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कैमूर जिले के मोहनिया स्थित मां दुर्गे इंडेन गैस एजेंसी के बाहर शुक्रवार को उपभोक्ताओं की लंबी कतार देखी गई। इस कतार में 79 वर्षीय उर्मिला चौबे भी शामिल थीं, जिन्होंने जिला प्रशासन की व्यवस्था पर सवाल उठाए। सहबाजपुर निवासी चौबे ने बताया कि उनके पति अस्वस्थ हैं और बच्चे बाहर रहते हैं। उन्होंने 21 मार्च को ऑनलाइन बुकिंग की थी, लेकिन गैस सिलेंडर घर नहीं पहुंचा, जिसके कारण उन्हें स्वयं लेने आना पड़ा। कर्मचारी पेड़ की छांव में कुर्सियों पर बैठे दिखे उर्मिला चौबे सहित कई उपभोक्ता कड़ी धूप में खड़े थे, जबकि गैस वितरण करने वाले कर्मचारी पेड़ की छांव में कुर्सियों पर बैठे दिखे। इस स्थिति पर उपभोक्ताओं ने असंतोष व्यक्त किया। जिला प्रशासन लगातार गैस की कमी न होने का दावा कर रहा है, लेकिन होम डिलीवरी की समस्या बनी हुई है। उपभोक्ताओं को सिलेंडर लेने के लिए एजेंसी के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि पिछले महीने भी एक युवती गैस लेने के दौरान गर्मी के कारण बेहोश हो गई थी, जिसके बाद भी स्थिति में सुधार नहीं हुआ। प्रशासन ने एजेंसी पर एक मजिस्ट्रेट तैनात किया कालाबाजारी रोकने के उद्देश्य से प्रशासन ने एजेंसी पर एक मजिस्ट्रेट तैनात किया है, हालांकि होम डिलीवरी की समस्या अभी भी बरकरार है। एजेंसी संचालक प्रदीप पटेल ने इस संबंध में बताया कि होम डिलीवरी धीरे-धीरे शुरू की जा रही है। उन्होंने गुरुवार को पुसौली में एक गाड़ी भेजने का जिक्र करते हुए कहा कि वे नियमानुसार वितरण कर रहे हैं। बुजुर्गों, महिलाओं और बीमार व्यक्तियों को हो रही परेशानी पर चिंता व्यक्त की स्थानीय निवासियों ने बढ़ती गर्मी के साथ ऐसी कतारों से बुजुर्गों, महिलाओं और बीमार व्यक्तियों को हो रही परेशानी पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने जिला प्रशासन से होम डिलीवरी को अनिवार्य करने और एजेंसी की वितरण व्यवस्था में सुधार के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग की है, ताकि उपभोक्ताओं को धूप में घंटों इंतजार न करना पड़े।


