भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) पश्चिम चंपारण के तत्वावधान में हजारों लोगों ने जिला पदाधिकारी के समक्ष 17 सूत्रीय मांगों को लेकर विशाल धरना-प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में गरीब, भूमिहीन, मजदूर, किसान, महिलाएं और फुटपाथी दुकानदार बड़ी संख्या में शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने बेतिया राज सहित बकास्त जमीन पर वर्षों से बसे गरीबों और भूमिहीनों को उजाड़ने के प्रयासों का कड़ा विरोध किया। उन्होंने मांग की कि उन्हें बेदखल करने के बजाय जमीन का मालिकाना हक प्रदान किया जाए। पारदर्शी व्यवस्था लागू करने की मांग की
सभा में घरेलू गैस की कालाबाजारी का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। लोगों ने गैस एजेंसियों पर मनमानी और आपूर्ति में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए पारदर्शी व्यवस्था लागू करने की मांग की। फुटपाथी दुकानदारों की समस्याओं को उठाते हुए कहा गया कि बिना वैकल्पिक व्यवस्था के उन्हें हटाना अनुचित है। प्रदर्शनकारियों ने बिजली बिल वृद्धि वापस लेने, अंचलों में भ्रष्टाचार पर रोक लगाने और अवैध नर्सिंग होम तथा जांच केंद्रों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। परियोजना को शीघ्र पूरा करने की मांग भी की
इसके अतिरिक्त, जर्जर सड़कों की मरम्मत, बेतिया-नौतन सड़क के चौड़ीकरण और छावनी से नरकटियागंज तक अधूरी सड़क परियोजना को शीघ्र पूरा करने की मांग भी की गई। सामाजिक सुरक्षा के तहत विधवाओं, वृद्धों और दिव्यांगों के लिए पेंशन, किसानों की कर्ज माफी और मनरेगा के तहत 200 दिन के रोजगार की गारंटी की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। सभा को संबोधित करते हुए भाकपा जिला सचिव ओम प्रकाश क्रांति ने भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि गरीबों के अधिकारों से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।