बिहार विधान परिषद की 10 सीटों पर नवनिर्वाचित MLC आज शपथ ग्रहण करेंगे। बिहार सरकार में मंत्री निशांत कुमार और भोजपुरी एक्टर पवन सिंह भी शपथ लेंगे। बिहार विधान परिषद के उप भवन (एनेक्सी) के मुख्य सभागार में शाम 4 बजे कार्यक्रम आयोजित किया गया है। 20 दिन पहले बीजेपी से 4, जेडीयू से 4, एलजेपी आर और राजद से 1-1 कैंडिडेट्स ने निर्विरोध जीत हासिल की थी। हालांकि मंत्री दीपक प्रकाश को NDA ने MLC नहीं बनाया। उनके मंत्री पद को लेकर कई कयास भी लगाए गए। दरअसल, 10 सीटों के लिए कुल 10 उम्मीदवारों ने ही नामांकन दाखिल किया था। सभी 10 निर्विरोध चुने गए थे। नीतीश कुमार की खाली सीट पर निर्वाचित हुए ललन प्रसाद ललन प्रसाद जनता दल (यूनाइटेड) के वरिष्ठ और जमीनी स्तर के नेता हैं। इस चुनाव में उन्हें सबसे हाई-प्रोफाइल सीट दी गई थी। वे बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार द्वारा खाली की गई सीट पर निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं। नीतीश कुमार के भरोसेमंद होने के कारण पार्टी ने उन पर भरोसा जताया है, जिससे मुख्यमंत्री के संसदीय क्षेत्र और संगठन में उनका कद काफी बढ़ गया है। पवन सिंह को भाजपा ने बनाया उम्मीदवार भोजपुरी सिनेमा के सुपरस्टार और गायक पवन सिंह का विधान परिषद के सदस्य (MLC) के रूप में यह संसदीय पदार्पण है। बीजेपी के केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण ने उन्हें बिहार एमएलसी चुनाव 2026 के लिए अपना आधिकारिक उम्मीदवार बनाया था। पवन सिंह की युवाओं में लोकप्रियता और जमीनी पकड़ को देखते हुए भाजपा ने उन्हें उच्च सदन में भेजकर शाहाबाद और भोजपुरी बेल्ट में अपने सामाजिक और राजनीतिक समीकरण को मजबूत करने का दांव खेला है। MLC बनने वाले बीजेपी-जेडीयू के चर्चित चेहरों के बारे में जानिए… राबड़ी देवी के बेहद करीबी हैं सुनील सिंह डॉ. सुनील कुमार सिंह राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सबसे मुखर और वरिष्ठ नेताओं में से एक हैं। वह पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के बेहद करीबी और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के सबसे भरोसेमंद सहयोगियों में गिने जाते हैं। सदन में अपनी तार्किक और आक्रामक बयानबाजी के लिए जाने जाते हैं। पार्टी ने उनके अनुभव और वफादारी को देखते हुए उन्हें दोबारा उच्च सदन में भेजने का फैसला किया। अशरफ अन्सारी लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के बिहार प्रदेश के कार्यकारी अध्यक्ष और मुख्य प्रवक्ता हैं। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने खुद उनके नाम की घोषणा करते हुए बताया था कि अशरफ अन्सारी स्वर्गीय रामविलास पासवान के समय से ही पार्टी के बेहद वफादार सिपाही रहे हैं। पार्टी संगठन को पूरे बिहार में मजबूत करने में उनकी बड़ी भूमिका रही है, जिसके इनाम के रूप में एनडीए गठबंधन के तहत उन्हें विधान परिषद भेजा गया है।
बिहार MLC शपथ ग्रहण: 10 नए सदस्य आज लेंगे शपथ:BJP से पवन सिंह, JDU से निशांत सहित 10 निर्विरोध चुने गए, विधान परिषद में कार्यक्रम
बिहार विधान परिषद की 10 सीटों पर नवनिर्वाचित MLC आज शपथ ग्रहण करेंगे। बिहार सरकार में मंत्री निशांत कुमार और भोजपुरी एक्टर पवन सिंह भी शपथ लेंगे। बिहार विधान परिषद के उप भवन (एनेक्सी) के मुख्य सभागार में शाम 4 बजे कार्यक्रम आयोजित किया गया है। 20 दिन पहले बीजेपी से 4, जेडीयू से 4, एलजेपी आर और राजद से 1-1 कैंडिडेट्स ने निर्विरोध जीत हासिल की थी। हालांकि मंत्री दीपक प्रकाश को NDA ने MLC नहीं बनाया। उनके मंत्री पद को लेकर कई कयास भी लगाए गए। दरअसल, 10 सीटों के लिए कुल 10 उम्मीदवारों ने ही नामांकन दाखिल किया था। सभी 10 निर्विरोध चुने गए थे। नीतीश कुमार की खाली सीट पर निर्वाचित हुए ललन प्रसाद ललन प्रसाद जनता दल (यूनाइटेड) के वरिष्ठ और जमीनी स्तर के नेता हैं। इस चुनाव में उन्हें सबसे हाई-प्रोफाइल सीट दी गई थी। वे बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार द्वारा खाली की गई सीट पर निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं। नीतीश कुमार के भरोसेमंद होने के कारण पार्टी ने उन पर भरोसा जताया है, जिससे मुख्यमंत्री के संसदीय क्षेत्र और संगठन में उनका कद काफी बढ़ गया है। पवन सिंह को भाजपा ने बनाया उम्मीदवार भोजपुरी सिनेमा के सुपरस्टार और गायक पवन सिंह का विधान परिषद के सदस्य (MLC) के रूप में यह संसदीय पदार्पण है। बीजेपी के केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण ने उन्हें बिहार एमएलसी चुनाव 2026 के लिए अपना आधिकारिक उम्मीदवार बनाया था। पवन सिंह की युवाओं में लोकप्रियता और जमीनी पकड़ को देखते हुए भाजपा ने उन्हें उच्च सदन में भेजकर शाहाबाद और भोजपुरी बेल्ट में अपने सामाजिक और राजनीतिक समीकरण को मजबूत करने का दांव खेला है। MLC बनने वाले बीजेपी-जेडीयू के चर्चित चेहरों के बारे में जानिए… राबड़ी देवी के बेहद करीबी हैं सुनील सिंह डॉ. सुनील कुमार सिंह राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सबसे मुखर और वरिष्ठ नेताओं में से एक हैं। वह पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के बेहद करीबी और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के सबसे भरोसेमंद सहयोगियों में गिने जाते हैं। सदन में अपनी तार्किक और आक्रामक बयानबाजी के लिए जाने जाते हैं। पार्टी ने उनके अनुभव और वफादारी को देखते हुए उन्हें दोबारा उच्च सदन में भेजने का फैसला किया। अशरफ अन्सारी लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के बिहार प्रदेश के कार्यकारी अध्यक्ष और मुख्य प्रवक्ता हैं। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने खुद उनके नाम की घोषणा करते हुए बताया था कि अशरफ अन्सारी स्वर्गीय रामविलास पासवान के समय से ही पार्टी के बेहद वफादार सिपाही रहे हैं। पार्टी संगठन को पूरे बिहार में मजबूत करने में उनकी बड़ी भूमिका रही है, जिसके इनाम के रूप में एनडीए गठबंधन के तहत उन्हें विधान परिषद भेजा गया है।

