बांका में रविवार को पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ किया गया। जिलाधिकारी अंशुल अग्रवाल ने बांका सदर अस्पताल में एक नवजात शिशु को पोलियो की खुराक पिलाकर इस अभियान की शुरुआत की। इस अवसर पर उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने पांच वर्ष तक के सभी बच्चों को पोलियो की निर्धारित खुराक अवश्य पिलाएं, ताकि उन्हें इस गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखा जा सके।स्वास्थ्य विभाग ने जिले में 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के कुल 3,85,063 बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। 822 घर-घर टीमों का गठन जिला स्वास्थ्य समिति के अनुसार, अभियान को सफल बनाने के लिए जिलेभर में 822 घर-घर टीमों का गठन किया गया है। ये टीमें अगले चरण में घर-घर जाकर बच्चों को पोलियो की दवा पिलाएंगी। इसके अतिरिक्त, 63 ट्रांजिट टीमें भी तैनात की गई हैं। ये टीमें बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, हाट-बाजार, ईंट-भट्ठों और अन्य भीड़भाड़ वाले स्थानों पर मौजूद रहेंगी, ताकि यात्रा के दौरान भी कोई बच्चा खुराक से वंचित न रहे। जिलाधिकारी ने इस अभियान को पोलियो उन्मूलन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि पोलियो की दो बूंद बच्चों के स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य की गारंटी है। उन्होंने प्रत्येक अभिभावक से अपील की कि वे अपने बच्चों को इस अभियान से जोड़ें और सुनिश्चित करें कि कोई भी बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित न रहे। छूटे बच्चों की खुराक सुनिश्चित करें जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मियों को निर्देश दिया कि वे अभियान के दौरान पूरी गंभीरता और तत्परता के साथ कार्य करें तथा घर-घर जाकर छूटे हुए बच्चों को भी पोलियो की दवा पिलाना सुनिश्चित करें। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने जानकारी दी कि जिले में पल्स पोलियो अभियान 28 जून से 2 जुलाई तक चलाया जाएगा। इस अवधि के दौरान बूथों के साथ-साथ घर-घर जाकर भी पांच वर्ष तक के सभी बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई जाएगी। अभियान के शुभारंभ कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के कई पदाधिकारी, चिकित्सक और स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित रहे।
बांका में पल्स पोलियो अभियान शुरू, डीएम ने पिलाई खुराक:5 वर्ष तक के बच्चों को खुराक की अपील, 3,85,063 का लक्ष्य
बांका में रविवार को पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ किया गया। जिलाधिकारी अंशुल अग्रवाल ने बांका सदर अस्पताल में एक नवजात शिशु को पोलियो की खुराक पिलाकर इस अभियान की शुरुआत की। इस अवसर पर उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने पांच वर्ष तक के सभी बच्चों को पोलियो की निर्धारित खुराक अवश्य पिलाएं, ताकि उन्हें इस गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखा जा सके।स्वास्थ्य विभाग ने जिले में 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के कुल 3,85,063 बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। 822 घर-घर टीमों का गठन जिला स्वास्थ्य समिति के अनुसार, अभियान को सफल बनाने के लिए जिलेभर में 822 घर-घर टीमों का गठन किया गया है। ये टीमें अगले चरण में घर-घर जाकर बच्चों को पोलियो की दवा पिलाएंगी। इसके अतिरिक्त, 63 ट्रांजिट टीमें भी तैनात की गई हैं। ये टीमें बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, हाट-बाजार, ईंट-भट्ठों और अन्य भीड़भाड़ वाले स्थानों पर मौजूद रहेंगी, ताकि यात्रा के दौरान भी कोई बच्चा खुराक से वंचित न रहे। जिलाधिकारी ने इस अभियान को पोलियो उन्मूलन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि पोलियो की दो बूंद बच्चों के स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य की गारंटी है। उन्होंने प्रत्येक अभिभावक से अपील की कि वे अपने बच्चों को इस अभियान से जोड़ें और सुनिश्चित करें कि कोई भी बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित न रहे। छूटे बच्चों की खुराक सुनिश्चित करें जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मियों को निर्देश दिया कि वे अभियान के दौरान पूरी गंभीरता और तत्परता के साथ कार्य करें तथा घर-घर जाकर छूटे हुए बच्चों को भी पोलियो की दवा पिलाना सुनिश्चित करें। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने जानकारी दी कि जिले में पल्स पोलियो अभियान 28 जून से 2 जुलाई तक चलाया जाएगा। इस अवधि के दौरान बूथों के साथ-साथ घर-घर जाकर भी पांच वर्ष तक के सभी बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई जाएगी। अभियान के शुभारंभ कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के कई पदाधिकारी, चिकित्सक और स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित रहे।

