Monday, May 18, 2026

Top 5 This Week

Related Posts

बाबा बैद्यनाथ और पार्वती मंदिर से पंचशूल उतारे गए:मस्तक से स्पर्श करने के लिए उमड़ी भीड़; विशेष पूजा के बाद कल किए जाएंगे स्थापित


देवघर में महाशिवरात्रि से पहले बाबा बैद्यनाथ और मां पार्वती मंदिरों के शिखर से पंचशूलों को उतारा गया। शुक्रवार को यह प्राचीन परंपरा निभाई गई, जिसके तहत शनिवार को इन पंचशूलों की विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी। यह अनुष्ठान हर वर्ष महाशिवरात्रि से एक या दो दिन पहले होता है। दोपहर में भंडारी परिवार की देखरेख में भंडारियों की टीम ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पंचशूलों को नीचे उतारा। इसके बाद दोनों पंचशूलों का पारंपरिक मिलन कराया गया। इस दौरान मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे। भक्तों ने पंचशूलों को स्पर्श कर आशीर्वाद लिया और जयकारे लगाए। पहले देखिए कुछ तस्वीरें… यह परंपरा काफी प्राचीन
पंचशूलों की मंगलवार को विशेष पूजा-अर्चना होगी। दोनों मंदिरों के पंचशूलों को उतारने के बाद उनका मिलन कराया गया। यह परंपरा काफी प्राचीन है। इस दौरान पंचशूलों को स्पर्श करने के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। लोगों ने सिर सटाकर पंचशूलों को नमन किया और बाबा बैद्यनाथ और मैया पार्वती का आशीर्वाद लिया। पंचशूलों की पूजा एक घंटे तक चलेगी बैद्यनाथ मंदिर के मुख्य प्रबंधक रमेश परिहस्त ने बताया कि शनिवार को मंदिर कार्यालय स्थित राधाकृष्ण मंदिर के बरामदे में सभी मंदिरों से उतारे गए पंचशूलों की तांत्रिक विधि से विशेष पूजा की जाएगी। यह पूजा लगभग एक घंटे तक चलेगी, जिसके बाद आरती होगी। पूजा संपन्न होने के बाद गणेश मंदिर से पंचशूलों को पुनः शिखर पर स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। पवित्र गठबंधन को भी खोला गया
इस अवसर पर बैद्यनाथ मंदिर के सरदार पंडा गुलाबनंद ओझा ने भी पंचशूलों का नमन किया। पंचशूल उतारने के साथ ही बाबा बैद्यनाथ और मां पार्वती मंदिर के बीच स्थापित पवित्र गठबंधन को भी खोला गया। यह गठबंधन अखंड सुहाग का प्रतीक माना जाता है। गठबंधन का धागा प्राप्त करने के लिए श्रद्धालुओं में काफी उत्साह था। परंपरा के अनुसार, पंचशूलों के पुनः स्थापित होने के बाद मंदिर इस्टेट द्वारा गठबंधन की शुरुआत फिर से की जाएगी।

Spread the love

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Popular Articles