आज भी मतदान केंद्रों पर विशेष गहन पुनरीक्षण कैंप रातू रोड के माउंट मोटर गली स्थित केबी बालिका विद्यालय में दोपहर में काफी लोगों की भीड़ लगी है। दरअसल, यहां मतदान केन्द्र है, जहां विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत मतदाताओं की मैपिंग की जा रही है। बीएलआे के पास मतदाता सूची में लोग अपना नाम खोज रहे हैं, लेकिन कई लोगों का नाम नहीं मिल रहा है। इसी बीच वहीं के निवासी मयंक राज ने बताया कि मेरा मैपिंग नहीं हो पा रहा है। क्योंकि मेरे पास 2003 का वोटर कार्ड नहीं है। ऐसे में मेरे पिता का नाम 2003 में होगा, तब मेरा मैपिंग हो पाएगा। लेकिन पिता का भी वोटर कार्ड नहीं मिला, उनका भी मैपिंग नहीं हो पाया। यहां भी नाम नहीं मिल रहा है। तभी भीड़ में खड़े महादेव प्रसाद गुप्ता ने कहा कि वर्ष 2003 में केबी बालिका स्कूल में वोट देते थे। 2005 में वे बरियातू शिफ्ट हो गए। पर जब यह मैपिंग शुरू हुई तो उनका नाम नहीं मिल रहा है। ऐसे दर्जनों लोग परेशान दिखे। हालांकि, मौके पर उपस्थित बीएलआे सभी मतदाताओं को परेशान नहीं होने की सलाह देती रहीं। लोग परेशान न हों, सभी की होगी मैपिंग: बीएलओ बीएलओ लीलांक्षी बाजपेयी ने कहा कि लोग पहले जागरूक नहीं थे। अभी लोगों में पैनिक का माहौल बन गया है कि कहीं उनका नाम तो नहीं कट जाएगा। कई लोग जानकारी के अभाव में आधार कार्ड लेकर आ रहे हैं, जबकि अभी वोटर कार्ड के अलावा किसी अन्य दस्तावेज की जरूरत नहीं है। कई लोगों को अपना बूथ तक नहीं पता है, लेकिन वे परेशान न हों। हमारे बूथ के वोटर नहीं होने के बावजूद, यदि वे सही जानकारी दे रहे हैं तो हम उनकी मैपिंग कर रहे हैं। जब बीएलओ संपर्क करें तो उन्हें सही जानकारी दें, आपकी मैपिंग हो जाएगी। 15 जून तक अंतिम मैपिंग, 30 से एसआईआर बीएलओ जेके द्विवेदी ने कहा कि जिनकी मैपिंग किसी कारणवश नहीं हो पा रही है, उनकी मैपिंग कुछ दिनों में शुरू की जाएगी। 15 जून तक हमें अंतिम चरण की मैपिंग डोर-टू-डोर जाकर करनी है। शिविर समाप्त होने के बाद हम फिर घर-घर जाकर अपने वोटरों से मिलेंगे और उनकी मैपिंग करेंगे। यदि किसी वोटर ने अपना निवास स्थान बदल लिया है, तो वे हमसे संपर्क करें, ताकि उनकी मैपिंग कर सकें। 30 जून से एसआईआर की प्रक्रिया शुरू होगी। उससे पहले 20 जून से एक सप्ताह तक बीएलओ और बीएलए-2 का प्रशिक्षण होगा, जिसमें छूट गए लोगों की मैपिंग कैसे करनी है, यह बताया जाएगा। इसके बाद हम लोगों के पास फॉर्म लेकर जाएंगे और सही दस्तावेजों के साथ दोबारा मैपिंग शुरू करेंगे।
बूथों पर मैपिंग के लिए कोई मां-पिता तो कोई सास-ससुर का नाम खोजते रहे
आज भी मतदान केंद्रों पर विशेष गहन पुनरीक्षण कैंप रातू रोड के माउंट मोटर गली स्थित केबी बालिका विद्यालय में दोपहर में काफी लोगों की भीड़ लगी है। दरअसल, यहां मतदान केन्द्र है, जहां विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत मतदाताओं की मैपिंग की जा रही है। बीएलआे के पास मतदाता सूची में लोग अपना नाम खोज रहे हैं, लेकिन कई लोगों का नाम नहीं मिल रहा है। इसी बीच वहीं के निवासी मयंक राज ने बताया कि मेरा मैपिंग नहीं हो पा रहा है। क्योंकि मेरे पास 2003 का वोटर कार्ड नहीं है। ऐसे में मेरे पिता का नाम 2003 में होगा, तब मेरा मैपिंग हो पाएगा। लेकिन पिता का भी वोटर कार्ड नहीं मिला, उनका भी मैपिंग नहीं हो पाया। यहां भी नाम नहीं मिल रहा है। तभी भीड़ में खड़े महादेव प्रसाद गुप्ता ने कहा कि वर्ष 2003 में केबी बालिका स्कूल में वोट देते थे। 2005 में वे बरियातू शिफ्ट हो गए। पर जब यह मैपिंग शुरू हुई तो उनका नाम नहीं मिल रहा है। ऐसे दर्जनों लोग परेशान दिखे। हालांकि, मौके पर उपस्थित बीएलआे सभी मतदाताओं को परेशान नहीं होने की सलाह देती रहीं। लोग परेशान न हों, सभी की होगी मैपिंग: बीएलओ बीएलओ लीलांक्षी बाजपेयी ने कहा कि लोग पहले जागरूक नहीं थे। अभी लोगों में पैनिक का माहौल बन गया है कि कहीं उनका नाम तो नहीं कट जाएगा। कई लोग जानकारी के अभाव में आधार कार्ड लेकर आ रहे हैं, जबकि अभी वोटर कार्ड के अलावा किसी अन्य दस्तावेज की जरूरत नहीं है। कई लोगों को अपना बूथ तक नहीं पता है, लेकिन वे परेशान न हों। हमारे बूथ के वोटर नहीं होने के बावजूद, यदि वे सही जानकारी दे रहे हैं तो हम उनकी मैपिंग कर रहे हैं। जब बीएलओ संपर्क करें तो उन्हें सही जानकारी दें, आपकी मैपिंग हो जाएगी। 15 जून तक अंतिम मैपिंग, 30 से एसआईआर बीएलओ जेके द्विवेदी ने कहा कि जिनकी मैपिंग किसी कारणवश नहीं हो पा रही है, उनकी मैपिंग कुछ दिनों में शुरू की जाएगी। 15 जून तक हमें अंतिम चरण की मैपिंग डोर-टू-डोर जाकर करनी है। शिविर समाप्त होने के बाद हम फिर घर-घर जाकर अपने वोटरों से मिलेंगे और उनकी मैपिंग करेंगे। यदि किसी वोटर ने अपना निवास स्थान बदल लिया है, तो वे हमसे संपर्क करें, ताकि उनकी मैपिंग कर सकें। 30 जून से एसआईआर की प्रक्रिया शुरू होगी। उससे पहले 20 जून से एक सप्ताह तक बीएलओ और बीएलए-2 का प्रशिक्षण होगा, जिसमें छूट गए लोगों की मैपिंग कैसे करनी है, यह बताया जाएगा। इसके बाद हम लोगों के पास फॉर्म लेकर जाएंगे और सही दस्तावेजों के साथ दोबारा मैपिंग शुरू करेंगे।

