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जिले भर में दस दिनी दुर्गा पूजा उत्सव बुधवार को मां दुर्गा की विदाई के साथ संपन्न हुआ। सुबह से देर रात तक प्रतिमाओं के विसर्जन का दौर चला। पहली बेला में अधिकतर ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिमा विसर्जन का कार्यक्रम हुआ। दोपहर बाद शहर में प्रतिमा विसर्जन का कार्यक्रम हुआ। शहर व आसपास के लगभग तीन दर्जन पूजा पंडालों के लोगों ने बाजे-गाजे के साथ पूरे उत्साह से नाचते-गाते विसर्जन जुलूस निकाला। इससे पहले दशमी पर इक्का-दुक्का समितियों ने ही प्रतिमा विसर्जन किया था। बड़ा तालाब, ठाकुराईन तालाब सहित विभिन्न जलाशयों में प्रतिमाओं का विसर्जन हुआ। वहीं बड़ा तालाब के निकट विसर्जन के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एसडीपीओ श्रद्धा केरकेट्टा, सदर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर रत्नेश मोहन ठाकुर सहित सशस्त्र बल देर रात तक तैनात रहे। शहर व आसपास के तीन दर्जन से अधिक पूजा पंडालों में महाष्टमी की पूजा में भक्तों की उल्लेखनीय भीड़ जुटी। विशेषकर महिलाएं संधि बलि व अन्य धार्मिक अनुष्ठानों में शामिल हुईं। बाजे-गाजे के साथ परंपरागत रूप से भतुए और ईख की बलि देकर मां शक्ति को अर्पित किया गया। दुर्गा बाड़ी, श्रीश्री सिद्धि धात्री दुर्गा मंदिर, बौली बगीचा, जय मां दुर्गा पूजा समिति थाना परिसर आदि में विशेष उत्साह के साथ भक्त उमड़े। दुर्गा पूजा के मौके पर पूजा पंडालों और ठाकुरबाड़ी मंदिर परिसर में भंडारे का आयोजन हुआ। भंडारों में देर शाम तक भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। महाष्टमी को श्रीश्री दुर्गा बाड़ी में भंडारा आयोजित हुआ। महानवमी को जय मां दुर्गा पूजा समिति थाना परिसर में भंडारा आयोजित हुआ। सभी भंडारों में हजारों भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। इसे संबंधित पूजा समितियों से जुड़े लोगों ने अपनी सक्रियता से सफल बनाया। सभी पूजा पंडालों ने परंपरागत ढंग से नवपत्रिका विसर्जन मंगलवार को किया। इसे लेकर सभी पूजा पंडालों से निकटतम तालाबों व अन्य जलाशयों में नवपत्रिका को विसर्जन के लिए बाजे-गाजे के साथ जुलूस की शक्ल में ले जाया गया। श्रीश्री दुर्गा बाड़ी और थाना परिसर में विसर्जन जुलूस निकलने से पहले महिलाओं के बीच सिंदूर खेला का पारंपरिक उत्साह दिखा। भक्तों ने नाचते-गाते बड़ा तालाब में नवपत्रिका का विसर्जन परंपरागत रूप से किया।
मईयां हो कैसे हम करबे विदाई….गीत के साथ मां दुर्गा को दी नम आंखों से विदाई

