Wednesday, August 12, 2026

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बांका के डीएन सिंह कॉलेज में फाइनेंसियल गड़बड़ी का आरोप:राज्यपाल से हाई लेवल इन्वेस्टीगेशन की मांग, 1.50 करोड़ के शेड पर सवाल


बांका के रजौन प्रखंड अंतर्गत डीएन सिंह महाविद्यालय भूसिया रजौन में वित्तीय अनियमितता और लंबित मांगों की अनदेखी का आरोप लगा है। तृतीय वर्गीय कर्मचारी कन्हैया लाल सिंह ने बिहार के राज्यपाल सह कुलाधिपति सहित संबंधित 11 विभागों को आवेदन भेजकर मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। आवेदन की प्रतिलिपि तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के कुलपति, उच्च शिक्षा मंत्री, जिला पदाधिकारी समेत अन्य अधिकारियों को भी दी गई है। आवेदन पर क्षेत्र के सैकड़ों लोगों के हस्ताक्षर किया गया है।आवेदन में वर्तमान प्रभारी प्राचार्य डॉ. महेंद्र प्रसाद सिंह के कार्यकाल से जुड़ी कई वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताओं का आरोप लगाया गया है। 20 लाख रुपए का हिसाब नहीं देने का आरोप शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि कॉलेज में इंटर नामांकन व प्रायोगिक परीक्षा शुल्क, बीए नामांकन और पंजीयन शुल्क सहित विभिन्न मदों की राशि कॉलेज के खाते में नियमित रूप से जमा नहीं की गई। शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मचारियों से अनुदान लाने के नाम पर करीब 20 लाख रुपए लेने और उसका हिसाब नहीं देने का भी आरोप लगाया गया है। शिकायत में कॉलेज के करीब चार करोड़ रुपए के फिक्स्ड डिपॉजिट का हिसाब स्पष्ट नहीं होने, संबंधन के नाम पर कॉलेज निधि से निकासी, सेमेस्टर परीक्षा शुल्क तथा बोनाफाइड प्रमाणपत्र के लिए निर्धारित शुल्क से अधिक राशि लेने का आरोप भी लगाया गया है। कॉलेज परिसर में खेल मैदान पर छात्रावास निर्माण और द्वितीय मंजिल पर करीब 1.50 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से शेड निर्माण की उपयोगिता व टेंडर प्रक्रिया की जांच की मांग की गई है। कार्रवाई नहीं होने पर आमरण अनशन की चेतावनी शिकायतकर्ता ने कहा कि 25 मई 2026 को भूख हड़ताल के दौरान प्राचार्य द्वारा मांगें पूरी करने का मौखिक आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रतिनिधि के मनोनयन और शासी निकाय की संरचना पर भी सवाल उठाए हैं। शिकायतकर्ता ने आरोपों की जांच तक किसी वरीय शिक्षक को प्रभार देने की मांग की है। आवेदन में चेतावनी दी गई है कि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं होने पर आमरण अनशन फिर से शुरू किया जाएगा। शिकायतकर्ता ने राज्यपाल से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।

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