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शारदीय नवरात्र के पहले दिन रविवार को बक्सर शहर में भक्ति और उत्साह का संगम देखने को मिला। माता रानी के जयकारों, ढोल-नगाड़ों की गूंज और देवी-देवताओं की आकर्षक झांकियों के बीच भव्य कलश यात्रा निकाली गई। हाथों में लाल ध्वज और सिर पर ‘जय माता दी’ की पट्टी बांधे श्रद्धालु पूरे उत्साह के साथ यात्रा में शामिल हुए। ढोल-नगाड़ों और डीजे की धुन पर नाचते-गाते भक्तों से शहर का माहौल भक्तिमय हो गया। यात्रा जिस रास्ते से गुजरी, वहां लोगों की भीड़ जुटती रही और माता रानी के जयकारे गूंजते रहे। भारतीय कला निकेतन ने निकाली कलश यात्रा शहर के यमुना चौक स्थित भारतीय कला निकेतन की ओर से निकाली गई कलश यात्रा आकर्षण का केंद्र रही। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। हाथों में लाल झंडे लेकर भक्त माता की आराधना में लीन नजर आए। ढोल-नगाड़ों की थाप और डीजे की धुन पर युवा समेत अन्य श्रद्धालु झूमते दिखाई दिए। यात्रा के दौरान जगह-जगह लोगों ने श्रद्धालुओं का स्वागत किया। देवी-देवताओं की झांकियों को देखने के लिए सड़क किनारे लोगों की भीड़ जमा रही। बच्चे, युवा और बुजुर्ग परिवार के साथ इस धार्मिक आयोजन को देखने पहुंचे। पूरे रास्ते भक्ति गीतों और माता रानी के जयकारों से माहौल उत्सवी बना रहा। श्रीकृष्ण, वामन और बजरंगबली की झांकियों ने खींचा ध्यान कलश यात्रा में देवी-देवताओं की जीवंत झांकियां आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहीं। भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप, भगवान वामन, बजरंगबली और मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की झांकियां प्रस्तुत की गईं। आकर्षक वेशभूषा और साज-सज्जा में सजे कलाकारों ने धार्मिक प्रसंगों की सुंदर झलक दिखाई। झांकियों को देखने के लिए सड़क किनारे लोगों की भीड़ लगी रही। खासकर भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप और मां दुर्गा के विभिन्न रूपों ने लोगों का ध्यान खींचा। कलाकारों की प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं को आकर्षित किया। आयोजन के माध्यम से शहर की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं की झलक भी देखने को मिली। श्रद्धालुओं पर पुष्प वर्षा कर किया स्वागत कलश यात्रा के स्वागत में शहरवासियों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं और झांकियों पर पुष्प वर्षा की गई। फूलों की वर्षा, भक्ति गीतों और माता रानी के जयकारों के बीच यात्रा आगे बढ़ती रही। स्थानीय लोगों की सहभागिता से आयोजन की भव्यता बढ़ गई। रास्ते में लोगों ने रुककर झांकियों का दर्शन किया और श्रद्धालुओं के उत्साह में शामिल हुए। पूरे आयोजन के दौरान आस्था और उल्लास का माहौल बना रहा। रामरेखा घाट से गंगाजल लेकर पूजा पंडाल लौटी यात्रा कलश यात्रा शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए प्रसिद्ध रामरेखा घाट पहुंची। यहां श्रद्धालुओं ने कलश में गंगाजल भरा। इसके बाद यात्रा वापस अपने पूजा पंडाल पहुंची। गंगाजल भरने की धार्मिक परंपरा के साथ नवरात्र के पूजा-अनुष्ठानों की शुरुआत हुई। शारदीय नवरात्र के अवसर पर निकाली गई इस कलश यात्रा में धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक सहभागिता की भी झलक देखने को मिली। श्रद्धालुओं के उत्साह, आकर्षक झांकियों और शहरवासियों के स्वागत ने आयोजन को खास बना दिया। माता रानी के जयकारों से बक्सर शहर में देर तक भक्तिमय माहौल बना रहा।
बक्सर में शरदीय नवरात्र पर निकली भव्य कलश यात्रा:श्रीकृष्ण-बजरंगबली की झांकियों ने मोहा मन, लाल ध्वज लेकर माता की भक्ति में झूमे श्रद्धालु
