मुजफ्फरपुर में आज मोहर्रम को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड में है। बिना लाइसेंस किसी भी जुलूस के संचालन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा, जबकि डीजे बजाने की अनुमति नहीं होगी। संवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्च, ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी की जाएगी। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी 24 घंटे नजर रखी जाएगी ताकि किसी भी अफवाह या भ्रामक सूचना पर तत्काल कार्रवाई की जा सके। मंगलवार को समाहरणालय सभागार में आयोजित जिला शांति समिति की बैठक में जिलाधिकारी कुमार गौरव और वरीय पुलिस अधीक्षक कांतेश मिश्रा ने स्पष्ट किया कि मोहर्रम के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है प्रशासन ने शहर के पुराने और मिश्रित आबादी वाले इलाकों को अतिसंवेदनशील श्रेणी में चिह्नित किया है। इन क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल, दंडाधिकारी और विशेष निगरानी व्यवस्था लागू रहेगी। जुलूस मार्गों, प्रमुख चौक-चौराहों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सुरक्षा बलों की विशेष तैनाती की जाएगी।
SSP कांतेश कुमार मिश्रा के अनुसार 30 संवेदनशील जगह चिह्नित हैं। 3000 पुलिस बल के साथ साथ 100 मजिस्ट्रेट और 200 पुलिस पदाधिकारी की तैनाती हुई है। आधा दर्जन DSP करेंगे सुपर पेट्रोलिंग होगी। ड्रोन, सीसीटीवी और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग मुहर्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को तकनीकी रूप से भी मजबूत किया गया है। संवेदनशील क्षेत्रों में ड्रोन कैमरों से निगरानी की जाएगी, जबकि प्रमुख स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों से गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाएगी। साइबर सेल को विशेष रूप से अलर्ट मोड में रखा गया है। सोशल मीडिया पर भड़काऊ, आपत्तिजनक या अफवाह फैलाने वाले पोस्ट की निगरानी की जाएगी और दोषियों के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई होगी।
24 घंटे सक्रिय रहेगा जिला नियंत्रण कक्ष किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए जिला स्तर पर 24 घंटे कार्यरत रहने वाला जिला नियंत्रण कक्ष (कंट्रोल रूम) स्थापित किया गया है। यहां से पूरे जिले की गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी और किसी भी सूचना पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अफवाह की जानकारी तत्काल नियंत्रण कक्ष या पुलिस को दें। जिले में क्विक रिस्पांस टीम (क्यूआरटी) को पूरी तरह सक्रिय रखा जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर टीम तत्काल मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करेगी। इसके साथ ही पुलिस की ओर से संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार फ्लैग मार्च किया जाएगा ताकि लोगों में सुरक्षा का विश्वास बना रहे और असामाजिक तत्वों पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके। हथियारों के प्रदर्शन पर रोक, ताजिया के लिए नियम तय प्रशासन ने मोहर्रम के दौरान किसी भी प्रकार के हथियारों के सार्वजनिक प्रदर्शन पर रोक लगाने का निर्णय दोहराया है। ताजिया जुलूसों के लिए निर्धारित रूटलाइन का पालन अनिवार्य होगा। अधिकारियों को जुलूस मार्गों का भौतिक सत्यापन करने का निर्देश दिया गया है ताकि बिजली तार, सड़क की स्थिति और अन्य संभावित बाधाओं को समय रहते दूर किया जा सके। ताजिया की ऊंचाई को लेकर भी सुरक्षा मानकों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
डीएम-एसएसपी ने किया शहर का निरीक्षण मोहर्रम की तैयारियों का जायजा लेने के लिए जिलाधिकारी कुमार गौरव और एसएसपी कांतेश मिश्रा ने शहर के विभिन्न महत्वपूर्ण स्थलों का भ्रमण किया। उन्होंने कर्बला, कमरा मोहल्ला ईदगाह, दाता कंबल शाह मजार, रोहुआ और आपूच गौशाला सहित कई स्थानों का निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, बैरिकेडिंग और यातायात प्रबंधन की भी समीक्षा की गई।

