बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ के आह्वान पर आज बेगूसराय कलेक्ट्रेट के दक्षिण द्वार पर शिक्षकों का विशाल धरना प्रदर्शन आयोजित किया गया। अलग-अलग कोटि के शिक्षकों की समस्याओं और मांगों को लेकर धरना हुई। इसकी अध्यक्षता जिलाध्यक्ष साकेत सुमन और संचालन प्रधान सचिव रामकल्याण पासवान ने किया। धरना सभा में वक्ताओं ने सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर आवाज उठाई और 22 सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा। जिलाध्यक्ष साकेत सुमन ने कहा कि राज्य के कई जिलों में आवंटन न होने के कारण नियोजित शिक्षकों को पिछले चार महीनों से वेतन नहीं मिला है। सभी कोटि के शिक्षकों को महीने की पहली तारीख को वेतन भुगतान किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने नियोजन नियमावली 2006 (संशोधित 2012 एवं 2020) के तहत नियोजित प्रारंभिक शिक्षकों को 12 साल की सेवा पर कालबद्ध प्रोन्नति मिले। स्नातक योग्यताधारी बेसिक ग्रेड शिक्षकों को 8 साल की सेवा पर स्नातक ग्रेड में प्रोन्नति दी जाए। स्नातक ग्रेड शिक्षकों को 5 साल की सेवा पूरी होने पर मध्य विद्यालय के हेड मास्टर पद पर प्रोन्नति दी जाए। स्थानांतरण का फायदा लेने की मांग की प्रधान सचिव रामकल्याण पासवान ने कहा कि सभी कोटि के शिक्षकों के लिए अंतर-जिला और जिला के भीतर ऐच्छिक और पारस्परिक स्थानांतरण प्रक्रिया तुरंत शुरू होनी चाहिए। दिव्यांग और महिला शिक्षकों को ऐच्छिक स्थानांतरण व पुरुष शिक्षकों को पारस्परिक स्थानांतरण का फायदा मिले। नियोजित, विशिष्ट शिक्षक, विद्यालय अध्यापक और प्रधानाध्यापक को सप्तम पुनरीक्षित वेतनमान के तहत स्वीकृत पे-बैंड-2 का पूर्ण वेतनमान लागू किया जाए। जिला मीडिया प्रभारी उपेन्द्र चौधरी ने मांग की है कि सभी शिक्षकों को पुरानी पेंशन योजना का फायदा दिया जाए। सक्षमता परीक्षा में शामिल नहीं होने वाले शिक्षकों को राज्यकर्मी की भांति सुविधाएं और सभी को कैशलेस चिकित्सा सुविधा मिले। तेघड़ा प्रखंड अध्यक्ष चंदन कुमार ने कहा कि शिक्षकों के ईपीएफ की कटौती वास्तविक मूल वेतन के आधार पर नियुक्ति तिथि से ही की जाए और इसे अद्यतन हस्तांतरित किया जाए। साहेबपुर कमाल प्रखंड अध्यक्ष सहजाद और चेरिया बरियारपुर प्रखंड अध्यक्ष डॉ. मोहन कुमार ने कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद अर्जित अवकाश का सवेतन लाभ मिले। शिक्षा विभाग के 22 नवंबर 2025 के आदेश (ज्ञापांक-4208) के बावजूद कई जिलों में वेतन संरक्षण का लाभ नहीं मिल रहा है, जिसे तुरंत लागू कर पे-मैट्रिक्स निर्धारित किया जाए और सभी बकाया एरियर का भुगतान हो। फिर से बहाल कर वेतन देने की मांग जिला सचिव दिलीप कुमार ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के आलोक में सेवामुक्त अप्रशिक्षित शिक्षकों को फिर से बहाल कर उनका वेतन दिया जाए। अनुकंपा के मामलों का जल्द निपटारा हो और विद्यालय सहायकों (लिपिक) व परिचारियों को राज्यकर्मी का दर्जा मिले। जिला उपाध्यक्ष रंजीत कुंवर ने पहले की तरह हिंदी स्कूलों में शनिवार और उर्दू स्कूलों में गुरुवार को हाफ-डे व्यवस्था लागू करने की मांग की। शिक्षक नेता साकेत कुमार सिंह ने रसोइयों को सम्मानजनक वेतन देने और 2019, 2023 एवं 2024 के आंदोलनों के दौरान काटे गए वेतन को वापस करने की मांग की। बरौनी प्रखंड अध्यक्ष सुरेश राय ने कहा कि TET, CTET, STET और दक्षता परीक्षा को लेकर फैले भ्रम को सरकार स्पष्ट आदेश जारी कर दूर करे। शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए प्रखंड स्तर पर मासिक तथा जिला एवं राज्य स्तर पर त्रैमासिक संघ प्रतिनिधियों के साथ नियमित बैठक हो।
बेगूसराय में शिक्षकों ने दिया महाधरना:4 महीने का बकाया वेतन देने की मांग, कहा- 5 साल की सेवा पूरी होने पर प्रमोशन मिले
बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ के आह्वान पर आज बेगूसराय कलेक्ट्रेट के दक्षिण द्वार पर शिक्षकों का विशाल धरना प्रदर्शन आयोजित किया गया। अलग-अलग कोटि के शिक्षकों की समस्याओं और मांगों को लेकर धरना हुई। इसकी अध्यक्षता जिलाध्यक्ष साकेत सुमन और संचालन प्रधान सचिव रामकल्याण पासवान ने किया। धरना सभा में वक्ताओं ने सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर आवाज उठाई और 22 सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा। जिलाध्यक्ष साकेत सुमन ने कहा कि राज्य के कई जिलों में आवंटन न होने के कारण नियोजित शिक्षकों को पिछले चार महीनों से वेतन नहीं मिला है। सभी कोटि के शिक्षकों को महीने की पहली तारीख को वेतन भुगतान किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने नियोजन नियमावली 2006 (संशोधित 2012 एवं 2020) के तहत नियोजित प्रारंभिक शिक्षकों को 12 साल की सेवा पर कालबद्ध प्रोन्नति मिले। स्नातक योग्यताधारी बेसिक ग्रेड शिक्षकों को 8 साल की सेवा पर स्नातक ग्रेड में प्रोन्नति दी जाए। स्नातक ग्रेड शिक्षकों को 5 साल की सेवा पूरी होने पर मध्य विद्यालय के हेड मास्टर पद पर प्रोन्नति दी जाए। स्थानांतरण का फायदा लेने की मांग की प्रधान सचिव रामकल्याण पासवान ने कहा कि सभी कोटि के शिक्षकों के लिए अंतर-जिला और जिला के भीतर ऐच्छिक और पारस्परिक स्थानांतरण प्रक्रिया तुरंत शुरू होनी चाहिए। दिव्यांग और महिला शिक्षकों को ऐच्छिक स्थानांतरण व पुरुष शिक्षकों को पारस्परिक स्थानांतरण का फायदा मिले। नियोजित, विशिष्ट शिक्षक, विद्यालय अध्यापक और प्रधानाध्यापक को सप्तम पुनरीक्षित वेतनमान के तहत स्वीकृत पे-बैंड-2 का पूर्ण वेतनमान लागू किया जाए। जिला मीडिया प्रभारी उपेन्द्र चौधरी ने मांग की है कि सभी शिक्षकों को पुरानी पेंशन योजना का फायदा दिया जाए। सक्षमता परीक्षा में शामिल नहीं होने वाले शिक्षकों को राज्यकर्मी की भांति सुविधाएं और सभी को कैशलेस चिकित्सा सुविधा मिले। तेघड़ा प्रखंड अध्यक्ष चंदन कुमार ने कहा कि शिक्षकों के ईपीएफ की कटौती वास्तविक मूल वेतन के आधार पर नियुक्ति तिथि से ही की जाए और इसे अद्यतन हस्तांतरित किया जाए। साहेबपुर कमाल प्रखंड अध्यक्ष सहजाद और चेरिया बरियारपुर प्रखंड अध्यक्ष डॉ. मोहन कुमार ने कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद अर्जित अवकाश का सवेतन लाभ मिले। शिक्षा विभाग के 22 नवंबर 2025 के आदेश (ज्ञापांक-4208) के बावजूद कई जिलों में वेतन संरक्षण का लाभ नहीं मिल रहा है, जिसे तुरंत लागू कर पे-मैट्रिक्स निर्धारित किया जाए और सभी बकाया एरियर का भुगतान हो। फिर से बहाल कर वेतन देने की मांग जिला सचिव दिलीप कुमार ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के आलोक में सेवामुक्त अप्रशिक्षित शिक्षकों को फिर से बहाल कर उनका वेतन दिया जाए। अनुकंपा के मामलों का जल्द निपटारा हो और विद्यालय सहायकों (लिपिक) व परिचारियों को राज्यकर्मी का दर्जा मिले। जिला उपाध्यक्ष रंजीत कुंवर ने पहले की तरह हिंदी स्कूलों में शनिवार और उर्दू स्कूलों में गुरुवार को हाफ-डे व्यवस्था लागू करने की मांग की। शिक्षक नेता साकेत कुमार सिंह ने रसोइयों को सम्मानजनक वेतन देने और 2019, 2023 एवं 2024 के आंदोलनों के दौरान काटे गए वेतन को वापस करने की मांग की। बरौनी प्रखंड अध्यक्ष सुरेश राय ने कहा कि TET, CTET, STET और दक्षता परीक्षा को लेकर फैले भ्रम को सरकार स्पष्ट आदेश जारी कर दूर करे। शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए प्रखंड स्तर पर मासिक तथा जिला एवं राज्य स्तर पर त्रैमासिक संघ प्रतिनिधियों के साथ नियमित बैठक हो।

