाजारों में भी खास रौनक देखने को मिली। खासकर कच्चे आम की मांग काफी बढ़ गई। बाजार में कच्चा आम करीब 30 रुपये प्रति पाव तक बिका। आम का सेवन करने से स्वास्थ्य रहता है अच्छा मान्यता है कि इस दिन आम का सेवन करने से साल भर स्वास्थ्य अच्छा रहता है, इसलिए लोग आम की चटनी के साथ सत्तू का आनंद लेते हैं। गांवों में भी इस पर्व की खास धूम रही, जहां लोगों ने सुबह स्नान कर सत्तू का दान किया और पारंपरिक तरीके से पर्व मनाया। यह त्योहार मूल रूप से फसल कटाई की खुशी का प्रतीक माना जाता है। हालांकि इस बार मौसम की मार के कारण गेहूं की कटाई पूरी तरह शुरू नहीं हो पाई है, फिर भी किसानों और आम लोगों के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी। रामरेखा घाट के अलावा नाथ बाबा घाट, सती घाट, रानी घाट, महदेवा घाट और दियारा क्षेत्र के विभिन्न घाटों पर भी श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान कर आस्था प्रकट की। पूरे जिले में सतुआन का पर्व भक्ति, परंपरा और उल्लास के साथ संपन्न हुआ।

