पूर्णिया जिले के के.नगर थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक हादसे में ढाई वर्षीय मासूम बच्ची की हालत गंभीर हो गई। बताया जा रहा है कि उसकी बड़ी बहन ने नादानी में खेतों में इस्तेमाल होने वाली कीटनाशक दवा उसे पिला दी। गंभीर हालत में बच्ची को पूर्णिया जीएमसीएच में भर्ती कराया गया, जहां से डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया। घटना बुधवार देर शाम की बताई जा रही है। बच्ची की पहचान झुन्नी कला निवासी दीपक कुमार मेहता की ढाई वर्षीय पुत्री मीनाक्षी कुमारी के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, घर में रखी कीटनाशक दवा को बड़ी बहन ने गलती से मीनाक्षी को पिला दिया। दवा पीने के कुछ ही देर बाद बच्ची की तबीयत बिगड़ने लगी। परिजनों ने आनन-फानन में उसे पूर्णिया के राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (जीएमसीएच) में भर्ती कराया। चिकित्सकों ने कई घंटों तक इलाज किया, लेकिन हालत गंभीर होने के कारण उसे बेहतर उपचार के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। इलाजरत बच्ची की मां रुचि कुमारी ने बताया कि उनके जेठ सुरेंद्र मेहता खेती में उपयोग होने वाली कीटनाशक दवा का व्यवसाय करते हैं। वही दवा घर में रखी हुई थी, जिसे बड़ी बेटी ने अनजाने में मीनाक्षी को पिला दिया। उन्होंने बताया कि बच्ची की स्थिति अभी भी नाजुक बनी हुई है। घटना के बाद परिवार में चिंता का माहौल है। चिकित्सकों की निगरानी में बच्ची का इलाज जारी है। वहीं परिजनों ने लोगों से अपील की है कि जहरीले रसायन और कीटनाशक बच्चों की पहुंच से दूर रखें, ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।
बड़ी बहन ने गलती से बच्ची को पिलाया कीटनाशक:पूर्णिया में ढाई साल की मासूम की हालत बिगड़ी, हायर सेंटर रेफर किया गया
पूर्णिया जिले के के.नगर थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक हादसे में ढाई वर्षीय मासूम बच्ची की हालत गंभीर हो गई। बताया जा रहा है कि उसकी बड़ी बहन ने नादानी में खेतों में इस्तेमाल होने वाली कीटनाशक दवा उसे पिला दी। गंभीर हालत में बच्ची को पूर्णिया जीएमसीएच में भर्ती कराया गया, जहां से डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया। घटना बुधवार देर शाम की बताई जा रही है। बच्ची की पहचान झुन्नी कला निवासी दीपक कुमार मेहता की ढाई वर्षीय पुत्री मीनाक्षी कुमारी के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, घर में रखी कीटनाशक दवा को बड़ी बहन ने गलती से मीनाक्षी को पिला दिया। दवा पीने के कुछ ही देर बाद बच्ची की तबीयत बिगड़ने लगी। परिजनों ने आनन-फानन में उसे पूर्णिया के राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (जीएमसीएच) में भर्ती कराया। चिकित्सकों ने कई घंटों तक इलाज किया, लेकिन हालत गंभीर होने के कारण उसे बेहतर उपचार के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। इलाजरत बच्ची की मां रुचि कुमारी ने बताया कि उनके जेठ सुरेंद्र मेहता खेती में उपयोग होने वाली कीटनाशक दवा का व्यवसाय करते हैं। वही दवा घर में रखी हुई थी, जिसे बड़ी बेटी ने अनजाने में मीनाक्षी को पिला दिया। उन्होंने बताया कि बच्ची की स्थिति अभी भी नाजुक बनी हुई है। घटना के बाद परिवार में चिंता का माहौल है। चिकित्सकों की निगरानी में बच्ची का इलाज जारी है। वहीं परिजनों ने लोगों से अपील की है कि जहरीले रसायन और कीटनाशक बच्चों की पहुंच से दूर रखें, ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।

