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भारत निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार दो दिवसीय बिहार दौरे पर शनिवार को पटना पहुंचे। पटना पहुंचते ही वह सीतामढ़ी के लिए रवाना हुए है। अपने दौरे के पहले दिन पटना में मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने बिहार की लोकतांत्रिक भूमिका और यहां हुए निर्वाचन कार्यों की सराहना की। ज्ञानेश कुमार ने कहा कि वे बिहार की इस पावन भूमि को नमन करने आए हैं। उन्होंने कहा कि देशभर में मतदाता सूची के शुद्धिकरण का काम हो रहा है, लेकिन इस दिशा में सबसे सफल आयोजन बिहार में हुआ था।
बिहार चुनाव का मतदान प्रतिशत कई देशों से अधिक- ज्ञानेश कुमार ज्ञानेश कुमार ने कहा, ‘वर्ष 2025 में बिहार में विधानसभा चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ और मतदान प्रतिशत आजादी के बाद से अब तक का सर्वाधिक रहा। बिहार में हुआ मतदान प्रतिशत दुनिया के कई देशों से भी अधिक रहा।’ मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने बिहार के मतदाताओं और निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों की भूमिका की सराहना करते हुए इसे लोकतांत्रिक सहभागिता का महत्वपूर्ण उदाहरण बताया। आज से शुरू होगा ज्ञानेश कुमार का दो दिवसीय कार्यक्रम मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में निर्वाचन आयोग का उच्चस्तरीय दल 16 और 17 अगस्त को बिहार के दौरे पर है। इस दौरान निर्वाचन साक्षरता को बढ़ावा देने के लिए Electoral Literacy Clubs यानी ELC के नए चरण ELC 2.0 की शुरुआत की जाएगी। मुख्य निर्वाचन आयुक्त विद्यार्थियों, शिक्षकों, बूथ लेवल अधिकारियों और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े जमीनी स्तर के अधिकारियों के साथ संवाद करेंगे। दौरे का उद्देश्य निर्वाचन प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी, आसान, पारदर्शी और सहभागी बनाने के साथ युवाओं को लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जोड़ना है। इसके लिए डिजिटल तकनीक और नए संचार माध्यमों के इस्तेमाल पर भी विशेष जोर दिया जाएगा। बिहार से होगी ELC 2.0 की औपचारिक शुरुआत बिहार दौरे के दौरान ELC 2.0 का औपचारिक शुभारंभ किया जाएगा। पटना के ज्ञान भवन में कल आयोजित होने वाले बड़े सम्मेलन में ELC 2.0 के लोगो का अनावरण किया जाएगा और इसके नए Working Framework की जानकारी दी जाएगी। सम्मेलन में ELC 2.0 की विजन, मिशन, प्रमुख विशेषताओं और कार्य-दृष्टिकोण को सामने रखा जाएगा। इसके साथ ही भारतीय निर्वाचन प्रक्रिया और ECINET प्लेटफॉर्म से संबंधित प्रस्तुतियां भी होंगी। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों और युवाओं को चुनाव प्रक्रिया की जानकारी देने के साथ उन्हें डिजिटल माध्यम से निर्वाचन प्रक्रिया से जोड़ना है। 2018 में शुरू हुआ था Electoral Literacy Clubs कार्यक्रम भारत निर्वाचन आयोग ने वर्ष 2018 में SVEEP कार्यक्रम के तहत Electoral Literacy Clubs की शुरुआत की थी। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों और युवा नागरिकों को लोकतांत्रिक मूल्यों, मतदाता अधिकारों, निर्वाचन प्रक्रिया और चुनाव आयोग की भूमिका के प्रति जागरूक करना था। अब बदलते डिजिटल युग और युवाओं के बढ़ते ऑनलाइन जुड़ाव को देखते हुए ELC को नए स्वरूप में विकसित किया गया है। ELC 2.0 के तहत स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में मौजूद ELC को पूरे साल सक्रिय, अनुभवात्मक और डिजिटल रूप से सक्षम मंच बनाया जाएगा। करीब 500 BLO से सीधे संवाद करेंगे मुख्य निर्वाचन आयुक्त 17 अगस्त की सुबह मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार नालंदा विश्वविद्यालय के सुभाष स्वराज सभागार में करीब 500 बूथ लेवल अधिकारियों यानी BLO से सीधे संवाद करेंगे। BLO मतदाता सूची और निर्वाचन प्रक्रिया के सबसे जमीनी स्तर पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। संवाद के दौरान BLO अपने अनुभव, जमीनी स्तर की चुनौतियां और मतदाता सूची एवं निर्वाचन प्रक्रिया को और सरल और प्रभावी बनाने के सुझाव मुख्य निर्वाचन आयुक्त के सामने रखेंगे। पिछले एक वर्ष के दौरान विभिन्न राज्यों के दौरे में भी ज्ञानेश कुमार ने BLO के साथ संवाद किया है। ज्ञान भवन में ELC 2.0 और ECINET पर बड़ा सम्मेलन पटना के ज्ञान भवन में कल ELC 2.0 और ECINET को लेकर एक दिवसीय सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इसमें बिहार के 400 से अधिक शैक्षणिक संस्थानों से हजारों विद्यार्थी और शिक्षक शामिल होंगे। विश्वविद्यालयों के कुलपति, कॉलेजों और स्कूलों के प्राचार्य तथा संस्थान प्रमुख भी सम्मेलन में भाग लेंगे। राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी कार्यक्रम में शामिल होंगे। बिहार के मुख्य सचिव, विकास आयुक्त, अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव और शिक्षा, स्वास्थ्य, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा तकनीकी शिक्षा विभागों के सचिव समेत कई वरिष्ठ अधिकारी सम्मेलन में मौजूद रहेंगे। मतदान प्रक्रिया का होगा लाइव डेमोंस्ट्रेशन ELC 2.0 सम्मेलन को केवल भाषण और प्रस्तुतियों तक सीमित नहीं रखा जाएगा। इसे अनुभवात्मक और सहभागी बनाने के लिए कई गतिविधियां आयोजित होंगी। इस दौरान BLO Stakeholder Video, मतदाता पंजीकरण की प्रक्रिया तथा मतदान और मतगणना प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रदर्शन किया जाएगा। प्रतिभागियों को ECINET के डिजिटल इकोसिस्टम की जानकारी दी जाएगी। साथ ही नए ELC पोर्टल के माध्यम से शैक्षणिक संस्थानों की ELC 2.0 में ऑनलाइन ऑनबोर्डिंग की प्रक्रिया भी दिखाई जाएगी। निर्वाचन आयोग की उपलब्धियों और नवाचारों की लगेगी प्रदर्शनी सम्मेलन में निर्वाचन आयोग की विभिन्न पहलों, नवाचारों और महत्वपूर्ण उपलब्धियों पर आधारित विशेष प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। इसके माध्यम से विद्यार्थियों और शिक्षकों को निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली, मतदाता जागरूकता कार्यक्रमों और चुनाव प्रक्रिया में तकनीक के इस्तेमाल की जानकारी दी जाएगी। 15 लाख स्कूल और 25 करोड़ विद्यार्थियों तक पहुंच बनाने का लक्ष्य ELC 2.0 के जरिए देश के विशाल शैक्षणिक नेटवर्क को निर्वाचन साक्षरता से जोड़ने की तैयारी है। देश में करीब 15 लाख विद्यालय, 25 करोड़ विद्यार्थी, एक करोड़ शिक्षक, लगभग 1,500 विश्वविद्यालय और करीब 70 हजार उच्च शिक्षण संस्थान हैं। निर्वाचन आयोग का लक्ष्य इस पूरे नेटवर्क के माध्यम से युवाओं को लोकतांत्रिक और निर्वाचन प्रक्रिया से जोड़ना है। युवाओं को सिर्फ मतदान के प्रति जागरूक करने के बजाय उन्हें चुनाव प्रक्रिया की पूरी जानकारी देने पर जोर होगा, ताकि वे अपने परिवार, संस्थान और समुदाय में निर्वाचन जागरूकता के दूत की भूमिका निभा सकें। ELC Registration और Onboarding Portal तैयार ELC 2.0 के लिए विशेष ELC Registration and Onboarding Portal तैयार किया गया है। इसके माध्यम से शैक्षणिक संस्थान ELC 2.0 से जुड़ सकेंगे। यह पोर्टल निर्वाचन आयोग की वेबसाइट और ECINET App के माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा। इस डिजिटल व्यवस्था से संस्थानों को ELC से जोड़ने और निर्वाचन साक्षरता से संबंधित गतिविधियों को ऑनलाइन तरीके से संचालित करने में मदद मिलेगी। मतदाता बनने से लेकर मतदान और मतगणना तक की मिलेगी जानकारी ELC 2.0 का फोकस सिर्फ मतदान के दिन वोट डालने तक सीमित नहीं रहेगा। युवाओं को मतदाता पंजीकरण, मतदाता सूची, मतदान प्रक्रिया, मतगणना और निर्वाचन आयोग की भूमिका समेत चुनाव प्रक्रिया के अलग-अलग चरणों की व्यावहारिक जानकारी दी जाएगी। डिजिटल माध्यमों के जरिए युवाओं तक निर्वाचन से जुड़ी सही और प्रमाणिक जानकारी पहुंचाने पर भी जोर दिया जाएगा। इससे फर्जी सूचनाओं और भ्रम की स्थिति को कम करने में मदद मिलेगी और युवा जागरूक मतदाता के रूप में अपनी भूमिका निभा सकेंगे। सीतामढ़ी, मधुबनी और वैशाली भी जाएंगे ज्ञानेश कुमार मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार बिहार दौरे के दौरान सीतामढ़ी के बाद मधुबनी और वैशाली भी जाएंगे। इन जिलों में वे जिला निर्वाचन तंत्र से जुड़े अधिकारियों के साथ संवाद करेंगे और निर्वाचन प्रक्रिया से संबंधित कार्यों की जानकारी लेंगे। इसके साथ ही वे बिहार की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत से जुड़े महत्वपूर्ण स्थलों का भी अवलोकन करेंगे। इस दौरे के जरिए निर्वाचन कार्यों की समीक्षा के साथ बिहार की सामाजिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान को समझने का अवसर भी मिलेगा।
