सीवान में 27 मई को मंगेतर ने अपने बॉयफ्रेंड के साथ मिलकर युवक पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी। घटना के 19 दिन बाद 15 जून को गोरखपुर में घायल की इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजन का आरोप है कि घटना के बाद नामजद प्राथमिकी दर्ज होने के बावजूद पुलिस ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है। मेरे बेटे की मौत हो गई फिर भी उसके कातिल खुलेआम घूम रहे हैं। मृतक की पहचान नंदकिशोर रावत के बेटे आदित्य कुमार रावत (25) के रूप में हुई है। मौत से पहले आदित्य ने शादी तय होने से लेकर उसे आग लगाने तक की पूरी घटनाक्रम बताई थी। आदित्य ने बताया था कि, मेरी मंगेतर और ससुरालवालों ने मुझे मिलने के लिए अपने घर पर बुलाया। वहां पहले से ही मेरी होने वाली पत्नी का बॉयफ्रेंड सचिन मौजूद था। जैसे ही मैं अंदर पहुंचा उनलोगों ने गाली-गलौज शुरू कर दी। इतने ही देर में सचिन ने पीछे से मेरे ऊपर पेट्रोल छिड़क दिया और तुरंत आग लगा दी। मैंने दर्द से चिल्लाना शुरू कर दिया…मौके पर पहुंचे पड़ोसियों ने किसी तरह मेरी जान बचाई। मुझे अस्पताल में भर्ती कराया। आदित्य ने कहा था कि, शादी से पहले हर किसी का रिलेशन होता है। इसका मतलब ये नहीं है कि वो व्यक्ति गलत हो। इसी वजह से मैंने अपनी होने वाली पत्नी पर भरोसा किया था। पहले जानिए, क्या है मामला दरअसल, 27 मई की रात आदित्य अपनी मंगेतर और ससुराल वालों के साथ थावे मंदिर घूमने गया था। पूरे दिन वहां पूजा-पाठ करने और घूमने के बाद वो शाम 4 बजे अपने जिला लौटा। इस दौरान लड़की और उसके परिवार वाले अपने घर चले गए। आदित्य को ऑफिस में कुछ काम था तो वो वहां चला गया। शाम करीब 8 बजे आदित्य को मंगेतर के बॉयफ्रेंड सचिन का फोन आया। उसने धमकी दी की आज तुम्हारी होने वाली बीवी को अपने साथ भगाकर ले जाऊंगा। तुम कुछ नहीं कर पाओगे। इतना सुनते ही आदित्य घबरा गया। उसने तुरंत बाइक उठाई और अपने ससुराल चला गया। वहां मंगेतर और उसके बॉयफ्रेंड ने मिलकर आदित्य के साथ खूब मारपीट की। इसके बाद उसे जिंदा जलाने की कोशिश की, लेकिन वो बच गया। घटना सीवान के बड़हरिया थाना क्षेत्र के पुरैना गांव का है। कब हुई थी इंगेजमेंट, कब होने वाली थी शादी आदित्य ने बताया कि, मैं लैब टेक्निशियन के रूप में सीवान में ही जॉब करता हूं। इस बीच पापा ने मेरी शादी सीवान के ही पुरैना गांव की रहने वाली एक लड़की से कर दी। वो अभी ग्रेजुएशन कर रही है। 23 जनवरी 2026 को मंदिर में हमारी इंगेजमेंट हुई। इस दौरान हमारे परिवार के खास लोग उसमें शामिल हुए। सगाई के बाद हमारा परिवार शादी की तैयारियों में जुट गया। इस बीच 1 मई को मेरे फोन पर अनजान नंबर से 15 मिस्ड कॉल आए। जब मैंने कॉल बैक किया तो दूसरी तरफ से एक युवक ने गाली-गलौज शुरू कर दी। उसने धमकी देते हुए कहा, मेरी गर्लफ्रेंड को छोड़ दो। उसकी तरफ देखना भी मत, वह मेरी है और उससे सिर्फ मैं ही शादी करूंगा।
3 साल से चल रहा था अफेयर आदित्य ने आगे बताया, इस लड़के के बारे में जब मैंने पता किया तो जानकारी मिली की फोन पर गाली-गलौज करने वाला युवक सचिन है। वो बिहार से बाहर रहकर किसी कंपनी में काम करता है। उसका मेरी होने वाली पत्नी से 3 साल से अफेयर चल रहा था। दोनों एक साथ कॉलेज में पढ़ते थे, लेकिन इस बीच लड़की की शादी उसके घरवालों ने मुझसे तय कर दी थी। लड़का, लड़की से छोटी जाति का है। इसी वजह से उसके घरवाले इस शादी के खिलाफ थे। जब मैंने अपनी होने वाली पत्नी से इस बारे में बात की तो उसने कुछ नहीं बताया। वो मेरी बात सुनने के बाद अचानक रोने लगी। इसके बाद मैंने उसे चुप करवाया और कहा, अब उससे बात मत करना। हमलोगों की शादी फिक्स हो गई है। 15 मई को पता चला वो लगातार बॉयफ्रेंड से कर रही थी बातें 15 मई को फिर जानकारी मिली की वो सचिन से फोन पर लगातार बातें कर रही है। सचिन मुझे लगातार जान से मारने की धमकी दे रहा था। इन बातों से परेशान होकर मैंने अपने घरवालों को इस बारे में बताया। पहले सोचा था लड़की की इज्जत खराब होगी, इसलिए घरवालों को नहीं बताया था, लेकिन बार-बार धमकी मिलने से मैं परेशान हो गया था। इसके बाद मेरे पापा ने लड़की और उसके घरवालों से बात की। उन्हें सब कुछ अच्छे से समझाया। इस दौरान भी लड़की रोने लगी। तब उसके माता-पिता ने कहा, मैं अपनी बेटी को समझाता हूं। आप शादी मत तोड़िएगा। इसी दौरान परिवारवालों ने प्लान किया कि दोनों फैमिली थावे मंदिर जाकर पूजा करेंगे। बुधवार की सुबह 6 बजे मैं, वो और दोनों की फैमिली एक साथ थावे मंदिर भगवान के दर्शन के लिए पहुंचे। दर्शन करने के बाद शाम 4 बजे मैं काम से ऑफिस चला गया। रात 8 बजे मुझे मेरी मंगेतर का फोन आया, उसने कहा- मां-पापा खाना खाने के लिए घर बुला रहे हैं। वहीं, उसके बॉयफ्रेंड ने मुझे फोन कर कहा, आज रात तुम्हारी मंगेतर को मैं अपने साथ भगाकर ले जा रहा हूं। सचिन ने मेरे शरीर में आग लगा दी ये बात सुनते ही मैं परेशान हो गया। रात 9 अपनी बाइक से मैं अपने मंगेतर के घर के जाने के लिए निकल गया। वहां पहुंचा तो देखा कि मेरी मंगेतर उसके परिवार वाले और सचिन एक साथ वहां मौजूद हैं। मैं परिवार वालों से बात करने लगा, इसी दौरान सचिन ने पीछे से मेरे ऊपर पेट्रोल डाला और आग लगा दी। मेरी शरीर में आग पकड़ लिया, जिसके बाद मैंने चिल्लाना शुरू कर दिया। आवाज सुनकर अगल-बगल वाले मौके पर पहुंचे। उनको देख सभी लोग मौके पर से फरार हो गए। पड़ोसियों ने मेरे घरवालों को घटना की जानकारी दी। मौके पर पहुंचे पिता ने मुझे अस्पताल में भर्ती करवाया। मृतक के पिता नंदकिशोर रावत ने आरोप लगाया है कि घटना के तुरंत बाद युवती, उसके प्रेमी सचिन और अन्य परिजनों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। इसके बावजूद पुलिस ने 19 दिनों तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। मेरे बेटे की मौत हो गई, इसके बाद भी आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच, आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और कड़ी से कड़ी सजा की मांग की है। इस घटना के बाद पूरे इलाके में चर्चा और आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते पुलिस सख्त कार्रवाई करती तो शायद पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद मजबूत होती। वहीं जब मुफ्फसिल थाना प्रभारी उपेंद्र सिंह से बात की गई तो उनका कहना था कि युवक खुद से आग लगाया था। इसलिए इसमें किसी पर कार्रवाई नहीं बनती है। हालांकि, आवेदन के आलोक में मामला दर्ज कर लिया गया है।
