बांका सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में एक डॉक्टर और युवक के बीच हुए विवाद के बाद हाथापाई की घटना से अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में मौजूद कुछ लोग डॉक्टर के व्यवहार पर सवाल उठा रहे हैं। मामले को लेकर स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में डॉ. दिनकर झा एक मरीज का उपचार कर रहे थे। इसी दौरान शहर के बाबूटोला निवासी ऋषभ मिश्रा एक घायल छात्र के परिजनों के साथ अस्पताल पहुंचे। बताया जाता है कि दोमुहान स्थित गोवाबखार निवासी 15 वर्षीय छात्र बिजली के करंट की चपेट में आने से घायल हो गया था, जिसे इलाज के लिए सदर अस्पताल लाया गया था। देखें, मौके से आई तस्वीरें… पढ़ें, क्या है पूरा मामला… इलाज में लापरवाही के आरोप पर बहस बताया जाता है कि परिजनों के साथ ऋषभ मिश्रा भी चिकित्सक कक्ष में प्रवेश कर गए। आरोप है कि उन्होंने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए डॉक्टर से बहस शुरू कर दी। उस समय इमरजेंसी वार्ड में डॉ. दिनकर झा के साथ डॉ. संजय कुमार सुमन भी मौजूद थे। देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच कहासुनी बढ़ गई और विवाद हाथापाई तक पहुंच गया। अस्पताल के सुरक्षा कर्मी ने बीच-बचाव किया वायरल वीडियो में युवक और चिकित्सक के बीच तीखी नोकझोंक होती दिखाई दे रही है। विवाद बढ़ने पर अस्पताल के सुरक्षा कर्मी बीच-बचाव के लिए पहुंचे और युवक को बाहर ले जाने का प्रयास किया। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच फिर बहस शुरू हो गई। आरोप है कि डॉक्टर अपने कक्ष से बाहर आए और युवक का कॉलर पकड़ लिया। जवाब में युवक ने भी डॉक्टर का कॉलर पकड़ लिया, जिसके बाद दोनों के बीच धक्का-मुक्की और हाथापाई होने लगी। सूचना पर अस्पताल पहुंची पुलिस घटना के बाद इमरजेंसी वार्ड में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। मौके पर मौजूद स्वास्थ्यकर्मियों और सुरक्षा कर्मियों ने हस्तक्षेप कर दोनों पक्षों को अलग किया और स्थिति को नियंत्रित किया। सूचना मिलने पर टाउन थाना पुलिस भी अस्पताल पहुंची और मामले की जानकारी ली। घटना से नाराज डॉक्टरों ने कुछ समय के लिए इमरजेंसी और ओपीडी सेवाएं बंद कर दीं। बाद में सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र कुमार के हस्तक्षेप के बाद सेवाएं पुनः बहाल कर दी गईं। डॉक्टर पर गाली-गलौज-मारपीट का आरोप वहीं, ऋषभ मिश्रा ने अपने ऊपर लगाए गए मारपीट के आरोपों को खारिज करते हुए डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही, गाली-गलौज और मारपीट का आरोप लगाया है। दूसरी ओर डॉ. दिनकर झा ने जिला प्रशासन को आवेदन देकर युवक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि अस्पताल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच से पूरे मामले की सच्चाई सामने आ जाएगी। सीएस बोले-जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र कुमार ने बताया कि मामले की जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि अस्पताल परिसर में इस प्रकार की घटनाएं दुर्भाग्यपूर्ण हैं और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाएगी।
बांका सदर अस्पताल में डॉक्टर-युवक में हाथापाई , VIDEO वायरल:इमरजेंसी-OPD सेवाएं बंद; CS बोले- 'निष्पक्ष जांच होगी'
बांका सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में एक डॉक्टर और युवक के बीच हुए विवाद के बाद हाथापाई की घटना से अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में मौजूद कुछ लोग डॉक्टर के व्यवहार पर सवाल उठा रहे हैं। मामले को लेकर स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में डॉ. दिनकर झा एक मरीज का उपचार कर रहे थे। इसी दौरान शहर के बाबूटोला निवासी ऋषभ मिश्रा एक घायल छात्र के परिजनों के साथ अस्पताल पहुंचे। बताया जाता है कि दोमुहान स्थित गोवाबखार निवासी 15 वर्षीय छात्र बिजली के करंट की चपेट में आने से घायल हो गया था, जिसे इलाज के लिए सदर अस्पताल लाया गया था। देखें, मौके से आई तस्वीरें… पढ़ें, क्या है पूरा मामला… इलाज में लापरवाही के आरोप पर बहस बताया जाता है कि परिजनों के साथ ऋषभ मिश्रा भी चिकित्सक कक्ष में प्रवेश कर गए। आरोप है कि उन्होंने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए डॉक्टर से बहस शुरू कर दी। उस समय इमरजेंसी वार्ड में डॉ. दिनकर झा के साथ डॉ. संजय कुमार सुमन भी मौजूद थे। देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच कहासुनी बढ़ गई और विवाद हाथापाई तक पहुंच गया। अस्पताल के सुरक्षा कर्मी ने बीच-बचाव किया वायरल वीडियो में युवक और चिकित्सक के बीच तीखी नोकझोंक होती दिखाई दे रही है। विवाद बढ़ने पर अस्पताल के सुरक्षा कर्मी बीच-बचाव के लिए पहुंचे और युवक को बाहर ले जाने का प्रयास किया। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच फिर बहस शुरू हो गई। आरोप है कि डॉक्टर अपने कक्ष से बाहर आए और युवक का कॉलर पकड़ लिया। जवाब में युवक ने भी डॉक्टर का कॉलर पकड़ लिया, जिसके बाद दोनों के बीच धक्का-मुक्की और हाथापाई होने लगी। सूचना पर अस्पताल पहुंची पुलिस घटना के बाद इमरजेंसी वार्ड में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। मौके पर मौजूद स्वास्थ्यकर्मियों और सुरक्षा कर्मियों ने हस्तक्षेप कर दोनों पक्षों को अलग किया और स्थिति को नियंत्रित किया। सूचना मिलने पर टाउन थाना पुलिस भी अस्पताल पहुंची और मामले की जानकारी ली। घटना से नाराज डॉक्टरों ने कुछ समय के लिए इमरजेंसी और ओपीडी सेवाएं बंद कर दीं। बाद में सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र कुमार के हस्तक्षेप के बाद सेवाएं पुनः बहाल कर दी गईं। डॉक्टर पर गाली-गलौज-मारपीट का आरोप वहीं, ऋषभ मिश्रा ने अपने ऊपर लगाए गए मारपीट के आरोपों को खारिज करते हुए डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही, गाली-गलौज और मारपीट का आरोप लगाया है। दूसरी ओर डॉ. दिनकर झा ने जिला प्रशासन को आवेदन देकर युवक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि अस्पताल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच से पूरे मामले की सच्चाई सामने आ जाएगी। सीएस बोले-जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र कुमार ने बताया कि मामले की जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि अस्पताल परिसर में इस प्रकार की घटनाएं दुर्भाग्यपूर्ण हैं और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाएगी।

