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बक्सर के उत्पाद न्यायालय संख्या-02 ने शराब तस्करी के एक बड़े मामले में कड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने दो दोषियों को 5-5 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही, दोनों पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। यदि वे जुर्माना नहीं चुकाते हैं, तो उन्हें अतिरिक्त 6 माह का साधारण कारावास भुगतना होगा। यह फैसला मंगलवार को न्यायाधीश सोनेलाल रजक की अदालत ने सुनाया, जिसने 25 अप्रैल को आरोपियों को दोषी करार दिया था। उत्पाद विभाग की टीम सघन जांच कर रही
यह मामला वर्ष 2025 का है। वीर कुंवर सिंह चेकपोस्ट पर उत्पाद विभाग की टीम सघन जांच कर रही थी। इसी दौरान एक संदिग्ध ट्रक (सीजी 19 बीआर 7706) को रोका गया। तलाशी में ट्रक से कुल 6147 लीटर अवैध शराब बरामद हुई। मौके पर ही ट्रक को जब्त कर लिया गया और दो तस्करों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हरियाणा के पानीपत जिले के बोधियाल निवासी गौरव हुड्डा (23 वर्ष) और रोहतक जिले के नवावास निवासी मोहित (25 वर्ष) के रूप में हुई थी। उन पर बिहार में शराबबंदी कानून के उल्लंघन और अवैध शराब की तस्करी का आरोप था। गवाहों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ मजबूत पक्ष रखा
इस मामले के सूचक उत्पाद निरीक्षक कुंदन कुमार थे। अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक अवधेश कुमार राय, अपर विशेष लोक अभियोजक रविंद्र कुमार सिन्हा और श्यामा श्रीचंद्र ने अदालत में सशक्त पैरवी की। उन्होंने साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ मजबूत पक्ष रखा। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों, प्रस्तुत साक्ष्यों और मामले की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए यह फैसला सुनाया। न्यायालय ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि राज्य में लागू शराबबंदी कानून का उल्लंघन गंभीर अपराध है और ऐसे मामलों में सख्त सजा आवश्यक है, ताकि अवैध तस्करी पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
