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भरत भूषण तिवारी के एनकाउंटर मामले को लेकर 5 जुलाई को भोजपुर के जगदीशपुर में बहुजन महापंचायत होनी थी। लेकिन जिस जगह आयोजन होना था, वहां अनुमति नहीं मिली। प्रिंसिपल ने पहले के आदेश को रद्द कर दिया है। जिस वजह से इस महापंचायत को रद्द कर दिया गया है। मांझी का यू टर्न इस कार्यक्रम में हम पार्टी के संरक्षक और केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी ने आने का ऐलान किया था। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर ‘देश की जनता करें पुकार, बहुजन एकता अबकी बार’ का नारा देते हुए इस महापंचायत में शामिल होने की घोषणा की थी। ‘न्यायिक आयोग की रिपोर्ट आने तक टिप्पणी करना उचित नहीं’ अब यू टर्न लेते हुए कहा, ‘राज्यहित और सामाजिक सरोकारों को ध्यान में रखते हुए आयोजकों को बड़ा दिल दिखाना चाहिए।’ कुछ लोग इस फिराक में हैं कि कुछ भी गलत हो और उसका ठीकरा हमारे सिर फोड़ दिया जाए। यह समय बड़ा दिल दिखाने का है। जब तक न्यायिक आयोग की रिपोर्ट नहीं आ जाती, तब तक किसी भी तरह की टिप्पणी या निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।’ ‘महापंचायत को लेकर असमंजस की स्थिति में डाला गया’ वहीं, वारिसलीगंज से विधायक अनिता देवी के पति आरजेडी नेता अशोक महतो ने भी इस कार्यक्रम से दूरी बना ली है। उन्होंने फेसबुक पर लिखा, ‘इस पोस्ट के माध्यम से आप सभी को एक अत्यंत महत्वपूर्ण निर्णय से अवगत कराना चाहता हूं। आगामी ‘बहुजन महापंचायत’ कार्यक्रम में मेरी उपस्थिति को लेकर जो चर्चाएं चल रही थीं, उन पर अब पूर्ण विराम लग चुका है। मैं इस बहुजन महापंचायत में शामिल नहीं हो रहा हूं।’ पिछले कुछ दिनों से कुछ लोगों द्वारा मुझे इस कार्यक्रम के उद्देश्यों और रूपरेखा को लेकर दिग्भ्रमित किया गया था। सही तथ्यों और वास्तविक परिस्थितियों को सामने न रखकर, मुझे असमंजस की स्थिति में डाला गया। लेकिन जब पूरे मामले की गहराई से समीक्षा की गई और वास्तविक एजेंडा सामने आया, तब मुझे स्थिति की गंभीरता का एहसास हुआ।
